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खुलासा: बड़ी साजिश के तहत की गई थी अनंतनाग में 6 पुलिसकर्मियों की हत्या, हाथ लगे अहम सुराग

Wed, 21 Jun 2017 06:52 PM IST
अमृतपाल सिंह बाली,अमर उजाला/श्रीनगर
अमृतपाल सिंह बाली,अमर उजाला/श्रीनगर Updated Wed, 21 Jun 2017 06:52 PM IST
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KILLINGS OF SIX POLICEMEN IN ANANTNAG WAS A BIG CONSPIRACY
हमले में शहीद फिरोज अहमद डार - फोटो : tribuneindia

दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग जिले के अच्छाबल में एसएचओ समेत छह पुलिसकर्मियों पर हमले लश्कर ने पूरी रैकी के बाद किए। आतंकियों को यह जानकारी थी कि पुलिसकर्मियों के पास बुलेटप्रूफ वाहन नहीं है। इस वजह से आतंकियों की शह पर पथराव कराया गया, ताकि पुलिसकर्मी वाहन से नीचे उतरें और घेरकर उन पर गोलियां बरसाई जाएं।

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दक्षिण कश्मीर रेंज के डीआईजी एसपी पाणी ने बताया कि कुछ सुराग हाथ लगे हैं। लश्कर के आतंकियों और उनके ओजीडब्ल्यू ने यह साजिश रची थी। हमले की गुत्थी जल्द ही सुलझा ली जाएगी। खुफिया एजेंसियों से मिली जानकारी के अनुसार अच्छाबल में पुलिस पार्टी पर आतंकियों द्वारा घात अचानक नहीं लगाई गई थी।
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इस हमले को अंजाम देने के लिए उन्होंने जगह और समय दोनों का चुनाव अपने स्थानीय ओजीडब्ल्यू नेटवर्क की मदद से करते हुए वहां पथराव भी करवाया था। आतंकियों को एसएचओ फिरोज अहमद डार और उसके साथ मौजूद पुलिस कर्मियों के बारे में पूरी जानकारी थी। जिस तरह हमले को अंजाम दिया गया, उससे ऐसा लगता है कि आतंकी उनका पीछा कर रहे थे। 

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डार को मिली थी जीन से मारने की धमकी

KILLINGS OF SIX POLICEMEN IN ANANTNAG WAS A BIG CONSPIRACY
प्रतीकात्मक चित्र

अधिकारियों ने बताया कि शहीद फिरोज डार को कुछ समय पहले भी ओजीडब्ल्यू  द्वारा जान से मारने की धमकी मिली थी, लेकिन उन्होंने इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया था। वह पहले भी आतंकी हमले में बाल-बाल बचे थे। उन्होंने बताया कि हमले वाले दिन फिरोज सुबह से ही कानून व्यवस्था की ड्यूटी में व्यस्त था।

शाम को जिस जगह हमला हुआ वहां पहले स्थिति लगभग शांत थी, लेकिन पुलिस वाहन को दूर से आते देख वहां मौजूद कुछ लोगों ने पथराव शुरू कर दिया था। फिरोज और उसके साथियों ने जब पत्थरबाजों को खदेड़ने के लिए अपने वाहन रोके, उसी बीच वहां छिपे आतंकियों ने चारों तरफ से उन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं।

हमले को अंजाम देने के तरीके से लगता है कि आतंकियों को पूरी तरह पता था कि पुलिस दल में कितने लोग हैं, उनके हथियार कैसे हैं, वाहन बुलेट प्रूफ है या नहीं, वह कब कहां से गुजरेगा। 


इलाके में सक्रिय मोबाइल की जुटाई जा रही जानकारी
पुलिस द्वारा हमले के समय आसपास के इलाके में सक्रिय रहे सभी मोबाइल फोन के बारे में पता किया जा रहा है। अभी तक खंगाले गए कुछ नंबरों में से कुछ आतंकियों के पुराने ओजीडब्ल्यू के भी निकले हैं।

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