{"_id":"67d88b635b60d98bd8053e76","slug":"jammu-kulgam-case-jammu-news-c-10-lko1021-568654-2025-03-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"कठुआ के बाद कुलगाम की घटना दुखद, उपराज्यपाल को देखना चाहिए : उपमुख्यमंत्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कठुआ के बाद कुलगाम की घटना दुखद, उपराज्यपाल को देखना चाहिए : उपमुख्यमंत्री
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीडीपी की इल्तिजा मुफ्ती और जम्मू-कश्मीर पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष सज्जाद गनी लोन ने भी वीडियो शेयर कर पुलिस की कार्यप्रणाली पर बोला हमला
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू/श्रीनगर कुलगाम में दो आदिवासी समुदाय के युवकों की मौतों के मामले में विधानसभा के बाहर उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने कहा कि कठुआ के बाद अब कुलगाम की यह घटना दुखद है। उपराज्यपाल को इसे देखना चाहिए, क्योंकि पुलिस उनके पास है। पुलिस ऐसे लोगों की पहचान करे, ताकि दोषियों पर कार्रवाई हो। उन्होंने कहा, सीएम उमर अब्दुल्ला अपने लोगों को सुरक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
सत्ताधारी दल के विधायक मुबारक गुल ने कहा कि निर्दोष लोगों की मौत कैसे हुई है इसकी जांच हो। पहले कठुआ में इस तरह की वारदात हुई और अब कुलगाम में। विधायक वहीद पर्रा ने कहा कि गुज्जर समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है। इससे गुज्जर समुदाय के लोग पहाड़ों की तरफ रुख करेंगे। इस तरह की असुरक्षा का भाव ठीक नहीं है।
विधायक पीरजादा फिरोज ने कहा कि यह घटना दुखद है। मैंने एसएसपी से बात की थी, जिन्होंने इसमें उच्च स्तरीय समिति बनाई है। पुलिस ने गुमशुदा लोगों को ढूंढने की कोशिश की थी। हालांकि प्रदर्शन करने वाले लोगों पर पुलिस की कार्रवाई ठीक नहीं है।
विज्ञापन
इल्तिजा मुफ्ती ने न्यायिक जांच की मांग की
पीडीपी नेता और महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा, एक पुलिसकर्मी के लिए एक महिला को लात मारना, चौंकाने वाला और अनुचित है, वह भी केवल इसलिए कि वह देवसर कुलगाम में रहस्यमय मौतों के खिलाफ शांतिपूर्वक विरोध कर रही थी। अधिकारियों का यह क्रूर व्यवहार है जो लोगों को और भी अलग-थलग करने वाले और विश्वास की कमी पैदा करता है। जम्मू कश्मीर पुलिस से अनुरोध है कि वह इस पर तुरंत गौर करे। बता दें कि पीडीपी ने कुलगाम में दो आदिवासी युवकों की रहस्यमयी मौत की न्यायिक जांच की मांग की है।
नजरबंद करने का भी लगाया आरोप
इल्तिजा मुफ्ती ने पुलिस पर उन्हें नजरबंद करने का आरोप लगाया। सोशल मीडिया पर एक फोटो पोस्ट में उन्होंने लिखा, एक बार फिर हमारे घर के दरवाजे बंद कर दिए गए हैं। उन्हें हमें सूचित करने की भी तमीज नहीं है। मैं कुलगाम जाना चाहती थी, जहां रहस्यमयी तरीके से गायब हुए दो युवकों के शव आखिरकार बरामद हुए। अधिकारी यहां क्या छिपाने की कोशिश कर रहे हैं?
लोन ने लिखा-तस्वीरें बेहद घृणित
जम्मू-कश्मीर पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष सज्जाद गनी लोन ने अपनी पोस्ट में लिखा, कुलगाम में मारे गए दो युवकों की महिला रिश्तेदारों को लात मारते हुए एक पुलिस अधिकारी की तस्वीरें बेहद घृणित हैं। यह पूरी घटना उन लोगों के मन में घृणा की भावना भरती है, जिन्हें आम लोगों की रक्षा करनी चाहिए। यह पहली बार नहीं, यह लगभग रोज की घटना है। बस ऐसी घटनाएं फिल्मांकन से बच जाती हैं। परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना है और उम्मीद है कि तीसरा युवक मिल जाएगा।
डीआईजी 10 दिन में जांच कर पेश करेंगे रिपोर्ट :
आईजी कश्मीर ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर लिखा, कुलगाम में एक पुलिस अधिकारी के जनता के साथ आचरण के बारे में सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आया है। हमने घटना और अधिकारियों के आचरण के बारे में आरोपों का संज्ञान लिया है। डीआईजी (एसकेआर) 10 दिनों के भीतर जांच कर रिपोर्ट पेश करेंगे।
यह है मामला
