जम्मू कश्मीर: राजोरी हमले के 4 दिन बाद केंद्र ने टीआरएफ पर लगाया प्रतिबंध, लश्कर का सहयोगी संगठन है आतंकी गुट
राजोरी के ढांगरी गांव में आधार कार्ड से पहचान कर चार हिंदुओं की टारगेट किलिंग की गई थी।इस घटना की जिम्मेदारी टीआरएफ ने ली थी। घाटी में पिछले दिनों हुई तमाम टारगेट किलिंग के पीछे भी टीआरएफ का हाथ बताया जा रहा है।
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पाकिस्तान स्थित आतंकी समूह लश्कर-ए-ताइबा के सहायक संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) को सरकार ने वीरवार को प्रतिबंधित कर दिया। इसके अलावा मोहम्मद अमीन उर्फ अबू खुबैब को आतंकी घोषित किया है।साल के पहले दिन राजोरी में तीन घरों पर फायरिंग कर चार हिंदुओं की हत्या और अगले दिन एक घर में आईईडी ब्लास्ट करने की घटना के चार दिन बाद केंद्र सरकार ने यह फैसला लिया है।
राजोरी के ढांगरी गांव में आधार कार्ड से पहचान कर चार हिंदुओं की टारगेट किलिंग की गई थी।इस घटना की जिम्मेदारी टीआरएफ ने ली थी। घाटी में पिछले दिनों हुई तमाम टारगेट किलिंग के पीछे भी टीआरएफ का हाथ बताया जा रहा है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार, टीआरएफ आतंकी गतिविधियों को बढ़ाने, आतंकवादियों की भर्ती, घुसपैठ और पाकिस्तान से जम्मू-कश्मीर में हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए ऑनलाइन माध्यम से युवाओं की भर्ती कर रहा है। यह संगठन 2019 में प्रतिबंधित लश्कर-ए-ताइबा के सहायक संगठन के रूप में अस्तित्व में आया था।
लश्कर-ए-ताइबा 26/11 के मुंबई आतंकी हमलों सहित कई आतंकी गतिविधियों में शामिल था। टीआरएफ जम्मू और कश्मीर के लोगों को उकसाने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अभियान चलाकर युवाओं को बरगला रहा है। शेख सज्जाद गुल टीआरएफ का कमांडर है। उसे आतंकवादी घोषित किया गया है।
लश्कर-ए-ताइबा का लॉन्च़िग कमांडर है अमीन
इसके अलावा सरकार ने मोहम्मद अमीन उर्फ अबू खुबैब को आतंकवादी घोषित किया है। वह जम्मू-कश्मीर का रहने वाला है। वर्तमान में पाकिस्तान से गतिविधियों का संचालन कर रहा है। वह लश्कर-ए-ताइबा के लॉन्च़िग कमांडर के रूप में कार्य कर रहा है।
उसके देश विरोधी तत्वों के साथ गहरे संबंध हैं और जम्मू क्षेत्र में लश्कर की आतंकवादी गतिविधियों को पुनर्जीवित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। अमीन सीमा पार से जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमलों, हथियारों और विस्फोटकों की आपूर्ति और आतंकियों के वित्तपोषण में शामिल रहा है।
खुबैब का नाम उधमपुर बस स्टैंड पर हुए विस्फोट में भी आया था। वह डोडा, रामनगर, डूडू-बसंतगढ़ में पुराने आतंकियों को सक्रिय कर चिनाब वैली में आतंकवाद को बढ़ाने में जुटा था।