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जम्मू-कश्मीर: सरकारी स्कूलों के वोकेशनल प्रशिक्षकों को मिल सकता है तीस हजार वेतन, हरियाणा मॉडल अपनाएगा प्रदेश
Fri, 06 Jan 2023 02:21 AM IST
विमल शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: विमल शर्मा
Updated Fri, 06 Jan 2023 02:21 AM IST
सार
प्रशिक्षकों की नियुक्ति की समीक्षा के लिए बनाई गई कमेटी ने सरकार को अपनी सिफारिश भेज दी है, जिसमें हरियाणा मॉडल को लागू करने की बात कही गई है। अभी तक इन प्रशिक्षकों को 20 हजार वेतन प्रतिमाह मिलता है।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जम्मू कश्मीर के सरकारी स्कूलों में तैनात वोकेशनल प्रशिक्षकों को हरियाणा के स्कूलों में कार्यरत वोकेशनल प्रशिक्षकों की तरह प्रतिमाह 30 हजार रुपये वेतन, पांच फीसदी वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ मिलेगा। प्रदेश सरकार वोकेशनल शिक्षकों की नियुक्ति की समीक्षा में हरियाणा सरकार का मॉडल लागू कर सकती है।
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प्रशिक्षकों की नियुक्ति की समीक्षा के लिए बनाई गई कमेटी ने सरकार को अपनी सिफारिश भेज दी है, जिसमें हरियाणा मॉडल को लागू करने की बात कही गई है। अभी तक इन प्रशिक्षकों को 20 हजार वेतन प्रतिमाह मिलता है। जम्मू-कश्मीर के 550 हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों में 1108 वोकेशनल प्रशिक्षक कार्यरत हैं।
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स्कूल शिक्षा विभाग ने 2016 में इन प्रशिक्षकों को नेशनल स्किल क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क (एनएनक्यूएफ) के तहत जोड़ा था। वोकेशनल प्रशिक्षक लंबे समय से सरकार से हरियाणा सरकार की तर्ज पर शिक्षकों की नियुक्ति व अन्य सुविधाएं देने की मांग कर रहे थे।
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अगस्त 2022 में सरकार ने वोकेशनल प्रशिक्षकों की नियुक्ति की समीक्षा के लिए समग्र शिक्षा परियोजना के निदेशक की अध्यक्षता में समिति बनाई थी। समिति ने अपनी रिपोर्ट सरकार को भेज दी है। रिपोर्ट तैयार करने के दौरान हरियाणा मॉडल का अध्ययन किया था।
वोकेशनल टीचर एसोसिएशन के अध्यक्ष लोन गिलानी ने कहा कि हरियाणा मॉडल लागू होने से न सिर्फ हमें, बल्कि सरकार को भी लाभ होगा। अभी प्रशिक्षकों की नियुक्ति कंपनी करती है, जिसे सरकार करोड़ों रुपये देती है। हरियाणा मॉडल लागू होने से कंपनियों का रोल खत्म हो जाएगा और सरकार ही प्रशिक्षकों को नियुक्त कर वेतन देगी।
सरकार को सिफारिश भेज दी है। पिछले वर्ष कमेटी ने अध्ययन किया। इसमें हरियाणा मॉडल को देखा गया है। सरकार अब आगे का फैसला लेगी। - दीपराज, परियोजना निदेशक, समग्र शिक्षा।