दक्षिण कश्मीर में स्थित कुलगाम जिले के पहाड़ी क्षेत्र चंडियां पजां के निवासी तीन भाई 25 वर्षीय रियाज अहमद, 18 वर्षीय मोहम्मद शौकत और मुख्तार अहमद एक समारोह में शरीक होने के लिए निकलने के बाद से लापता थे। एक महीने बाद स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस और एसडीआरएफ ने रियाज और शौकत के शव को नाले से बरामद किए, तीसरे युवक का अभी कोई पता नहीं लग पाया है। परिवारों ने इन तीन युवकों के लापता होने की रिपोर्ट पहले ही दक्षिण कश्मीर के काजीगुंड में दर्ज कराई थी। पोस्टमार्टम में रियाज के मरने की वजह पानी में डूबना बताई गई है, पर परिजन के अनुसार यह सही नहीं। वे बारीकी से जांच की मांग कर रहे है। इसी मांग को लेकर रविवार को इन युवकों के परिजन ने प्रदर्शन किया था। वीडियो को लेकर आरोप है कि इसी दौरान पुलिस ने महिला प्रदर्शनकारी को लात मारी।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू/श्रीनगर कुलगाम में दो आदिवासी समुदाय के युवकों की मौतों के मामले में विधानसभा के बाहर उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने कहा कि कठुआ के बाद अब कुलगाम की यह घटना दुखद है। उपराज्यपाल को इसे देखना चाहिए, क्योंकि पुलिस उनके पास है। पुलिस ऐसे लोगों की पहचान करे, ताकि दोषियों पर कार्रवाई हो। उन्होंने कहा, सीएम उमर अब्दुल्ला अपने लोगों को सुरक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
सत्ताधारी दल के विधायक मुबारक गुल ने कहा कि निर्दोष लोगों की मौत कैसे हुई है इसकी जांच हो। पहले कठुआ में इस तरह की वारदात हुई और अब कुलगाम में। विधायक वहीद पर्रा ने कहा कि गुज्जर समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है। इससे गुज्जर समुदाय के लोग पहाड़ों की तरफ रुख करेंगे। इस तरह की असुरक्षा का भाव ठीक नहीं है।
विज्ञापन
विधायक पीरजादा फिरोज ने कहा कि यह घटना दुखद है। मैंने एसएसपी से बात की थी, जिन्होंने इसमें उच्च स्तरीय समिति बनाई है। पुलिस ने गुमशुदा लोगों को ढूंढने की कोशिश की थी। हालांकि प्रदर्शन करने वाले लोगों पर पुलिस की कार्रवाई ठीक नहीं है।
विज्ञापन
इल्तिजा मुफ्ती ने न्यायिक जांच की मांग की
पीडीपी नेता और महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा, एक पुलिसकर्मी के लिए एक महिला को लात मारना, चौंकाने वाला और अनुचित है, वह भी केवल इसलिए कि वह देवसर कुलगाम में रहस्यमय मौतों के खिलाफ शांतिपूर्वक विरोध कर रही थी। अधिकारियों का यह क्रूर व्यवहार है जो लोगों को और भी अलग-थलग करने वाले और विश्वास की कमी पैदा करता है। जम्मू कश्मीर पुलिस से अनुरोध है कि वह इस पर तुरंत गौर करे। बता दें कि पीडीपी ने कुलगाम में दो आदिवासी युवकों की रहस्यमयी मौत की न्यायिक जांच की मांग की है।
नजरबंद करने का भी लगाया आरोप
इल्तिजा मुफ्ती ने पुलिस पर उन्हें नजरबंद करने का आरोप लगाया। सोशल मीडिया पर एक फोटो पोस्ट में उन्होंने लिखा, एक बार फिर हमारे घर के दरवाजे बंद कर दिए गए हैं। उन्हें हमें सूचित करने की भी तमीज नहीं है। मैं कुलगाम जाना चाहती थी, जहां रहस्यमयी तरीके से गायब हुए दो युवकों के शव आखिरकार बरामद हुए। अधिकारी यहां क्या छिपाने की कोशिश कर रहे हैं?
लोन ने लिखा-तस्वीरें बेहद घृणित
जम्मू-कश्मीर पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष सज्जाद गनी लोन ने अपनी पोस्ट में लिखा, कुलगाम में मारे गए दो युवकों की महिला रिश्तेदारों को लात मारते हुए एक पुलिस अधिकारी की तस्वीरें बेहद घृणित हैं। यह पूरी घटना उन लोगों के मन में घृणा की भावना भरती है, जिन्हें आम लोगों की रक्षा करनी चाहिए। यह पहली बार नहीं, यह लगभग रोज की घटना है। बस ऐसी घटनाएं फिल्मांकन से बच जाती हैं। परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना है और उम्मीद है कि तीसरा युवक मिल जाएगा।
डीआईजी 10 दिन में जांच कर पेश करेंगे रिपोर्ट :
आईजी कश्मीर ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर लिखा, कुलगाम में एक पुलिस अधिकारी के जनता के साथ आचरण के बारे में सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आया है। हमने घटना और अधिकारियों के आचरण के बारे में आरोपों का संज्ञान लिया है। डीआईजी (एसकेआर) 10 दिनों के भीतर जांच कर रिपोर्ट पेश करेंगे।
यह है मामला
दक्षिण कश्मीर में स्थित कुलगाम जिले के पहाड़ी क्षेत्र चंडियां पजां के निवासी तीन भाई 25 वर्षीय रियाज अहमद, 18 वर्षीय मोहम्मद शौकत और मुख्तार अहमद एक समारोह में शरीक होने के लिए निकलने के बाद से लापता थे। एक महीने बाद स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस और एसडीआरएफ ने रियाज और शौकत के शव को नाले से बरामद किए, तीसरे युवक का अभी कोई पता नहीं लग पाया है। परिवारों ने इन तीन युवकों के लापता होने की रिपोर्ट पहले ही दक्षिण कश्मीर के काजीगुंड में दर्ज कराई थी। पोस्टमार्टम में रियाज के मरने की वजह पानी में डूबना बताई गई है, पर परिजन के अनुसार यह सही नहीं। वे बारीकी से जांच की मांग कर रहे है। इसी मांग को लेकर रविवार को इन युवकों के परिजन ने प्रदर्शन किया था। वीडियो को लेकर आरोप है कि इसी दौरान पुलिस ने महिला प्रदर्शनकारी को लात मारी।