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जम्मू-कश्मीर: काजीगुंड में मनाया पंजथ उत्सव, सफाई करने के साथ मछली पकड़ने के लिए बड़ी संख्या में उमड़े ग्रामीण
Mon, 29 May 2023 03:01 AM IST
विमल शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
Published by: विमल शर्मा
Updated Mon, 29 May 2023 03:01 AM IST
सार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस उत्सव का मन की बात कार्यक्रम में उल्लेख कर चुके हैं। इस त्योहार का उद्देश्य मछली पकड़ना नहीं बल्कि जल निकायों को साफ करना है।
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अनंतनाग में मछली पकड़ने के लिए नदी में उतरे लोग
- फोटो : अशरफ मीर
विस्तार
अनंतनाग जिले के काजीगुंड स्थित पंजथ में रविवार को वार्षिक मछली पकड़ने और सफाई उत्सव का आयोजन किया गया। इसमें क्षेत्र के करीब 35 गांवों के लोगों ने हिस्सा लेकर जलीय क्षेत्र की सफाई कर मछलियां भी पकड़ी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाल ही में मन की बात कार्यक्रम में इस त्योहार का उल्लेख कर चुके हैं।
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त्योहार का उद्देश्य मछली पकड़ना नहीं बल्कि जल निकायों को साफ करना है। पंजथ कश्मीरी शब्द पांच हाथ से लिया गया है। इसका जिसका अर्थ है 500। यह झरना जल शक्ति के साथ-साथ सिंचाई विभाग के माध्यम से लगभग 35 गांवों को पानी उपलब्ध कराता है।
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यह वसंत रेनबो ट्राउट हैचरी के लिए भी प्रसिद्ध है और यहां दो हैचरी पहले से मौजूद हैं। राजतरंगी के लेखक पंडित कल्हण ने अपनी पुस्तक में पंजथ का उल्लेख राजाओं के पसंदीदा पिकनिक स्थल के रूप में किया है। स्थानीय लोगों के अनुसार कई सालों से प्रदूषण में वृद्धि हुई है।
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जलस्तर काफी कम हो गया है। अगर सरकार इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करती है तो यहां पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। लेकिन दुर्भाग्य से यह स्थान आधिकारिक उपेक्षा का सामना कर रहा है। बसंत जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग से मात्र 2 किलोमीटर की दूरी पर है।