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Jammu News: एक क्लिक पर आगे बढ़ेंगी फाइलें, जम्मू विवि में ई-ऑफिस की तैयारी
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जम्मू। जम्मू विश्वविद्यालय में प्रशासनिक कामकाज को डिजिटल बनाने की कवायद तेज हो गई है। सभी शिक्षण और प्रशासनिक विभागों को ई-ऑफिस प्रणाली से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू हुई है। इसके लागू होने के बाद फाइलों की आवाजाही, मंजूरी और निगरानी ऑनलाइन हो सकेगी जिससे कामकाज में तेजी आने के साथ पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
सेंटर फॉर आईटी इनेबल्ड सर्विसेज एंड इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज (सीआईटीईएस एंड ईटी) प्रणाली को चरणबद्ध तरीके से लागू कर रहा है। पहले चरण में कुलपति और रजिस्ट्रार कार्यालय को लोक भवन, मुख्यमंत्री कार्यालय, मुख्य सचिव कार्यालय, वित्तीय सलाहकार कार्यालय, उच्च शिक्षा विभाग और सामान्य प्रशासन विभाग के ई-ऑफिस नेटवर्क से जोड़ा जा चुका है। अब विश्वविद्यालय के सभी शिक्षण और प्रशासनिक विभागों को इसके दायरे में लाने की तैयारी की जा रही है।
आईटी शाखा ने सभी विभागों से कंप्यूटर, प्रिंटर, इंटरनेट कनेक्टिविटी और अन्य तकनीकी संसाधनों का ब्योरा मांगा है। विभागों को निर्धारित प्रारूप में जानकारी आठ जून तक सीआईटीईएस एंड ईटी को उपलब्ध करानी होगी ताकि ई-ऑफिस प्रणाली के विस्तार की योजना को अंतिम रूप दिया जा सके। ई-ऑफिस का उद्देश्य पारंपरिक कागजी फाइल व्यवस्था को डिजिटल प्रणाली में बदलना है।
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विवि प्रशासन का मानना है कि तकनीकी संसाधनों का आकलन होने के बाद ई-ऑफिस व्यवस्था लागू करने की तैयारी को गति मिलेगी। साथ ही प्रशासनिक प्रक्रियाओं में जवाबदेही बढ़ेगी और फाइलों के डिजिटल संचालन से छात्रों, शोधार्थियों तथा शिक्षकों से जुड़े मामलों के निस्तारण में भी तेजी आ सकती है।
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ई ऑफिस के फायदे
ई ऑफिस डिजिटल प्रणाली है जिसके जरिये फाइलों का कामकाज ऑनलाइन किया जाता है। कागजी फाइलों को डिजिटल रूप में तैयार किया जाता है और उन्हें एक से दूसरे अधिकारी तक ऑनलाइन माध्यम से भेजा जा सकता है। फाइल किस स्तर पर लंबित है और क्या कार्रवाई हुई है, इसकी जानकारी आसानी से मिल जाती है। व्यवस्था लागू होने से कागज पर निर्भरता कम होती है, रिकॉर्ड को सुरक्षित रखना और जरूरत पड़ने पर ढूंढ़ना आसान हो जाएगा। साथ ही कामकाज में पारदर्शिता बढ़ती है, जवाबदेही तय होगी है। निस्तारण में लगने वाला समय कम होगा।
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सेंटर फॉर आईटी इनेबल्ड सर्विसेज एंड इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज (सीआईटीईएस एंड ईटी) प्रणाली को चरणबद्ध तरीके से लागू कर रहा है। पहले चरण में कुलपति और रजिस्ट्रार कार्यालय को लोक भवन, मुख्यमंत्री कार्यालय, मुख्य सचिव कार्यालय, वित्तीय सलाहकार कार्यालय, उच्च शिक्षा विभाग और सामान्य प्रशासन विभाग के ई-ऑफिस नेटवर्क से जोड़ा जा चुका है। अब विश्वविद्यालय के सभी शिक्षण और प्रशासनिक विभागों को इसके दायरे में लाने की तैयारी की जा रही है।
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आईटी शाखा ने सभी विभागों से कंप्यूटर, प्रिंटर, इंटरनेट कनेक्टिविटी और अन्य तकनीकी संसाधनों का ब्योरा मांगा है। विभागों को निर्धारित प्रारूप में जानकारी आठ जून तक सीआईटीईएस एंड ईटी को उपलब्ध करानी होगी ताकि ई-ऑफिस प्रणाली के विस्तार की योजना को अंतिम रूप दिया जा सके। ई-ऑफिस का उद्देश्य पारंपरिक कागजी फाइल व्यवस्था को डिजिटल प्रणाली में बदलना है।
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विवि प्रशासन का मानना है कि तकनीकी संसाधनों का आकलन होने के बाद ई-ऑफिस व्यवस्था लागू करने की तैयारी को गति मिलेगी। साथ ही प्रशासनिक प्रक्रियाओं में जवाबदेही बढ़ेगी और फाइलों के डिजिटल संचालन से छात्रों, शोधार्थियों तथा शिक्षकों से जुड़े मामलों के निस्तारण में भी तेजी आ सकती है।
ई ऑफिस के फायदे
ई ऑफिस डिजिटल प्रणाली है जिसके जरिये फाइलों का कामकाज ऑनलाइन किया जाता है। कागजी फाइलों को डिजिटल रूप में तैयार किया जाता है और उन्हें एक से दूसरे अधिकारी तक ऑनलाइन माध्यम से भेजा जा सकता है। फाइल किस स्तर पर लंबित है और क्या कार्रवाई हुई है, इसकी जानकारी आसानी से मिल जाती है। व्यवस्था लागू होने से कागज पर निर्भरता कम होती है, रिकॉर्ड को सुरक्षित रखना और जरूरत पड़ने पर ढूंढ़ना आसान हो जाएगा। साथ ही कामकाज में पारदर्शिता बढ़ती है, जवाबदेही तय होगी है। निस्तारण में लगने वाला समय कम होगा।