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गोमांस पर प्रतिबंध के बाद कश्मीर घाटी में विरोध शुरु

Fri, 11 Sep 2015 10:08 AM IST
Updated Fri, 11 Sep 2015 10:08 AM IST
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kashmiri muslim group criticize HC directive on beef sale

जम्मू कश्मीर उच्च न्यायालय द्वारा राज्य में गोमांस पर प्रतिबंध  लगाने के फैसले के ठीक एक दिन बाद मुस्लिम बहुल क्षेत्र कश्मीर में इस फैसले पर असंतुष्टि जताई गई।

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मुख्यधारा के नेताओं के अलावा मुस्लिम धार्मिक संगठनों समेत सभी अलगाववादी नेता इस फैसले का विरोध करते दिख रहे हैं। उनका कहना है कि यह जम्मू-कश्मीर की विशाल जनसंख्या पर कुछ धार्मिक कट्टरपंथियों की इच्छा थोपने सा लग रहा है।
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जमात-ए-इस्लामी के अमीर गुलाम मोहम्मद भट का कहना है कि बहुसंख्यक समुदाय के विचार जानना राज्य सरकार की जिम्मेदारी बनती है। उन्होंने यह भी कहा कि अदालत के आदेशों का गंभीर असर पड़ सकता है और साथ ही इसके परिणाम खतरनाक होंगे।
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बकरीद के दिन गाय की कुर्बानी देने की अपील

kashmiri muslim group criticize HC directive on beef sale

इसके अलावा करवान-ए-इस्लामी के संरक्षक मौलाना गुलाम रसूल हामी का कहना है कि किसी को भी मुस्लिम आबादी की भावनाओं के अपमान का कोई अधिकार नहीं है और कोई भी फैसला किसी समुदाय पर नहीं थोपा जा सकता।

उनका कहना है कि उनका कुरान गोमांस खाने का अधिकार उन्हें देता है तो कोर्ट कैसे उन्हें रोक सकता है। उन्होंने कहा कि वे विशेष अनुमति याचिका दायर करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।

मुस्लिम लीग के उपाध्यक्ष मोहम्मद युसूफ मीर ने इस फैसला का विरोध करते हुए कश्मीर के लोगों से बकरीद के दिन गाय की कुर्बानी देने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी को यह अधिकार नहीं कि हलाल और हराम का फर्क करें।

क्योंकि वह स्पष्ट रूप से हमारी धार्मिक किताबों में लिखा है। उन्होंने यहां तक कह डाला कि मुस्लिम लीग द्वारा बकरीद  के दिन लाल चौक के घंटा घर पर गाय की बलि चढ़ाई जाएगी।

आदेश के व‌िरोध में कल कश्मीर बंद

kashmiri muslim group criticize HC directive on beef sale

वहीं सत्ता में गठबंधन सरकार की भाजपा के साथ हिस्सेदार पीडीपी के प्रवक्ता डॉ. महबूब बेग ने भी इस फैसले को लेकर कहा कि किसी को भी हुक्म देने का अधिकार नहीं कि उसे क्या खाना चाहिए और क्या नहीं। उन्होंने कहा कि कश्मीर में गोमांस की बिक्री पर प्रतिबंध महाराजा के समय के दौरान प्रचलन था।

बेग के अनुसार वर्तमान अदालत के आदेश नए नहीं हैं लेकिन केवल पुनरावृति है और बहस का मुद्दा है। गौरतलब है कि इस फैसले के खिलाफ सभी अलगाववादी, धार्मिक और अन्य संगठन एक जुट हो गए हैं और इसका विरोध कर रहे हैं।

उच्च न्यायालय के गोमांस पर प्रतिबंध के इस फैसले के खिलाफ कट्टरपंथी अलगाववादी नेता और हुर्रियत (ग) के अध्यक्ष सैयद अली शाह गिलानी द्वारा शुक्रवार को जुमा की नमाज के बाद शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने की लोगों से अपील की है और साथ ही शनिवार को कश्मीर बंद का आह्वान किया है।

इस बंद का समर्थन जेकेएलफ चेयरमैन मोहम्मद यासीन मालिक, दुखत्रान-ए-मिल्लत की अध्यक्ष आसिया अंद्राबी समेत सभी अलगाववादी और धार्मिक संगठनों द्वारा किया गया है।

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