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Jammu News: पिता से मिली विरासत से जागा चित्रकारी का शौक, पेशा बना तो महुआ की पेंटिंग के दीवाने हुए लोग
Mon, 05 May 2025 02:03 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Mon, 05 May 2025 02:03 AM IST
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देशभर से ऑनलाइन और ऑफलाइन आ रही पेंटिंग की मांग, प्रदेश सहित दिल्ली, मध्य प्रदेश, अमृतसर आदि राज्यों में आयोजित प्रदर्शनियों में दिखा चुकी हैं प्रतिभा
बच्चों को सिखा रहीं पेंटिंग की बारीकियां
संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। जम्मू की महुआ गुप्ता आज प्रदेश में चित्रकारी की दुनिया में जाना पहचान नाम बन चुकी हैं। आज उनकी पेंटिंग की ऑफलाइन और ऑनलाइन काफी मांग हैं। उन्हें कला की विरासत मूर्तिकार पिता से मिली, जिसके चलते उन्हें चित्रकारी को शौक बना लिया। बाद में इसी शाैक को पेशा बना कर उन्हें पेंटिंग से लोगों को दीवाना बना लिया है।
आज महुआ अपने पेशे के साथ-साथ बच्चों को भी पेंटिंग के निशुल्क गुर सिखा रही हैं। इसके अलावा वह देशभर में आयोजित प्रदर्शनियों में हिस्सा लेकर चित्रों को प्रदर्शित कर चुकी हैं।
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महुआ के अनुसार बचपन से ही पिता से कला की प्रेरणा मिली थी। छोटे-छोटे आर्ट पीस बनाते चित्रकारी जीवन का अभिन्न हिस्सा बन गई। आर्थिक स्तर पर कमजोर परिवारों के बच्चों के लिए निशुल्क पेंटिंग कैंप भी लगाती हैं। 2009 में मनोविज्ञान में मास्टर्स की डिग्री लेने के बाद 2010 में कैनवास पेंटिंग शुरू की, जिसके बाद पूरा समय चित्रकारी को ही समर्पित कर दिया।
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पहले प्रदर्शनियों में ही पेंटिंग बिकती थीं, लेकिन अब ऑनलाइन भी डिमांड आ रही
महुआ गुप्ता ने बताया कि वह जम्मूृ-कश्मीर, दिल्ली, मध्य प्रदेश, अमृतसर, लखनऊ सहित अन्य राज्यों में आयोजित प्रदर्शनी में भाग ले चुकी हैं। शुरुआत में प्रदर्शनी में ही पेंटिंग ही बिकती थीं। लेकिन, अब समय के साथ मांग बढ़ गई है। आज ऑनलाइन भी काफी आर्डर आते हैं। खासकर क्रिएटिव और प्राकृतिक थीम पर बनाई पेंटिंग की काफी मांग है।
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पेंटिंग महिलाओं के लिए अच्छा विकल्प
महुआ का कहना है कि पेंटिंग महिलाओं के लिए पेशे के रूप में एक बहुत ही अच्छा विकल्प है। इसे घर से भी किया जा सकता है। आज कल तो चित्रों की ऑनलाइन भी काफी मांग रहती है। बच्चों को निशुल्क सिखाती हूं। आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के लिए शिविर आयोजित करती हूं। कैनवास पंटिंग के अलावा दक्षिण भारत की तंजोर कला भी सिखा रही हूं।
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बच्चों को सिखा रहीं पेंटिंग की बारीकियां
संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। जम्मू की महुआ गुप्ता आज प्रदेश में चित्रकारी की दुनिया में जाना पहचान नाम बन चुकी हैं। आज उनकी पेंटिंग की ऑफलाइन और ऑनलाइन काफी मांग हैं। उन्हें कला की विरासत मूर्तिकार पिता से मिली, जिसके चलते उन्हें चित्रकारी को शौक बना लिया। बाद में इसी शाैक को पेशा बना कर उन्हें पेंटिंग से लोगों को दीवाना बना लिया है।
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आज महुआ अपने पेशे के साथ-साथ बच्चों को भी पेंटिंग के निशुल्क गुर सिखा रही हैं। इसके अलावा वह देशभर में आयोजित प्रदर्शनियों में हिस्सा लेकर चित्रों को प्रदर्शित कर चुकी हैं।
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महुआ के अनुसार बचपन से ही पिता से कला की प्रेरणा मिली थी। छोटे-छोटे आर्ट पीस बनाते चित्रकारी जीवन का अभिन्न हिस्सा बन गई। आर्थिक स्तर पर कमजोर परिवारों के बच्चों के लिए निशुल्क पेंटिंग कैंप भी लगाती हैं। 2009 में मनोविज्ञान में मास्टर्स की डिग्री लेने के बाद 2010 में कैनवास पेंटिंग शुरू की, जिसके बाद पूरा समय चित्रकारी को ही समर्पित कर दिया।
पहले प्रदर्शनियों में ही पेंटिंग बिकती थीं, लेकिन अब ऑनलाइन भी डिमांड आ रही
महुआ गुप्ता ने बताया कि वह जम्मूृ-कश्मीर, दिल्ली, मध्य प्रदेश, अमृतसर, लखनऊ सहित अन्य राज्यों में आयोजित प्रदर्शनी में भाग ले चुकी हैं। शुरुआत में प्रदर्शनी में ही पेंटिंग ही बिकती थीं। लेकिन, अब समय के साथ मांग बढ़ गई है। आज ऑनलाइन भी काफी आर्डर आते हैं। खासकर क्रिएटिव और प्राकृतिक थीम पर बनाई पेंटिंग की काफी मांग है।
पेंटिंग महिलाओं के लिए अच्छा विकल्प
महुआ का कहना है कि पेंटिंग महिलाओं के लिए पेशे के रूप में एक बहुत ही अच्छा विकल्प है। इसे घर से भी किया जा सकता है। आज कल तो चित्रों की ऑनलाइन भी काफी मांग रहती है। बच्चों को निशुल्क सिखाती हूं। आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के लिए शिविर आयोजित करती हूं। कैनवास पंटिंग के अलावा दक्षिण भारत की तंजोर कला भी सिखा रही हूं।