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Jammu News: 37 दिन, दस बच्चों समेत 12 की मौत, कारण पता नहीं
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बड्डाल में चार हजार से अधिक लोगों की स्वास्थ्य स्क्रीनिंग, दो सौ से अधिक लिए गए सैंपल, पर नहीं निकला कोई निष्कर्ष
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। राजोरी जिले के बड्डाल गांव में संदिग्ध परिस्थितियों में मौतों का रहस्य बरकरार है। 37 दिन में इस क्षेत्र से तीन परिवारों के दस बच्चों समेत 12 लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो चुकी है। सभी को बुखार, उल्टी, चक्कर आना, गला खराब और दूसरी चिकित्सा समस्याएं हुईं। इनमें कई मृतक ऐसे थे जो बीमार होने पर पहले कुछ दिन बिल्कुल ठीक रहे, लेकिन बाद में अचानक उनकी मौत हो गई।
प्राथमिक रिपोर्टों में इन मामलों में किसी वायरस के नहीं मिलने की बात कही गई, लेकिन कुल मिलाकर देशभर की स्वास्थ्य एजेंसियां मौत के कारणों को लेकर किसी भी निष्कर्ष तक नहीं पहुंच पाई हैं। बड्डाल क्षेत्र में गत आठ दिसंबर से संदिग्ध मौतों का सिलसिला शुरू हुआ था।
इनमें अब तक एक परिवार से चार बच्चों और पिता समेत पांच लोगों, एक अन्य परिवार से तीन बच्चों और गर्भवती महिला व तीसरे परिवार से तीन बच्चों की मौत हो चुकी है। संदिग्ध परिस्थितियों में मौतों के बाद पीड़ित और आसपास के क्षेत्रों से 4 हजार से अधिक लोगों के स्वास्थ्य स्क्रीनिंग की गईं।
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इनमें 28 लोग संदिग्ध मिले, जिन्हें अधिक लक्षण थे। इनमें सात मृतक भी शामिल थे। इन मामलों में प्रभावित क्षेत्र से लोगों, पशुओं, प्राकृतिक जलस्रोतों और खाद्य पदार्थों के दो सौ से अधिक नमूने लिए। स्वास्थ्य विभाग के एक उच्चाधिकारी ने बताया कि प्राइमरी रिपोर्टों में किसी वायरल के मिलने की पुष्टि नहीं हुई है।
आशंका है कि मृतकों के शरीर में कोई जहरीला केमिकल चला गया, जिससे उनकी मौत हुई। इनमें अधिकांश मौतों में बच्चों को अंत में दिमाग में इंफेक्शन की शिकायत हुई। अब सवाल यह उठता है कि अगर कोई वायरस की पुष्टि नहीं हुई है तो संदिग्ध परिस्थितियों में मौतों के कारणों तक स्वास्थ्य एजेंसियां एक माह बाद भी निष्कर्ष तक क्यों नहीं पहुंच पाई हैं।
संदिग्ध परिस्थितियों में मौतों की जांच के लिए नेशनल सेंटर फार डिजीज कंट्रोल (एनसीडीसी), इंडियन काउंसिन फार मेडिकल रिसर्च (ईसीएमआर), नेशनल इंस्टीट्यूट आफ विरोलाजी (एनआईवी), पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ आदि से विशेषज्ञ पहुंचे थे। इसके अलावा स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा विभाग से विशेषज्ञों ने भी कई दिन तक बड्डाल में डेरा डाले रखा था।
स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि उन्हें अब पोस्टमार्टम की विसरा रिपोर्ट का इंतजार है, जिसके बाद ही मौत के असली कारणों का पता चल सकता है। हालांकि कोई भी स्वास्थ्य अधिकारी खुलकर बोलने को तैयार नहीं है।
