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Jammu: शहर में बिना सत्यापन के रह रहे किराएदार, एक साल में वेरिफिकेशन न कराने पर सिर्फ तीन पर FIR

Tue, 13 Sep 2022 02:26 PM IST
kumar गुलशन कुमार अजय मीनिया, जम्मू
अजय मीनिया, जम्मू Published by: kumar गुलशन कुमार Updated Tue, 13 Sep 2022 02:26 PM IST
सार

जिला प्रशासन की ओर से वक्त-वक्त पर सत्यापन कराने का आदेश दिया जाता है। इस आदेश को पुलिस ने प्रभावी बनाना होता है। लेकिन पुलिस के पास भी ऐसी कोई जानकारी नहीं है कि शहर में कितने किरायेदार हैं।

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Jammu Tenants living in the city without verification
Jammu City - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जम्मू शहर के खाली प्लॉटों में झुग्गियां बनी हुई हैं। इनमें बड़े स्तर पर श्रमिक रहते हैं। सबको सत्यापन कराना अनिवार्य है। लेकिन शहर में रहने वाले ऐसे कितने श्रमिक हैं और कितनों का सत्यापन हुआ है, इसकी किसी को जानकारी नहीं है।
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जिला प्रशासन की ओर से वक्त-वक्त पर सत्यापन कराने का आदेश दिया जाता है। इस आदेश को पुलिस ने प्रभावी बनाना होता है। लेकिन पुलिस के पास भी ऐसी कोई जानकारी नहीं है कि शहर में कितने किरायेदार हैं। जिला प्रशासन और पुलिस दोनों को सिर्फ इतना ही पता है कि किरायेदारों को सत्यापन कराना होता है, लेकिन सत्यापन कराने वाले कितने किरायेदार हैं, दोनों को ही जानकारी नहीं है।
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जानकारी के अनुसार सत्यापन न कराने पर पुलिस को 188 के तहत एफआईआर दर्ज करनी होती है। लेकिन पिछले एक साल में सत्यापन न कराने पर सिर्फ 3 ही एफआईआर लगी हैं। यह एफआईआर भी शहर के त्रिकुटा नगर क्षेत्र में ही लगी हुई हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या शहर में सिर्फ 3 लोग ही थे, जिन्होंने अपना सत्यापन नहीं कराया।
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पुलिस को करना होता है सत्यापन
 
जिला प्रशासन समय-समय आदेश जारी करता है कि किरायेदारों का सत्यापन करें। पुलिस को सत्यापन कराने के आदेश को प्रभावी बनाना होता है। लेकिन इसकी जानकारी नहीं है कि कितने लोगों का सत्यापन हुआ है। न ही कभी कोई सर्वे हुआ है कि शहर में कितने किरायेदार हैं। - सतीश कुमार, एडीसी, जम्मू।


कितनों का सत्यापन, जानकारी नहीं

जो कोई किरायेदार रखता है, उसे किरायेदार की जानकारी संबंधित पुलिस स्टेशन में देनी होती है। पुलिस की तरफ से इनका सत्यापन करना भी होता है, लेकिन कितने किरायेदारों का सत्यापन हुआ है, इसकी फिलहाल जानकारी नहीं। -चंदन कोहली, एसएसपी, जम्मू।
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