जम्मू-कश्मीर: चिनाब व झेलम का जलस्तर बढ़ने से दो बिजली परियोजनाओं से उत्पादन ठप, बिजली कटौती से बढ़ीं दिक्कतें
जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश के चलते दोनों परियोजनाओं से अभी तक उत्पादन शुरू नहीं हो पाया है। किश्तवाड़ प्लांट से 120 मेगावॉट और बगलिहार से 445 मेगावॉट बिजली का उत्पादन हो रहा था।
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जम्मू-कश्मीर में नदी-नाले उफान पर हैं। चिनाब और झेलम समेत अन्य नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। चिनाब और झेलम का जलस्तर बढ़ने से पानी में सिल्ट का खतरा भी बढ़ गया है। नदियों में सिल्ट बढ़ने से किश्तवाड़ और बगलिहार की परियोजनाओं से बिजली उत्पादन ठप हो गया है।
इससे राज्य में अब कुल 1856 मेगावॉट बिजली का उत्पादन हो पा रहा है। ऐसे हालात में आम लोगों को जल्द बिजली कटौती से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। विभाग ने लोगों से बिजली की कम खपत करने की अपील की गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि यहां अन्य बिजली प्रोजेक्टों में उत्पादन लगातार हो रहा है।
जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही बारिश से चिनाब और झेलम नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इससे नदियों में सिल्ट की मात्रा काफी ज्यादा बढ़ने लगी है। इससे किश्तवाड और रामबन इलाके में स्थित बगिहार की बिजली परियोजनाओं से उत्पादन बंद हो गया है।
जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश के चलते दो दिन बीत जाने के बावजूद दोनों परियोजनाओं से अभी तक उत्पादन शुरू नहीं हो पाया है। किश्तवाड़ प्लांट से 120 मेगावॉट और बगलिहार से 445 मेगावॉट बिजली का उत्पादन हो रहा था। इन दोनों परियोजनाओं के बंद होने से बिजली उत्पादन पर असर पड़ा है।
हालांकि बगलिहार की दूसरी परियोजना से उत्पादन हो रहा है। इसके अलावा बारामुला, गुरेज सहित अन्य परियोजनाओं से बिजली का उत्पादन हो रहा है। इसकी वजह से थोड़ी राहत है।
आने वाले दिनों में बढ़ सकती है समस्या
माना जा रहा है कि यदि बारिश इसी तरह आगे भी जारी रहती है, तो आने वाले दिनों में प्रदेश के अन्य प्रोजेक्ट भी प्रभावित होंगे। यहां पर कई बड़े बिजली के प्रोजेक्टों पर काम चल रहा है। उन पर भी बाढ़ का असर पड़ सकता है। विभाग के चीफ इंजीनियर संदीप सेठ का कहना है कि भारी बारिश से कई बिजली प्रोजेक्ट प्रभावित हुए हैं। इसके चलते बिजली के उत्पादन में कमी आई है।