मौत का धागा: बाइक से पिता के साथ जा रहा था मासूम, डोर फंसने के कारण कटा गला
चिकित्सकों के अनुसार डोर से सांस की नली काट गई थी। बच्चा सही तरीके से सांस नहीं ले पा रहा था। गले के अंदर और बाहर टांके लगाए गए। लेकिन खून निकलना बंद नहीं हुआ। इस कारण उसे बचाया नहीं जा सका।
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जम्मू में बस स्टैंड के पास प्रतिबंधित गट्टू(मांझा) की डोर की चपेट में आने से गला कटने के बाद घायल हुए छह साल के बच्चे की मौत हो गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू की गई है। पुलिस ने तमाम बाजारों में दुकानों में छापेमारी की है।
बताया जा रहा है कि छह वर्षीय ध्रुव पुत्र दीपक शर्मा निवासी सरवाल अपने पिता के साथ बाइक से बस स्टैंड गया था। इसी दौरान वापस आते समय पतंग की डोर उसके गले में फंस गई। बाइक तेज रफ्तार में होने के कारण डोर से उसका गला कट गया। उसके चिल्लाने पर पिता ने बाइक रोकी और कपड़े से उसका गला ढका। उसे तुरंत जीएमसी लाया गया। यहां से उसे इलाज के लिए दूसरे अस्पताल अस्पताल रेफर कर दिया गया। यहां पर गले में टांके भी लगाए गए और उसे फिर जीएमसी भेज दिया गया। चिकित्सकों के अनुसार डोर से सांस की नली काट गई थी। बच्चा सही तरीके से सांस नहीं ले पा रहा था। गले के अंदर और बाहर टांके लगाए गए। लेकिन खून निकलना बंद नहीं हुआ। इस कारण उसे बचाया नहीं जा सका।
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प्रतिबंध होने पर भी बिक्री जारी
शहर में गट्टू की डोरों पर प्रतिबंध लगाया गया है। त्योहार से पहले पुलिस ने बाजारों में चेकिंग की। पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं। अक्सर बच्चे सस्ती डोर खरीद लेते हैं। ऐसे में लोगों की जान पर बन आती है।
हर साल छह से सात लोग होते घायल, दो से तीन होती मौत
हर साल छह से सात लोग बुरी तरह से जख्मी होते हैं। साथ ही दो से तीन लोगों की मौत भी हो जाती है। हर साल प्रतिबंध लगता है लेकिन दुकानदार पैसा कमाने के चक्कर में चाइनीज डोरों को ही बेचते हैं।
बस स्टैंड के पास बच्चा डोर की चपेट में आया था। सोमवार को बच्चे की मौत हो गई है। पुलिस बाजारों में चेकिंग कर रही है। लोगों की जान के साथ समझौता नहीं होगा। - जुगल किशोर, चौकी इंचार्ज, सरवाल