कोटरंका में पहुंची थी 42 फुट मोबाइल लैब बस
संदिग्ध परिस्थितियों में मौतों के बाद कोटरंका में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद की 42 फुट लंबी मोबाइल लैब बस पहुंची थी। इसमें बड़े पैमाने पर लोगों के सैंपल लिए गए थे। बड्डाल गांव के लिए संकरा मार्ग होने के चलते इतनी लंबी मोबाइल लैब बस वहां नहीं जा सकी थी, जिससे इसे कोटरंका में ही खड़ा करना पड़ा था।
कब-कब हुई संदिग्ध मौतें
- आठ दिसंबर: जीएमसी राजोरी में फजल हुसैन (40, पिता) की मौत हुई, बेटी-फरमाना (7), रबिया कौसर (14) की राजोरी से जम्मू रेफर करते समय रास्ते में मौत, परिवार के एक अन्य बच्चे रुक्सान अहमद (10) की एसएमजीएस अस्पताल जम्मू में मौत
- 12 दिसंबर: रफ्तार अहमद (4, मृतक फजल का बेटा) की एसएमजीएस अस्पताल जम्मू में मौत
- 12 दिसंबर: बड्डाल के एक अन्य मोहम्मद रफीक परिवार से उसकी बेटी नाजिया कौसर (7) की राजोरी में मौत, इसी परिवार के मोहम्मद इश्तियाक (10) की राजोरी से एसएमजीएस जम्मू में शिफ्ट करते समय रास्ते में मौत
- 18 दिसंबर: मोहम्मद रफीक के बेटे इशफाक अहमद (12) की एसएमजीएस से पीजीआई चंडीगढ़ ले जाते समय रास्ते में मौत
- 23 दिसंबर: जीएमसी राजोरी में मोहम्मद रफीक की गर्भवती पत्नी राजिम बेगम की मौत
- 12 जनवरी 2025 : बड्डाल के मोहम्मद असलम की बेटी नवीना कौसर (9) और बेटे जहूर अहमद (14) की एसएमजीएस अस्पताल जम्मू में मौत
- 13 जनवरी: मोहम्मद असलम के तीसरे बच्चे मोहम्मद मारूफ (10) की एसएमजीएस अस्पताल जम्मू में मौत
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। राजोरी जिले के बड्डाल गांव में संदिग्ध परिस्थितियों में मौतों का रहस्य बरकरार है। 37 दिन में इस क्षेत्र से तीन परिवारों के दस बच्चों समेत 12 लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो चुकी है। सभी को बुखार, उल्टी, चक्कर आना, गला खराब और दूसरी चिकित्सा समस्याएं हुईं। इनमें कई मृतक ऐसे थे जो बीमार होने पर पहले कुछ दिन बिल्कुल ठीक रहे, लेकिन बाद में अचानक उनकी मौत हो गई।
प्राथमिक रिपोर्टों में इन मामलों में किसी वायरस के नहीं मिलने की बात कही गई, लेकिन कुल मिलाकर देशभर की स्वास्थ्य एजेंसियां मौत के कारणों को लेकर किसी भी निष्कर्ष तक नहीं पहुंच पाई हैं। बड्डाल क्षेत्र में गत आठ दिसंबर से संदिग्ध मौतों का सिलसिला शुरू हुआ था।
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इनमें अब तक एक परिवार से चार बच्चों और पिता समेत पांच लोगों, एक अन्य परिवार से तीन बच्चों और गर्भवती महिला व तीसरे परिवार से तीन बच्चों की मौत हो चुकी है। संदिग्ध परिस्थितियों में मौतों के बाद पीड़ित और आसपास के क्षेत्रों से 4 हजार से अधिक लोगों के स्वास्थ्य स्क्रीनिंग की गईं।
