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Jammu News: भाजपा के खिलाफ युवा कांग्रेस का प्रदर्शन, पुलिस के साथ धक्का-मुक्की
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अदाणी मामले, कश्मीरी विस्थापितों की दुकानें तोड़ने को लेकर जताया रोष
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। कांग्रेस की युवा इकाई और एनएसयूआई इकाई ने शुक्रवार एनडीए सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने प्रेस क्लब के बाहर रैली निकालने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने इन्हें आगे नहीं बढ़ने दिया। इसे लेकर पुलिसकर्मियों के साथ धक्का मुक्की भी हुई।
कार्यकर्ता अडानी मामले, मुट्ठी में कश्मीरी विस्थापितों की दुकानें तोड़ने और पीएससी द्वारा हिंदी और संस्कृत को नजरअंदाज कर निकाले गए पदों का मामला उठाया। वरिष्ठ कांग्रेस नेता एडवोकेट सुरेश डोगरा ने कहा कि जम्मू विकास प्राधिकरण ने जम्मू शहर में विस्थापित कश्मीरी पंडितों की एक दर्जन दुकानें गिरा दी। बिना किसी पूर्व सूचना के यह तोड़फोड़ की गई है।
पीड़ितों को न तो अपना जरूरी सामान हटाने का समय दिया गया और न ही अपने फर्नीचर हटाने का। युवा नेता जय सिद्ध भल्ला ने कहा कि अडानी ने देश की छवि खराब की है। जब केजरीवाल और अन्य दो वर्ष तक जेल रह सकते हैं। तो क्यों अडानी को जेल नहीं भेजा जा रहा। वहीं कांग्रेस की प्रदेश इकाई ने मुट्ठी में जेडीए द्वारा कश्मीरी प्रवासियों की कुछ दुकानों को गिराए जाने पर आपत्ति जताई है, जो पलायन के समय से ही अपनी आजीविका के लिए इन प्रतिष्ठानों पर निर्भर थे।
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मुख्य प्रवक्ता रविंद्र शर्मा और पीसीसी के अध्यक्ष कश्मीरी विस्थापित सेल एचएल पंडिता ने कहा कि जेडीए अधिकारियों को इस मामले में एक दयालु और मानवीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए था। जेडीए अधिकारियों को उन्हें उखाड़ना और वंचित नहीं करना चाहिए था।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। कांग्रेस की युवा इकाई और एनएसयूआई इकाई ने शुक्रवार एनडीए सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने प्रेस क्लब के बाहर रैली निकालने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने इन्हें आगे नहीं बढ़ने दिया। इसे लेकर पुलिसकर्मियों के साथ धक्का मुक्की भी हुई।
कार्यकर्ता अडानी मामले, मुट्ठी में कश्मीरी विस्थापितों की दुकानें तोड़ने और पीएससी द्वारा हिंदी और संस्कृत को नजरअंदाज कर निकाले गए पदों का मामला उठाया। वरिष्ठ कांग्रेस नेता एडवोकेट सुरेश डोगरा ने कहा कि जम्मू विकास प्राधिकरण ने जम्मू शहर में विस्थापित कश्मीरी पंडितों की एक दर्जन दुकानें गिरा दी। बिना किसी पूर्व सूचना के यह तोड़फोड़ की गई है।
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पीड़ितों को न तो अपना जरूरी सामान हटाने का समय दिया गया और न ही अपने फर्नीचर हटाने का। युवा नेता जय सिद्ध भल्ला ने कहा कि अडानी ने देश की छवि खराब की है। जब केजरीवाल और अन्य दो वर्ष तक जेल रह सकते हैं। तो क्यों अडानी को जेल नहीं भेजा जा रहा। वहीं कांग्रेस की प्रदेश इकाई ने मुट्ठी में जेडीए द्वारा कश्मीरी प्रवासियों की कुछ दुकानों को गिराए जाने पर आपत्ति जताई है, जो पलायन के समय से ही अपनी आजीविका के लिए इन प्रतिष्ठानों पर निर्भर थे।
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मुख्य प्रवक्ता रविंद्र शर्मा और पीसीसी के अध्यक्ष कश्मीरी विस्थापित सेल एचएल पंडिता ने कहा कि जेडीए अधिकारियों को इस मामले में एक दयालु और मानवीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए था। जेडीए अधिकारियों को उन्हें उखाड़ना और वंचित नहीं करना चाहिए था।