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Leh Violence Case: लेह हिंसा मामले में न्यायिक जांच की समय सीमा बढ़ी, अब आठ दिसंबर तक दर्ज होंगे बयान
Sat, 29 Nov 2025 09:16 AM IST
अनुज कुमार
लेह/जम्मू, पीटीआई
लेह/जम्मू, पीटीआई
Published by: अनुज कुमार
Updated Sat, 29 Nov 2025 09:16 AM IST
सार
Leh violence probe: लेह हिंसा मामले में न्यायिक जांच की समय सीमा बढ़ा दी गई है। न्यायिक जांच के लिए गठित आयोग ने बयान दर्ज करने की अवधि 10 दिन बढ़ाकर 8 दिसंबर कर दी है।
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लेह में हिंसा (फाइल फोटो)
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
लेह में हुई हिंसा की न्यायिक जांच के लिए गठित आयोग ने 10 दिनों का अतिरिक्त समय देते हुए बयान दर्ज करने और सबूत पेश करने की समय सीमा बढ़ा दी है। यह निर्णय लेह एपेक्स बॉडी (एलएबी) द्वारा औपचारिक अनुरोध के बाद लिया गया है।
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पूर्व सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश बी.एस. चौहान की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग का गठन केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा 17 अक्तूबर को किया गया था। आयोग का मुख्य उद्देश्य लेह में 24 सितंबर को उत्पन्न हुई गंभीर कानून व्यवस्था की स्थिति के कारणों का पता लगाना, उस दौरान पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई की समीक्षा करना और चार लोगों की मृत्यु सहित घटनाओं का आकलन करना है। इन मौतों में 1999 के कारगिल युद्ध के एक दिग्गज सैनिक भी शामिल थे।
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सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़पों में चार नागरिकों की मौत हो गई थी और 90 लोग घायल हुए थे। यह घटना केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के लिए राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची का दर्जा मांगने वाले प्रदर्शनकारियों के बीच हुई थी।
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समय सीमा बढ़ाने का कारण
आयोग को शुक्रवार को जारी एक आदेश के अनुसार, 27 नवंबर को एलएबी के सह-अध्यक्ष द्वारा एक लिखित अनुरोध प्राप्त हुआ था। अनुरोध में कहा गया था कि "अभी भी कई लोग आयोग के समक्ष अपने बयान देना और सबूत पेश करना चाहते हैं।"
जांच आयोग के न्यायिक सचिव और सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोहन सिंह परिहार ने अपने आदेश में कहा, "बयान दाखिल करने की मूल समय सीमा 28 नवंबर को समाप्त होने वाली थी। यह याचिका न्यायमूर्ति डॉ. बी.एस. चौहान, भारत के सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश और न्यायिक जांच आयोग के प्रमुख के समक्ष रखी गई, जिन्होंने मामले पर वर्चुअली विचार किया। न्यायमूर्ति चौहान ने इस अनुरोध को स्वीकार कर लिया और आठ दिसंबर तक की मोहलत दी है। इससे घटना से परिचित अधिक व्यक्ति अपने बयान दर्ज करा सकेंगे।