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बेटे की मौत भी नहीं तोड़ पाई पिता का बुलंद हौंसला, दो महीने बाद फिर खुला श्रीनगर का कृष्णा ढाबा
Wed, 14 Apr 2021 12:46 PM IST
करिश्मा चिब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: करिश्मा चिब
Updated Wed, 14 Apr 2021 12:46 PM IST
सार
श्रीनगर का बहुत ही बेहतरीन और मशहूर है कृष्णा वैष्णो भोजनालय। आतंकी हमले के दो महीने बाद फिर से ढाबे को खोल दिया गया है।
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कृष्णा ढाबा श्रीनगर
- फोटो : ani
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विस्तार
कश्मीर में दो महीने पहले आतंकियों द्वारा चलाई गई गोलियों में अपने बेटे को खो चुके रमेश कुमार बिना हिम्मत हारे बुलंद हौंसले के साथ घाटी में वापिस लौट आए हैं। उन्होंने उसी जगह वापिस जाकर अपने ढाबे को फिर एक बार खोल दिया है, जहां पर उनके बेटे आकाश मेहरा को 17 फरवरी को आतंकियों ने गोली मार दी थी। श्रीनगर में स्थित बहुत ही मशहूर है कृष्णा वैष्णो भोजनालय, जहां हर कोई जाकर खाना पसंद करता है।
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17 फरवरी को कुछ आतंकियों ने इसी ढाबे में जाकर संचालक के बेटे आकाश मेहरा को गोली मार दी थी। गंभीर रूप से घायल होने के बाद वह दस दिन तक अस्पताल में जीवन और मौत से जूझते रहे और 28 फरवरी को उन्होंने दम तोड़ दिया। इस हमले में तीन ओजीडब्ल्यू शामिल थे। जिन्हें हमले के एक सप्ताह के भीतर ही कश्मीर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।
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आतंकियों की ओर से कृष्णा ढाबा संचालक के बेटे की हत्या के दो महीने तक यह भोजनालय बंद रहा। वहीं मंगलवार से पहले नवरात्रे के पावन अवसर पर ढाबे को फिर से खोल दिया गया। संचालक रमेश कुमार का कहना है कि वह घाटी में अपने को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उनका कहना था कि यह वही जगह है, जहां पर वह पैदा हुए और इसी जगह पर बड़े हुए हैं। उन्हें इस जगह पर किसी प्रकार का कोई खतरा नहीं है।