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Jammu News: माता खीर भवानी के दरबार में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, देश भर पहुंचे श्रद्धालु
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खीर भवानी मंदिर परिसर में झूमते मेले के लिए पहुंचे श्रद्धालु।
जम्मू। पहलगाम में नरसंहार कर भय पैदा करने के आतंकी षड्यंत्र को ठेंगा दिखाते हुए हजारों की संख्या में विस्थापित कश्मीरी पंडित सोमवार को गांदरबल जिले के तुलमुला में जुटे। माता राघेन्या (खीर भवानी) के दरबार में जो कश्मीरी हिंदू तुलमुला नहीं पहुंच सके उन्होंने जम्मू के जानीपुर स्थित माता के मंदिर में पूरा परंपरा से पूजा-अर्चना की। माता खीर भवानी कश्मीरी हिंदुओं की आराध्य देवी हैं।
जानीपुर स्थित खीर भवानी मंदिर में मंगलवार को तड़के करीब तीन बजे से कश्मीरी पंडितों ने माता के अवतरण दिवस को पारंपरिक पूजा-अर्चना और हर्षोल्लास से मनाना शुरू कर दिया। तुलमुला ही नहीं, जानीपुर स्थित मंदिर में भी मेला लगा है। इस मेले में शामिल होने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों समेत विदेश में बसे कश्मीरी पंडित परिवार के साथ पहुंचते हैं। मंदिर परिसर में सोमवार देर रात से ही श्रद्धालुओं ने पहुंचकर माता का गुणगान शुरू कर दयया।
मंगलवार को तड़के तीन बजे माता के दर्शन के लिए दरबार को खोला दिया गया। आज दिन भर भजन कीर्तन जारी रहेगा। मंदिर के सेवक डा. सुशील बात्तल ने बताया कि पूजा अर्चना के साथ हवन भी चलता रहेगा। श्रद्धालु माता के दरबार में सात, नौ, 11 और 108 दीये और प्रसाद लेकर पहुंचते हैं। दिन भर हजारों दीये जलाए जाएंगे।
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मंदिर प्रशासन और स्थानीय प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं के लिए सभी जरूरी सुविधाएं की गई हैं। आज रात 7:30 बजे दरबार में विशेष आरती की जाएगी। उन्होंने कहा कि तुलमुला की तरह जम्मू में इस दरबार में भी सच्चे मन से मांगने पर हर मुराद पूरी होती है।
मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए चिकित्सा सुविधाओं के अलावा राघेन्या माता से जुड़े पुस्तक का स्टॉल आदि उपलब्ध होंगे। मंदिर प्रबंधन कमेटी के अध्यक्ष रोहित कौल ने बताया कि कश्मीर में मौजूदा हालात के चलते इस बार जम्मू में भी मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।
माता की कृपा हमेशा रही
सोमवार देर रात मंदिर परिसर में पहुंची बनतालाब निवासी नलिनी ने बताया कि वह पिछले कई वर्षों से मां के अवतरण दिवस पर विशेष पूजा में शामिल होने के लिए आ रही हैं। यहां आकर जो सुख प्राप्त होता है वह कहीं भी पर नहीं मिलता। आतंकवाद के दौर में भी माता रानी ने अपने श्रद्धालुओं का साथ दिया। भवानी नगर निवासी श्रद्धालु जय शंकर ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि मां ने हमें अपने पास बुलाया है। कश्मीर में माता रानी की कृपा से ही हालात सामान्य हुए हैं।
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जानीपुर स्थित खीर भवानी मंदिर में मंगलवार को तड़के करीब तीन बजे से कश्मीरी पंडितों ने माता के अवतरण दिवस को पारंपरिक पूजा-अर्चना और हर्षोल्लास से मनाना शुरू कर दिया। तुलमुला ही नहीं, जानीपुर स्थित मंदिर में भी मेला लगा है। इस मेले में शामिल होने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों समेत विदेश में बसे कश्मीरी पंडित परिवार के साथ पहुंचते हैं। मंदिर परिसर में सोमवार देर रात से ही श्रद्धालुओं ने पहुंचकर माता का गुणगान शुरू कर दयया।
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मंगलवार को तड़के तीन बजे माता के दर्शन के लिए दरबार को खोला दिया गया। आज दिन भर भजन कीर्तन जारी रहेगा। मंदिर के सेवक डा. सुशील बात्तल ने बताया कि पूजा अर्चना के साथ हवन भी चलता रहेगा। श्रद्धालु माता के दरबार में सात, नौ, 11 और 108 दीये और प्रसाद लेकर पहुंचते हैं। दिन भर हजारों दीये जलाए जाएंगे।
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मंदिर प्रशासन और स्थानीय प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं के लिए सभी जरूरी सुविधाएं की गई हैं। आज रात 7:30 बजे दरबार में विशेष आरती की जाएगी। उन्होंने कहा कि तुलमुला की तरह जम्मू में इस दरबार में भी सच्चे मन से मांगने पर हर मुराद पूरी होती है।
मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए चिकित्सा सुविधाओं के अलावा राघेन्या माता से जुड़े पुस्तक का स्टॉल आदि उपलब्ध होंगे। मंदिर प्रबंधन कमेटी के अध्यक्ष रोहित कौल ने बताया कि कश्मीर में मौजूदा हालात के चलते इस बार जम्मू में भी मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।
माता की कृपा हमेशा रही
सोमवार देर रात मंदिर परिसर में पहुंची बनतालाब निवासी नलिनी ने बताया कि वह पिछले कई वर्षों से मां के अवतरण दिवस पर विशेष पूजा में शामिल होने के लिए आ रही हैं। यहां आकर जो सुख प्राप्त होता है वह कहीं भी पर नहीं मिलता। आतंकवाद के दौर में भी माता रानी ने अपने श्रद्धालुओं का साथ दिया। भवानी नगर निवासी श्रद्धालु जय शंकर ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि मां ने हमें अपने पास बुलाया है। कश्मीर में माता रानी की कृपा से ही हालात सामान्य हुए हैं।