दर्दनाकः जाम में फंसकर एंबुलेंस में ही दम तोड़ गया मासूम
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रामसू कम्यूनिटी हेल्थ सेंटर से जिला अस्पताल रेफर किए गए तीन माह के बच्चे ने एंबुलेंस में ही दम तोड़ दिया। बीमार बच्चा हाईवे पर सोलह घंटे जाम में फंसा रहा। इस दौरान उसकी हालत खराब होती गई और जिला अस्पताल पहुंचते ही एंबुलेंस में दम तोड़ दिया।
रामसू के बटरो इलाके के जीवन सिंह ने शनिवार की दोपहर एक बजे अपने तीन माह के बच्चे को कम्यूनिटी हेल्थ सेंटर में भर्ती कराया था। यहां डाक्टरों ने इलाज किया, लेकिन उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। इसके बाद डाक्टरों ने बच्चे को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।
बच्चे को ले जाने के लिए जिला अस्पताल की एंबुलेंस मुहैया कराई गई। दोपहर तीन बजे एंबुलेंस जिला अस्पताल के लिए रवाना हुई। यहां से जिला अस्पताल सिर्फ 22 किलोमीटर है। सीएचसी रामसू से निकलने के बाद बंठियाल में हाईवे पर भारी जाम था। इससे एंबुलेंस यहां फंस गई।
रामसू से किया गया था जिला अस्पताल रेफर
यहां वह चार घंटे तक जाम में फंसे रहे। इसके बाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर डिगडोल, मारोह सहित कई इलाकों में भी जाम मिला। यहां भी उन्हें कई घंटे फंसे रहना पड़ा। इस दौरान बच्चे की हालात बेहद नाजुक होती गई।
जाम से जूझने के बाद रविवार सुबह साढ़े दस बजे वह जिला अस्पताल रामबन पहुंचे। एंबुलेंस के यहां पहुंचते ही बच्चे ने दम तोड़ दिया। मृतक के पिता ने यातायात पुलिस पर आरोप लगाया कि उसने एंबुलेंस को जाम से निकालने के लिए पर्याप्त उपाय नहीं किए।
जाम को खुलवाने में पुलिस ने खास दिलचस्पी नहीं ली। इसके कारण उन्हें जाम में फंसना पड़ा और बच्चे को समय पर इलाज नहीं मिल सका।