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Jammu News: छात्रों ने जाना बर्मी, शारदा व देवनागरी लिपि का महत्व
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जेयू में संस्कृत विभाग की ओर से सात दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आगाज
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। संस्कृत के प्रचार, प्रसार व संरक्षण के उद्देश्य से जम्मू विश्वविद्यालय में संस्कृत विभाग की ओर से सात दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का मंगलवार को आगाज हुआ। पहले दिन छात्रों को बर्मी, शारदा और देवनागरी लिपी के महत्व के बारे में बताया गया।
दो से आठ अप्रैल तक चलने वाली कार्यशाला में बर्मी, कश्मीर की प्राचीन शारदा और देवनागरी पांडुलिपि और पुरालेख विज्ञान पर चर्चा होगी। संस्कृत विभाग के सेमिनार हॉल में आयोजित कार्यशाला के पहले दिन के पहले सत्र में प्रो. सुषमा देवी और नीलम राजदान ने शारदा लिपि के बारे में विद्यार्थियों को बताया और प्राचीन पांडुलिपि भी दिखाई। दूसरे सत्र में डॉ. नरेंद्र भारती ने संस्कृत विभाग के महत्व पर अपनी बात रखी। कार्यशाला का आयोजन नई दिल्ली की मिलेनियम इंडिया एजुकेशन फाउंडेशन के सहयोग से किया गया है। कार्यशाला के दूसरे दिन प्रो. रामिंका जलाली और डाॅ. विजय खजूरिया बर्मी, शारदा व देव नगरी लिपि पर अपने बात रखेंगे।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। संस्कृत के प्रचार, प्रसार व संरक्षण के उद्देश्य से जम्मू विश्वविद्यालय में संस्कृत विभाग की ओर से सात दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का मंगलवार को आगाज हुआ। पहले दिन छात्रों को बर्मी, शारदा और देवनागरी लिपी के महत्व के बारे में बताया गया।
दो से आठ अप्रैल तक चलने वाली कार्यशाला में बर्मी, कश्मीर की प्राचीन शारदा और देवनागरी पांडुलिपि और पुरालेख विज्ञान पर चर्चा होगी। संस्कृत विभाग के सेमिनार हॉल में आयोजित कार्यशाला के पहले दिन के पहले सत्र में प्रो. सुषमा देवी और नीलम राजदान ने शारदा लिपि के बारे में विद्यार्थियों को बताया और प्राचीन पांडुलिपि भी दिखाई। दूसरे सत्र में डॉ. नरेंद्र भारती ने संस्कृत विभाग के महत्व पर अपनी बात रखी। कार्यशाला का आयोजन नई दिल्ली की मिलेनियम इंडिया एजुकेशन फाउंडेशन के सहयोग से किया गया है। कार्यशाला के दूसरे दिन प्रो. रामिंका जलाली और डाॅ. विजय खजूरिया बर्मी, शारदा व देव नगरी लिपि पर अपने बात रखेंगे।
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