2 क्लिक में जानिए, सुलग रहे कश्मीर का ताजा हाल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुलिस फायरिंग में युवक की मौत के विरोध में बडगाम रविवार को भी पूरी तरह से बंद रहा। दो दिनों के हिंसात्मक प्रदर्शन के बाद सुबह से ही बडगाम के तमाम बाजार बंद रहे। कुछ स्थानों पर गुस्साए युवकों ने सुरक्षा बलों पर पथराव भी किया। बडगाम घटना के कारण पूरी कश्मीर घाटी में तनाव बरकरार रहा।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार बडगाम के नारबल इलाके में कुछ स्थानों पर पत्थरबाजी हुई, लेकिन परिस्थितियां नियंत्रण में रहीं। श्रीनगर के लाल चौक का इलाका तनाव के कारण बंद रहा। अलगाववादियों ने रविवार को प्रताप पार्क में एकजुट होने का आह्वान किया था। लेकिन, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के कारण वह वहां नहीं पहुंच पाए।
इसके अलावा घाटी के अन्य संवेदनशील स्थानों पर भी भारी मात्रा में सुरक्षा बल तैनात किया गया। कहीं से अप्रिय घटना का समाचार नहीं है। एक दिन पहले सुहेल अहमद सौफी नामक युवक की पुलिस की गोली से मौत हो गई थी।
नजरबंद किए गए अलगाववादी
अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी, मीरवाइज उमर फारूक और अन्य अलगाववादी नेताओं को नजरबंद किए जाने के कारण रविवार को कोई रैली नहीं हो पाई। पुलिस के अनुसार गिलानी को उनके निवास पर ही तीन दिनों से नजरबंद किया गया है, जबकि मीरवाइज फारूक को रविवार को उनके निवास पर ही रोक दिया गया।
गिलानी ने तमाम अलगाववादी नेताओं को दोपहर दो बजे लाल चौक के पास प्रताप पार्क में जमा होने का आह्वान किया था। हालांकि, अलगाववादियों ने श्रीनगर में बंद का आह्वान नहीं किया था, लेकिन तनाव और रैली के आह्वान के कारण लाल चौक के आसपास की तमाम दुकानें बंद रहीं। इसी कारण यहां लगने वाली साप्ताहिक संडे मार्केट भी बंद रही।