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J&K High Court: 938 करोड़ रुपये की लागत से राइका में निर्मित होगा जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट भवन

Sun, 25 Jun 2023 04:49 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: kumar गुलशन कुमार Updated Sun, 25 Jun 2023 04:49 PM IST
सार

जम्मू कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट की इमारत को जम्मू के जानीपुर इलाके से हटाकर इसे शहर के बाहरी क्षेत्र राइका जंगल में ले जाने का फैसला किया गया है।

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jammu raika forest New High Court building to constructed at cost of Rs 938 crore
jammu high court

विस्तार

जम्मू कश्मीर प्रशासन ने जम्मू कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट की इमारत को जम्मू के जानीपुर इलाके से हटाकर इसे शहर के बाहरी क्षेत्र राइका जंगल में ले जाने का फैसला किया है। नई इमारत बनाने का फैसला किया है। 28 जून को भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ इसकी नींव रखेंगे। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित इस हाई कोर्ट परिसर की लागत 938 करोड़ रुपये आंकी गई है।

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भारत के मुख्य न्यायाधीश के जम्मू-कश्मीर दौरे को सफल बनाने के लिए रजिस्ट्रार जनरल हाई कोर्ट और प्रधान सचिव मुख्य न्यायाधीश ने कई कमेटियां बनाई हैं जो काम में जुटी हैं। इसे जम्मू-कश्मीर में न्यायिक ढांचे में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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सूत्रों के अनुसार, यह नया अदालत परिसर देश के सर्वश्रेष्ठ उच्च न्यायालयों में से एक होगा। इसमें 35 कोर्ट रूम होंगे, जिसे बाद में 70 कोर्ट रूम तक बढ़ाया जा सकता है। इस परिसर को पर्यावरण के अनुकूल बनाया जाएगा। इसे प्रसिद्ध वास्तुकार गुनीत सिंह चौहान ने डिजाइन किया है, जिन्होंने दिल्ली उच्च न्यायालय, मेट्रो स्टेशनों और मॉल सहित कई उच्च न्यायालयों को डिजाइन किया है। इसके निर्माण की निगरानी जम्मू-कश्मीर परियोजना निर्माण निगम और लोक निर्माण विभाग के माध्यम से उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों द्वारा की जाएगी।
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नए न्यायालय परिसर में तीन सभागार, एक प्रशासनिक ब्लॉक, एक मध्यस्थता केंद्र, एक चिकित्सा केंद्र, एक कंप्यूटर केंद्र, एक न्यायाधीशों का पुस्तकालय, एक हजार वकीलों के लिए कक्ष, वादियों के लिए सुविधाएं, खाद्य अदालतें, एक संग्रह अनुभाग सहित कुल 35 न्यायाधीश और कर्मचारियों के लिए स्थान उपलब्ध होगा।

यह आवास, न्यायिक अकादमी, सम्मेलन सुविधाएं, एक हेलीपैड, एक फायर स्टेशन, एक परिवहन सुविधा केंद्र आदि से भी सुसज्जित होगा। इसके अलावा जजों और वकीलों के लिए खेल, जिम और योग केंद्र की सुविधाएं भी होंगी। परियोजना को डेढ़ साल में पूरा करने का लक्ष्य है।  सूत्रों ने बताया कि वन्य जीव एवं वन विभाग से सभी एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) पहले ही मिल चुकी हैं। 

गौरतलब है कि जिस जगह पर यह कोर्ट कॉम्प्लेक्स बनाया जाना है, वहां जंगल है। इसे लेकर मामला नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में गया, जहां हाई कोर्ट ने वाजिब जवाब दाखिल किया, जिसके बाद फैसला हाईकोर्ट के पक्ष में आया।

दूसरी ओर, जम्मू के वकील जानीपुर से हाई कोर्ट परिसर को स्थानांतरित करने के पक्ष में नहीं हैं, ज्यादातर वकीलों का कहना है कि इससे उनके काम पर काफी असर पड़ेगा और कोर्ट पहुंचाने वाले लोगों को भी असुविधाएं होंगी।

जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट बार एसोसिएशन जम्मू ने वकीलों की एक 34 सदस्यीय सलाहकार समिति भी गठित की है जो इस फैसले के खिलाफ स्थायी रणनीति तय करेगी। उधर, पर्यावरण कार्यकर्ताओं और कई राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों ने भी राइका जंगल में हाई कोर्ट के निर्माण पर आपत्ति जताई है।


जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में एक संयुक्त उच्च न्यायालय और दो पीठ हैं, जो कि एक श्रीनगर में है और दूसरा जम्मू में है। जम्मू पीठ 1990 के दशक तक जम्मू में मुबारक मंडी परिसर में स्थित थी। वर्ष 1994 में उच्च न्यायालय परिसर को यहां से जानीपुर जम्मू में स्थानांतरित कर दिया गया। जानीपुर न्यायालय परिसर में उच्च न्यायालय, जिला परिसर, महाधिवक्ता कार्यालय के अलावा कई हजार कनाल भूमि का क्षेत्र है। यहां न्यायिक अकादमी और रजिस्ट्रार कार्यालय भी स्थित हैं।

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