नवरात्र पर मां वैष्णो देवी का भवन देसी और विदेशी फूलों व रगबिरंगी लाइटों से सजाया गया है। भवन में नवरात्र के पहले दिन मंगलवार से शत चंडी महायज्ञ हुआ। मंगलवार को पहले नवरात्र पर देश भर से हजारों भक्तों ने माता के दरबार में माथा टेका।
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माता वैष्णो देवी धाम
- फोटो : संजय शर्मा
श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने भवन परिसर में होने वाले महायज्ञ की तैयारियां कर ली हैं। इस महायज्ञ में विद्वान पंडित हवन और पूजा लगातार करेंगे। इसमें श्रद्धालु भी आखिरी नवरात्र में पूर्णाहुति देंगे। वहीं, नवरात्र पर श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए धर्मनगरी तैयार है। यहां विभिन्न मार्गों पर स्वागत द्वार बनाए गए हैं। विभिन्न स्थानों पर प्राकृतिक फूलों से सजावट का कार्य आखिरी चरण पर है। दुर्गा पूजा के लिए पंडाल की स्थापना कर दी गई है।
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माता वैष्णो देवी धाम
- फोटो : संजय शर्मा
दुर्गा पूजा समिति ढोल नगाड़ों और बैंड बाजे के साथ भूमिका मंदिर से लाई गई ज्योति पंडाल में प्रज्ज्वलित करेगी। पंडाल में मां वैष्णो, मां काली और मां सरस्वती सहित गणेश की मूर्तियां स्थापित की जाएंगी। इनकी नौ दिन पूजा अर्चना के साथ ही सुबह शाम आरती होगी। वहीं इस मौके पर दुर्गा पूजा समिति के सदस्य दीपक परोच, विनय हीरा, शंकर डोगरा, राजू पराशर सहित अन्य सदस्य नौ दिन पंडाल में मौजूद रहेंगे।
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माता वैष्णो देवी, कटड़ा
- फोटो : एजेंसी
उपराज्यपाल ने नवरात्रि व नवरेह की दी बधाई
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने चैत्र नवरात्रि महोत्सव की शुरुआत पर लोगों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि नवरात्रि के शुभ अवसर पर मैं सभी को उनकी सफलता, खुशी और कल्याण के लिए हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। चैत्र नवरात्रि नए साल की शुरुआत का प्रतीक है और बुराई पर सत्य, धर्म और सदाचार की विजय का प्रतीक है। मैं कश्मीरी पंडितों को भी शुभकामनाएं देता हूं जो नवरेह मना रहे हैं। यह त्योहार भाईचारे के बंधन को मजबूत करे और हमें मानवता की सेवा के लिए समर्पित होने के लिए प्रेरित करे। मैं मां दुर्गा से प्रार्थना करता हूं कि वे सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें।
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माता वैष्णो देवी, कटड़ा
- फोटो : एजेंसी
तीन महीने बाद खुलेगा मचैल दरबार
किश्तवाड़ जिला के उपमंडल पाडर के मचैल में भी माता चंडी का दरबार लगभग तीन माह के अंतराल के बाद खोला जाएगा। उस दिन वहां मेला लगेगा। गौरतलब है कि मकर संक्रांति को मचैल दरबार बंद हो गया था। वहां से माता की मूर्ति को गांव के ही एक छोटे से मंदिर में स्थापित किया गया था। साथ ही नवरात्र पर मंदिरों में सजावट की गई है। जिला किश्तवाड़ के लोगों की कुलदेवी सरथल देवी मंदिर सहित रघुनाथ मंदिर, शिव मंदिर, नीलकंठ महादेव मंदिर, सरकूट में गोरी शंकर मंदिर, के साथ साथ नील गंगेश्वर मंदिर को भी खूब सजाया गया है। गौरतलब है कि वैसाखी के दिन नील गंगेश्वर मंदिर में भंडारा भी करवाया जाएगा।