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इनमें 28 लोग संदिग्ध मिले, जिन्हें अधिक लक्षण थे। इनमें सात मृतक भी शामिल थे। इन मामलों में प्रभावित क्षेत्र से लोगों, पशुओं, प्राकृतिक जलस्रोतों और खाद्य पदार्थों के दो सौ से अधिक नमूने लिए। स्वास्थ्य विभाग के एक उच्चाधिकारी ने बताया कि प्राइमरी रिपोर्टों में किसी वायरल के मिलने की पुष्टि नहीं हुई है।
आशंका है कि मृतकों के शरीर में कोई जहरीला केमिकल चला गया, जिससे उनकी मौत हुई। इनमें अधिकांश मौतों में बच्चों को अंत में दिमाग में इंफेक्शन की शिकायत हुई। अब सवाल यह उठता है कि अगर कोई वायरस की पुष्टि नहीं हुई है तो संदिग्ध परिस्थितियों में मौतों के कारणों तक स्वास्थ्य एजेंसियां एक माह बाद भी निष्कर्ष तक क्यों नहीं पहुंच पाई हैं।
संदिग्ध परिस्थितियों में मौतों की जांच के लिए नेशनल सेंटर फार डिजीज कंट्रोल (एनसीडीसी), इंडियन काउंसिन फार मेडिकल रिसर्च (ईसीएमआर), नेशनल इंस्टीट्यूट आफ विरोलाजी (एनआईवी), पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ आदि से विशेषज्ञ पहुंचे थे। इसके अलावा स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा विभाग से विशेषज्ञों ने भी कई दिन तक बड्डाल में डेरा डाले रखा था।
स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि उन्हें अब पोस्टमार्टम की विसरा रिपोर्ट का इंतजार है, जिसके बाद ही मौत के असली कारणों का पता चल सकता है। हालांकि कोई भी स्वास्थ्य अधिकारी खुलकर बोलने को तैयार नहीं है।
कोटरंका में पहुंची थी 42 फुट मोबाइल लैब बस
संदिग्ध परिस्थितियों में मौतों के बाद कोटरंका में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद की 42 फुट लंबी मोबाइल लैब बस पहुंची थी। इसमें बड़े पैमाने पर लोगों के सैंपल लिए गए थे। बड्डाल गांव के लिए संकरा मार्ग होने के चलते इतनी लंबी मोबाइल लैब बस वहां नहीं जा सकी थी, जिससे इसे कोटरंका में ही खड़ा करना पड़ा था।
कब-कब हुई संदिग्ध मौतें
- आठ दिसंबर: जीएमसी राजोरी में फजल हुसैन (40, पिता) की मौत हुई, बेटी-फरमाना (7), रबिया कौसर (14) की राजोरी से जम्मू रेफर करते समय रास्ते में मौत, परिवार के एक अन्य बच्चे रुक्सान अहमद (10) की एसएमजीएस अस्पताल जम्मू में मौत
- 12 दिसंबर: रफ्तार अहमद (4, मृतक फजल का बेटा) की एसएमजीएस अस्पताल जम्मू में मौत
- 12 दिसंबर: बड्डाल के एक अन्य मोहम्मद रफीक परिवार से उसकी बेटी नाजिया कौसर (7) की राजोरी में मौत, इसी परिवार के मोहम्मद इश्तियाक (10) की राजोरी से एसएमजीएस जम्मू में शिफ्ट करते समय रास्ते में मौत
- 18 दिसंबर: मोहम्मद रफीक के बेटे इशफाक अहमद (12) की एसएमजीएस से पीजीआई चंडीगढ़ ले जाते समय रास्ते में मौत
- 23 दिसंबर: जीएमसी राजोरी में मोहम्मद रफीक की गर्भवती पत्नी राजिम बेगम की मौत
- 12 जनवरी 2025 : बड्डाल के मोहम्मद असलम की बेटी नवीना कौसर (9) और बेटे जहूर अहमद (14) की एसएमजीएस अस्पताल जम्मू में मौत
- 13 जनवरी: मोहम्मद असलम के तीसरे बच्चे मोहम्मद मारूफ (10) की एसएमजीएस अस्पताल जम्मू में मौत