Kishtwar : वीडीजी कुलदीप कुमार और नजीर अहमद का पार्थिव शरीर ओहली-कुंटवाड़ा गांव पहुंचा, माहौल गमगीन
सात नवंबर को किश्तवाड़ के वन क्षेत्र में कुलदीप कुमार की हत्या कर दी गई थी। वारदात की जिम्मेदारी आतंकी संगठन कश्मीर टाइगर्स ने ली है।
विस्तार
वीडीजी कुलदीप कुमार और नजीर अहमद का पार्थिव शरीर जम्मू-कश्मीर में उनके गांव ओहली-कुंटवाड़ा पहुंच गया है। सात नवंबर को किश्तवाड़ के वन क्षेत्र में कुलदीप कुमार और नजीर की हत्या कर दी गई थी। वारदात की जिम्मेदारी आतंकी संगठन कश्मीर टाइगर्स ने ली है।
#WATCH | Kishtwar, J&K: Mortal remains of Village Defence Guard Kuldeep Kumar brought to his residence in Ohli-Kuntwara village
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Kuldeep Kumar was killed on November 7 in the forest area of Kishtwar pic.twitter.com/dT94JSFZGU — ANI (@ANI) November 8, 2024
सूत्रों के अनुसार, आतंकी वीरवार को गांव में घुसे और कुलदीप व नजीर को अपने साथ लेते गए। जंगल में ले जाकर दोनों को गोली मार दी। दोनों शव बरामद कर लिए गए हैं। वायरल फोटो में दोनों युवकों की आंखों पर पट्टी बंधी हुई है, साथ ही उनके हाथ भी पीछे बंधे हुए हैं।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला व नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने घटना की निंदा करते हुए इसे बर्बर घटनाक्रम बताया है। उन्होंने मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति दुख जताते हुए संवेदना प्रकट की है।
वीडीजी के हत्यारों की तलाश में अतिरिक्त सुरक्षाबल और ड्रोन उतारे
कोंतवाड़ा क्षेत्र के घने जंगल में मारे गए दो ग्राम रक्षा गार्डों के हत्यारे आतंकियों की तलाश में शुक्रवार को इलाके में अतिरिक्त सुरक्षाबल उतारा गया है। सुरक्षाबल ड्रोन और खोजी कुत्तों का इस्तेमाल कर रहे हैं। दोनों वीडीजी के शव जंगल में एक नाले से मिले हैं। दोनों शव देर शाम घर पहुंचा दिए गए हैं।
शव मिलने के बाद से इलाके में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।अधिकारियों ने बताया कि कुंतवाड़ा, ओहली और मुंजला धार में बड़े पैमाने पर घेराबंदी की गई है। दोनों वीडीजी को आतंकियों ने वीरवार को अपहरण के बाद मार डाला था।
पुलिस ने बताया कि ओहली-कुंटवाड़ा क्षेत्र के दो वीडीजी सदस्य, नजीर अहमद और कुलदीप कुमार पशुओं को चराने के दौरान ऊपरी इलाकों में लापता हो गए। उनके शवों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर प्रसारित हुईं और परिवार के सदस्यों ने उनकी पहचान की पुष्टि की। अधिकारियों ने बताया कि अहमद और कुमार अधवारी के मुंजला धार जंगल में मवेशी चराने गए थे लेकिन वापस नहीं लौटे थे। बाद में सोशल मीडिया पर तस्वीरें वायरल होने के बाद आतंकी वारदात की जानकारी मिली।
पैदल चलकर घटनास्थल तक पहुंचे लोग
जैसे ही दो ग्राम रक्षा गार्ड के मारे जाने की पुष्टि होने के बाद सुबह तड़के ही गांव से बड़ी संख्या में लोग उनकी तलाश में जंगल में चले गए। घटना स्थल दूर जंगल में होने के कारण पहुंचना आसान नहीं था।कई घंटे पैदल चलकर लोग जंगल में पहुंचे और शवों को खोजा। घटनास्थल शहर से करीब 25 से 30 किलोमीटर दूर है।