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जम्मू: रोजाना 100 किलाे कचरा निकालने वाले रेस्तरां व दुकानों में खाद यूनिट लगाना अनिवार्य
Tue, 14 May 2024 05:17 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
Updated Tue, 14 May 2024 05:17 AM IST
सार
शहर में ऐसी दुकानें और रेस्तरां जहां से प्रतिदिन 100 किग्रा. तक गीला कचरा निकल रहा है, वहां खाद यूनिट लगाना अनिवार्य होगा। दुकानों और रेस्टोरेंट में खाद बनने के बाद इसे बेचा जा सकेगा।
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जम्मू शहर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जम्मू शहर में ऐसी दुकानें और रेस्तरां जहां से प्रतिदिन 100 किग्रा. तक गीला कचरा निकल रहा है, वहां खाद यूनिट लगाना अनिवार्य होगा। दुकानों और रेस्टोरेंट में खाद बनने के बाद इसे बेचा जा सकेगा। खाद का नगर निगम के पार्कों में भी प्रयोग होगा। खाद बेचकर कमाई भी की जा सकेगी।
इसके अलावा मोहल्लों से आने वाले कचरे के निस्तारण के लिए भी लोग घरों में खाद यूनिट लगा सकते हैं। नगर निगम ने पहले चरण में गंग्याल के बंधुरख में खाद यूनिट लगाया है। यहां पर गीले कचरे से खाद बनाने पर काम चल रहा है। इसी तर्ज पर अब दुकानों और रेस्टोरेंट यूनिट स्थापित करने पर काम शुरू होगा। नगर निगम के अनुसार यूनिट लगाने से गीले कचरे का निस्तारण हो सकेगा।
मौजूदा समय में 200 मीट्रिक टन (एमटी) गीला कचरा होता है। कचरे को डंपिंग साइट कोट भलवाल में ठिकाने लगाया जा रहा है। गीले कचरे से खाद बनाई जा सकती है। लोग अपने घरों में भी खाद किट लेकर यूनिट लगा सकते हैं और खाद को बेच सकते हैं। इन जगहों में तैयार खाद को नगर निगम भी खरीदेगा। इसका प्रयोग पार्कों में किया जाएगा। इसके अलावा इसे किसानों को भी बेचा जाएगा।
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दो से 20 हजार रुपये तक आएगा खर्च
यूनिट लगाने पर दो हजार से 20 हजार रुपये तक खर्च आएगा। घरों में दो हजार तक का यूनिट लगाया जा सकता है जबकि रेस्टोरेंट और दुकानों में 20 हजार रुपये तक यूनिट लगाने पर खर्च आएगा।
इस समय गीला कचरा डंपिंग साइट में दबाया जा रहा
मौजूदा समय में गीले कचरे को डंपिंग साइट में दबाया जा रहा है। घरों से प्रतिदिन सूखे और गीले कचरे को ऑटो के माध्यम से अलग-अलग कर डंपिंग साइट तक पहुंचाया जाता है। फिलहाल कचरे से लोगों को कोई कमाई नहीं हो रही है।
जिन दुकानों से 100 किलोग्राम तक गीला कचरा हर रोज आ रहा है वहां पर खाद यूनिट लगाना अनिवार्य होगा। लोग अपने घरों में भी यूनिट लगा सकते हैं। इस पर खर्च दो हजार से 20 हजार रुपये तक आएगा। खाद बेचकर कमाई भी हाे सकेगी। - डॉ. विनोद शर्मा, स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम।
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इसके अलावा मोहल्लों से आने वाले कचरे के निस्तारण के लिए भी लोग घरों में खाद यूनिट लगा सकते हैं। नगर निगम ने पहले चरण में गंग्याल के बंधुरख में खाद यूनिट लगाया है। यहां पर गीले कचरे से खाद बनाने पर काम चल रहा है। इसी तर्ज पर अब दुकानों और रेस्टोरेंट यूनिट स्थापित करने पर काम शुरू होगा। नगर निगम के अनुसार यूनिट लगाने से गीले कचरे का निस्तारण हो सकेगा।
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मौजूदा समय में 200 मीट्रिक टन (एमटी) गीला कचरा होता है। कचरे को डंपिंग साइट कोट भलवाल में ठिकाने लगाया जा रहा है। गीले कचरे से खाद बनाई जा सकती है। लोग अपने घरों में भी खाद किट लेकर यूनिट लगा सकते हैं और खाद को बेच सकते हैं। इन जगहों में तैयार खाद को नगर निगम भी खरीदेगा। इसका प्रयोग पार्कों में किया जाएगा। इसके अलावा इसे किसानों को भी बेचा जाएगा।
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दो से 20 हजार रुपये तक आएगा खर्च
यूनिट लगाने पर दो हजार से 20 हजार रुपये तक खर्च आएगा। घरों में दो हजार तक का यूनिट लगाया जा सकता है जबकि रेस्टोरेंट और दुकानों में 20 हजार रुपये तक यूनिट लगाने पर खर्च आएगा।
इस समय गीला कचरा डंपिंग साइट में दबाया जा रहा
मौजूदा समय में गीले कचरे को डंपिंग साइट में दबाया जा रहा है। घरों से प्रतिदिन सूखे और गीले कचरे को ऑटो के माध्यम से अलग-अलग कर डंपिंग साइट तक पहुंचाया जाता है। फिलहाल कचरे से लोगों को कोई कमाई नहीं हो रही है।
जिन दुकानों से 100 किलोग्राम तक गीला कचरा हर रोज आ रहा है वहां पर खाद यूनिट लगाना अनिवार्य होगा। लोग अपने घरों में भी यूनिट लगा सकते हैं। इस पर खर्च दो हजार से 20 हजार रुपये तक आएगा। खाद बेचकर कमाई भी हाे सकेगी। - डॉ. विनोद शर्मा, स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम।