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Exclusive कठुआ कांड : पीड़िता की मां बोली- जैसे मेरी बेटी को मारा वैसे ही दरिंदों को भी मिले मौत

Wed, 12 Jun 2019 01:22 AM IST
Pranjal Dixit अमृतपाल सिंह बाली, श्रीनगर
अमृतपाल सिंह बाली, श्रीनगर Published by: Pranjal Dixit Updated Wed, 12 Jun 2019 01:22 AM IST
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Kathua Gangrape Case Rasana Kand Final Decision, Jammu Kashmir, victim mother interview
कठुआ कांड के मुजरिम - फोटो : अमर उजाला
जम्मू-कश्मीर में कठुआ सामूहिक दुष्कर्म और हत्या मामले में फैसला आने के दूसरे दिन मंगलवार को पीड़िता की मां ने कहा कि थोड़ा सुकून पहुंचा है। लेकिन जैसे उसकी बेटी को मारा गया वैसे दोषियों को भी फांसी की सजा सुनाई जाए।
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दक्षिणी कश्मीर की एक पहाड़ी पर बैठे पीड़िता के पारिवारिक सदस्यों ने बताया कि 10 जून को फैसला आने से पूर्व पीड़िता की मां एक कोने में गुमसुम बैठी हुई थी लेकिन जैसे ही उसे अदालत के फैसले का पता चला तो चेहरे से मायूसी हट सी गई और एक दम से आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। 
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उनका कहना था कि आठ साल की बच्ची को चांटा मारने से पहले हम कई बार सोचते हैं, कोई कैसे एक मासूम बच्ची को मार सकता है। मां के अनुसार, फैसले से थोड़ी राहत मिली है, लेकिन वह खुश नहीं है क्योंकि वह चाहती हैं कि दोषियों को फांसी की सजा दी जाए। फांसी इसलिए कि हमारे भी दिल को थोड़ा सुकून मिल सके। 
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आंखों में उदासी लिए वह एक ही बात कहती रही कि बच्ची के साथ जो हुआ उससे हमारा कलेजा तक कांप गया, हमें और कुछ नहीं चाहिए बस हमारी बच्ची को इंसाफ मिले। हमारी बेकसूर आठ साल की बच्ची के साथ गलत हुआ है, अपराधियों को फांसी मिले ताकि पता चले कि ऐसी गलती करने का क्या नतीजा होता है।  

जहां बेटी की यादें जुड़ी हैं वहां नही गई इस बार
पीड़िता की मां का यह भी कहना है कि उसकी बेटी का चेहरा आज भी उसे याद आता है। वह जब उसकी (बेटी) उम्र के दूसरे बच्चों को खेलते देखती है तो अंदर से बहुत दुखी होती है। बेटी को खोने का दुख उसे हर घड़ी सताता रहता है। इस बार जब वह कश्मीर घाटी की ओर नीचे आ रहे थे तो उस जगह पर नहीं गई जिन जगहों के साथ उसकी बेटी की यादें जुड़ी हुई हैं। वह अब उनकी बेटी के बिना उन जगहों को नहीं देख सकते। 


कानून पर पूरा भरोसा
पीड़िता के चाचा ने बताया कि उन्हें पूरे एक साल से इस फैसले का इंतजार था। अच्छा हुआ कि यह फैसला जल्दी हुआ। हम इस फैसले से बहुत खुश हैं। हमें कानून पर पूरा भरोसा है।
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