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कठुआ कांड: राम माधव बोले- महबूबा के दबाव में मंत्रियों से नहीं लिए इस्तीफे

Sat, 14 Apr 2018 10:30 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Updated Sat, 14 Apr 2018 10:30 PM IST
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Kathua case: Ram Madhav says not taken resignation of ministers due to pressure of cm Mehbooba Mufti
- फोटो : File Photo

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव ने कहा है कि भाजपा के दोनों मंत्रियों के इस्तीफे पीडीपी प्रमुख तथा मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के दबाव में नहीं लिए गए हैं। दोनों मंत्रियों ने गलत संदेश न जाने पाए इसे देखते हुए स्वयं ही इस्तीफा देने का फैसला किया है। उन्होंने इस बात से साफ तौर पर इनकार किया कि पीडीपी की ओर से किसी प्रकार का दबाव था या फिर किसी तरह का अल्टीमेटम दिया गया था। हमें न तो कोई डिक्टेट कर सकता है और न हम डिक्टेट होने वाले हैं।

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पत्रकारों से बात करते हुए राम माधव ने कहा कि कठुआ की घटना काफी दर्दनाक है और इसने पूरे सभ्य समाज को हिलाकर रख दिया है। क्रूर तरीके से हत्या की गई है। जनवरी महीने में जब यह घटना सामने आई तो राज्य पुलिस ने जांच शुरू की। तीन महीने में चार्जशीट दाखिल करने के साथ ही आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इसमें कुछ पुलिस वाले भी हैं जिन पर सबूत मिटाने का शक है। 
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90 दिनों में जांच पूरी होना यह इस बात का सबूत है कि किसी ने जांच में बाधा पहुंचाने की कोशिश नहीं की। एक मार्च को जब इस मुद्दे को लेकर भीड़ एकत्र हुई थी तो पार्टी के कुछ नेता और दो मंत्री मौके पर गए थे। उद्देश्य था जनता की जांच को लेकर उत्पन्न संशय को दूर करना तथा लोगों के बीच तनाव को कम करना। 

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गठबंधन में किसी प्रकार की दरार नहीं

Kathua case: Ram Madhav says not taken resignation of ministers due to pressure of cm Mehbooba Mufti

उन्होंने कहा कि इसमें सावधानी की कमी रह गई जिससे मामले ने तूल पकड़ा। बाद में मार्च महीने में उनकी मौजूदगी में पार्टी की बैठक हुई जिसमें जांच पूरी होने को कहा गया। इसके बाद भाजपा की ओर से किसी प्रकार की बयानबाजी नहीं हुई। उन्होंने कहा कि घटना के दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए। 

माधव ने कहा कि विपक्ष खासकर कांग्रेस की ओर से यह धारणा बनाने की कोशिश की गई कि मंत्रियों ने गांव में जाकर जांच में बाधा पहुंचाने की कोशिश की। देश में उत्पन्न परिस्थितियों तथा बन रही धारणा को देखते हुए दोनों मंत्रियों ने इस्तीफा देना तय किया। उन्होंने कहा कि यह इतना घिनौना प्रकरण है कि इसमें किसी प्रकार की राजनीति नहीं होनी चाहिए। साथ ही इसे सांप्रदायिक रंग देने की भी कोशिश नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपने दोहरे चरित्र का परिचय देते हुए बार एसोसिएशन के माध्यम से आंदोलन को दूसरा रंग देने का प्रयास किया है। 

एक प्रश्न के जवाब में राम माधव ने कहा कि गठबंधन में किसी प्रकार की दरार नहीं है। दोनों एक साथ काम कर रही है। हमारा एजेंडा एक ही है और वह विकास का एजेंडा है। कठुआ मामले की सीबीआई जांच कराने संबंधी प्रश्न के जवाब में कहा कि चूंकि यह मामला कोर्ट में है। इसलिए इस पर कोई निर्णय कोर्ट ही कर सकती है। 

जनजातीय मामलों के मिनट्स वापस ले सरकार
राम माधव ने कहा कि जनजातीय मामलों के  कार्यवृत्त, जिसमें गुज्जर बक्करवालों से जमीन खाली न करने की बात है, को वापस लेने के लिए सरकार से साफ तौर पर कह दिया गया है। सरकार से कहा गया है कि उपायुक्तों को भेजे गए मिनट्स को तत्काल वापस लेने को कहा गया है। रोहिंग्या का मसला चूंकि न्यायालय में लंबित है, इस वजह से इसमें निर्णय नहीं हो पा रहा है। 

भाजपा मंत्रियों का इस्तीफा महबूबा को भेजा
कठुआ के रसाना कांड में इस्तीफा देने वाले दोनों मंत्रियों वन मंत्री चौधरी लाल सिंह और उद्योग मंत्री चंद्र प्रकाश गंगा का इस्तीफा पार्टी ने मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के पास भेज दिया है। डिप्टी सीएम डॉ. निर्मल सिंह के आवास पर शनिवार को राष्ट्रीय महासचिव राम माधव की मौजूदगी में विधायक दल की बैठक में रसाना कांड को लेकर उत्पन्न स्थितियों पर विचार किया गया। सूत्रों के अनुसार बैठक में विधायकों को सख्त हिदायत दी गई कि वह किसी प्रकार की अनर्गल बयानबाजी न करें। यह भी उन्हें समझाने की कोशिश की गई है कि दोनों मंत्रियों को सजा नहीं दी गई है। इसलिए सभी मिलजुलकर जनता की समस्याओं का समाधान करें। 

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