पढ़े-लिखों को हथियार थमा रहे आतंकी संगठन
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कश्मीर के पढ़े-लिखे युवाओं को आतंकी संगठन अपना हथियार बना रहे हैं। इस पर सेना भी चिंता जता चुकी है, लेकिन युवाओं का आतंकियों के साथ जुड़ना घातक साबित हो सकता है। खासकर कश्मीर का शोपियां जिला आतंकी संगठनों के निशाने पर है।
पिछले कुछ महीनों में शोपियां में मारे गए आतंकियों में अधिकतर पढ़े-लिखे हैं। अभी एक महीना पहले ही यहां पर एक पढ़ा-लिखा स्थानीय आतंकी मारा गया। बुधवार को फिर से हुई मुठभेड़ में स्थानीय आतंकी मारा गया, जो एमए इंग्लिश किया हुआ था।
आतंकी संगठन लश्कर-ए-तोएबा घाटी के पढ़े-लिखे युवाओं को अपने साथ जोड़ रहा है। पिछले कुछ समय से काफी युवा आतंकी संगठन लश्कर से जुड़े हैं।
कुछ दिन पहले ही सेना ने एक रिपोर्ट जारी करते हुए इस बात का खुलासा किया है कि वर्ष 2010 के बाद कश्मीर के उच्च शिक्षा पाए युवा आतंकियों के साथ जुड़ रहे हैं।
सेना की एक रिपोर्ट से हुआ खुलासा
अभी कुछ दिन पहले नार्दर्न कमांड के जीओसी डीएस हुड्डा ने भी कहा कि कश्मीर में पढ़े-लिखे युवक आतंकी संगठनों के साथ जुड़ रहे हैं, जो चिंता का विषय है। जिस पर सरकार और स्थानीय लोगों को मिलकर मंथन करने की आवश्यकता है।
जानकारी के अनुसार शोपियां में मारा गया आतंकी आशिक हुसैन एमए इंग्लिश और बीएड है। उसने कई सरकारी विभागों में नौकरी के लिए आवेदन कर रखा था और अधिकतर में उसका नाम भी चयनित हो रखा है। अभी पिछले साल ही आशिक हुसैन लश्कर में शामिल हुआ है।
एक महीना पहले भी यहां हुई मुठभेड़ में मारा गया एक आतंकी पढ़ा-लिखा था। खुफिया एजेंसियों के सूत्रों के अनुसार आतंकी संगठन लश्कर कश्मीर में अशांति फैलाने के लिए स्थानीय युवकों को अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रहा है।