Karwa Chauth: पति की लंबी उम्र के लिए सुहागिनें करेंगीं करवा चौथ का व्रत, जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
सुहागिन महिलाएं अपने सुहाग की रक्षा के लिए उपवास रखने के बाद आसमान में चमकते चांद का दीदार कर अपने पति के हाथों से निवाला खाकर अपना उपवास खोलती हैं। करवाचौथ का व्रत सुबह सूर्योदय से पहले ही 4 बजे के बाद शुरु हो जाता है और रात को चंद्रदर्शन के बाद ही व्रत को खोला जाता है।
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इस दिन सुहागन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र की प्रार्थना करती हैं और उनका गृहस्थ जीवन सुखद रहे। इसके लिए व्रत करती हैं। पूरे भारत में इस त्योहार को धूमधाम से मनाया जाता है लेकिन उत्तर भारत खासकर जम्मू कश्मीर, पंजाब, हरियाणा,राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश में तो इस त्योहार की अलग ही महत्व है।
महंत रोहित शास्त्री ने बताया सुहागिन महिलाएं अपने सुहाग की रक्षा के लिए उपवास रखने के बाद आसमान में चमकते चांद का दीदार कर अपने पति के हाथों से निवाला खाकर अपना उपवास खोलती हैं। करवाचौथ का व्रत सुबह सूर्योदय से पहले ही 4 बजे के बाद शुरु हो जाता है और रात को चंद्रदर्शन के बाद ही व्रत को खोला जाता है।
इस दिन श्रीगणेश, शिव, माता पार्वती, स्वामी कार्तिकेय और चंद्रदेव की पूजा अर्चना की जाती है। विवाह के बाद 12 या 16 साल तक लगातार इस उपवास को किया जाता है लेकिन इच्छानुसार जीवनभर भी विवाहिताएं इस व्रत को कर सकती हैं।
इस तरह करें पूजा
पंचांग के अनुसार इस वर्ष कार्तिक माह कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को 31 अक्तूबर मंगलवार को रात्रि 9 बजकर 31 मिनट पर शरू होगी। चतुर्थी तिथि का समापन अगले दिन 1 नवंबर बुधवार को रात्रि 9 बजकर 20 मिनट पर होगा। सूर्योदय व्यापिनी कार्तिक मास के कृष्ण चतुर्थी तिथि 1 नवम्बर बुधवार को प्राप्त हो रही है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार करवा चौथ का व्रत 1 नवम्बर बुधवार को रखा जाएगा।
करवाचौथ पूजन का शुभ मुहूर्त
1 नवम्बर को शाम 6 बजकर 05 मिनट से उसी शाम 7 बजकर 5 मिनट के बीच करवाचौथ का पूजन करना सबसे कल्याणकारी होगा।
कब होंगे चंद्रमा के दर्शन
जम्मू में एक नवम्बर बुधवार को चंद्र दर्शन रात करीब 8 बजकर 12 मिनट पर होंगे।