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Jammu News: पारे चढ़ते ही बढ़ी बिजली की मांग, लंबी कटौती के लिए रहें तैयार
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मौजूदा समय में 2400 मेगावाट पहुंची मांग, मई में बढ़कर पहुंच जाती है 3200 मेगावाट
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। गर्मी बढ़ने के साथ ही अब मई माह से बिजली संकट बढ़ सकता है। इस समय बिजली लोड 2400 मेगावाट के करीब है। तापमान में बढ़ोतरी होने पर पिक लोड मई तक 3200 मेगावाट तक पहुंचने की संभावना है। हर बार अप्रैल और मई माह में बिजली कटौती ज्यादा होती है।
इस कारण लोगों को दिन में तीन से चार घंटे की बिजली कटौती का सामना करना पड़ता है। डिमांड के अनुरूप बिजली की आपूर्ति नहीं हो पाई है। हर रोज 2700 से 2800 मेगावाट बिजली मिलती है। इस कारण लोड के कारण ढांचा हांफने लगता है।
बीते साल मई माह में पिक लोड 3200 मेगावाट तो जून माह तक 3300 मेगावाट पहुंच गया था। हालांकि, बिजली बिलों की अदायगी न होने और अन्य राजस्व घाटे के कारण भी पर्याप्त बिजली कारपोरेशन नहीं खरीद पाता है। इससे हमेशा बिजली संकट बना रहता है।
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सर्दी के मौसम में भी हालत ऐसे ही रहे हैं। अब गर्मी बढ़ने पर बिजली कटौती हो सकती है। फिलहाल, कारपोरेशन व्यवस्था करने में जुटा है।
बिजली कट लगने का दूसरा कारण बिजली ढांचा कमजोर होना भी है। 900 की जगह अभी तक 800 के करीब ट्रांसफार्मर शहर में लग पाए हैं। कुछ इलाकों में ट्रांसफार्मर कुल लोड के हिसाब से कम है। इस कारण लोड बढ़ने पर ढांचा जल जाता है। इससे आठ से दास घंटों के लंबे कट सहन करने पड़ते हैं।
वर्कशाॅप में 500 ट्रांसफार्मरों को रखा गया है रिजर्व
वर्कशाॅप नरवाल में 500 ट्रांसफार्मरों को रिजर्व रखा गया है। अकसर गर्मी बढ़ने पर ट्रांसफार्मर जलने का क्रम शुरू हो जाता है। हर साल तीन से 350 ट्रांसफार्मर शहर में जल जाते हैं। ट्रांसफार्मर जलने पर नया ट्रांसफार्मर लगाया जाएगा।
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गर्मी बढ़ने के साथ ही बढ़ने लगा बिजली उत्पादन
गर्मी बढ़ने के साथ ही बिजली उत्पादन बढ़ने लगा है। पहले सर्दी के मौसम में उत्पादन कम हो गया था। अब फिर से उत्पादन में बढ़ोतरी हुई है। कुल 2200 मेगावाट तक उत्पादन हो रहा है। हालांकि मई तक 3500 तक जाने की संभावना है। पहले जल स्तर सूख जाने के कारण उत्पादन कम हो रहा था।
इस बार गर्मी में लोगों को पर्याप्त बिजली मुहैया करवाई जाएगी। जहां पर मीटर नहीं लगे हैं। इन इलाकों में कट जारी रहेंगे। तकनीकी खराबी का समाधान करवाया जाएगा। तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
- केके थापा, मुख्य अभियंता, बिजली कारपोरेशन
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। गर्मी बढ़ने के साथ ही अब मई माह से बिजली संकट बढ़ सकता है। इस समय बिजली लोड 2400 मेगावाट के करीब है। तापमान में बढ़ोतरी होने पर पिक लोड मई तक 3200 मेगावाट तक पहुंचने की संभावना है। हर बार अप्रैल और मई माह में बिजली कटौती ज्यादा होती है।
इस कारण लोगों को दिन में तीन से चार घंटे की बिजली कटौती का सामना करना पड़ता है। डिमांड के अनुरूप बिजली की आपूर्ति नहीं हो पाई है। हर रोज 2700 से 2800 मेगावाट बिजली मिलती है। इस कारण लोड के कारण ढांचा हांफने लगता है।
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बीते साल मई माह में पिक लोड 3200 मेगावाट तो जून माह तक 3300 मेगावाट पहुंच गया था। हालांकि, बिजली बिलों की अदायगी न होने और अन्य राजस्व घाटे के कारण भी पर्याप्त बिजली कारपोरेशन नहीं खरीद पाता है। इससे हमेशा बिजली संकट बना रहता है।
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सर्दी के मौसम में भी हालत ऐसे ही रहे हैं। अब गर्मी बढ़ने पर बिजली कटौती हो सकती है। फिलहाल, कारपोरेशन व्यवस्था करने में जुटा है।
बिजली कट लगने का दूसरा कारण बिजली ढांचा कमजोर होना भी है। 900 की जगह अभी तक 800 के करीब ट्रांसफार्मर शहर में लग पाए हैं। कुछ इलाकों में ट्रांसफार्मर कुल लोड के हिसाब से कम है। इस कारण लोड बढ़ने पर ढांचा जल जाता है। इससे आठ से दास घंटों के लंबे कट सहन करने पड़ते हैं।
वर्कशाॅप में 500 ट्रांसफार्मरों को रखा गया है रिजर्व
वर्कशाॅप नरवाल में 500 ट्रांसफार्मरों को रिजर्व रखा गया है। अकसर गर्मी बढ़ने पर ट्रांसफार्मर जलने का क्रम शुरू हो जाता है। हर साल तीन से 350 ट्रांसफार्मर शहर में जल जाते हैं। ट्रांसफार्मर जलने पर नया ट्रांसफार्मर लगाया जाएगा।
गर्मी बढ़ने के साथ ही बढ़ने लगा बिजली उत्पादन
गर्मी बढ़ने के साथ ही बिजली उत्पादन बढ़ने लगा है। पहले सर्दी के मौसम में उत्पादन कम हो गया था। अब फिर से उत्पादन में बढ़ोतरी हुई है। कुल 2200 मेगावाट तक उत्पादन हो रहा है। हालांकि मई तक 3500 तक जाने की संभावना है। पहले जल स्तर सूख जाने के कारण उत्पादन कम हो रहा था।
इस बार गर्मी में लोगों को पर्याप्त बिजली मुहैया करवाई जाएगी। जहां पर मीटर नहीं लगे हैं। इन इलाकों में कट जारी रहेंगे। तकनीकी खराबी का समाधान करवाया जाएगा। तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
- केके थापा, मुख्य अभियंता, बिजली कारपोरेशन