Jammu Kashmir: बेरोजगारी में दूसरे स्थान पर प्रदेश, समय पर नहीं हो रही भर्ती परीक्षाएं, 3 घोटाले की भेंट चढ़ीं
सीएमआईई द्वारा सितंबर में जारी बेरोजगारी दर के आंकड़ों में जम्मू-कश्मीर 23.2 फीसदी के साथ देश में दूसरे स्थान पर है। जेकेएसएसबी ने मार्च के बाद कोई भी भर्ती परीक्षा नहीं करवाई है, जबकि जेकेपीएससी 2021 में अधिसूचित जम्मू-कश्मीर संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा पूरी नहीं कर पाई है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जम्मू-कश्मीर में पढ़े-लिखे बेरोजगार युवाओं की संख्या दिन ब दिन बढ़ रही है। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडिया इकोनॉमी (सीएमआईई) द्वारा सितंबर में जारी बेरोजगारी दर के आंकड़ों में जम्मू-कश्मीर 23.2 फीसदी के साथ देश में दूसरे स्थान पर है, जबकि राजस्थान 23.8 फीसदी के साथ देश में पहले स्थान पर है। लगातार बढ़ती बेरोजगारी दर के बावजूद प्रदेश में सरकारी भर्ती करवाने वाले जम्मू-कश्मीर सेवा चयन बोर्ड (जेकेएसएसबी) और जम्मू-कश्मीर लोक सेवा आयोग (जेकेपीएससी) समय पर भर्ती परीक्षा नहीं करवा पा रहे हैं।
JKSSB ने मार्च के बाद कोई भी भर्ती परीक्षा नहीं करवाई
जेकेएसएसबी ने मार्च के बाद कोई भी भर्ती परीक्षा नहीं करवाई है, जबकि जेकेपीएससी 2021 में अधिसूचित जम्मू-कश्मीर संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा पूरी नहीं कर पाई है। इससे न सिर्फ युवा परेशान हो रहे हैं, जबकि बेरोजगारी दर में लगातार वृद्धि हो रही है। जम्मू-कश्मीर हर वर्ष औसतन 80 हजार युवा 12वीं कक्षा पास करते हैं, जबकि विभिन्न संकाय से एक लाख के करीब युवा स्नातक होते हैं। यानी हर साल करीब दो लाख युवा सरकार नौकरी के लिए योग्य हो जाते हैं, जबकि जम्मू-कश्मीर में जेकेएसएसबी, जेकेपीएससी एक वर्ष में औसत 20 से 22 हजार युवाओं को रोजगार दे पाती है। दूसरी ओर, निजी क्षेत्र में कितने युवा नौकरी करते हैं, इसका आंकड़ा सरकार के पास नहीं है।
अनियमितता के आरोप के बाद तीन बड़ी भर्तियां रद्द
जम्मू कश्मीर में एक साल के भीतर 2.89 लाख युवाओं से जुड़ी तीन बड़ी भर्ती परीक्षाएं रद्द की गई हैं। अनियमितता के चलते इनकी जांच सीबीआई को सौंपी गई है। फाइनांस अकाउंट असिस्टेंट (एफएए), जेई सिविल और पुलिस विभाग में सब इंस्पेक्टर (एसआई) की भर्ती रद्द हुई है।
कौन-कौन सी परीक्षाएं हुईं रद्द
- परीक्षा पद वर्तमान स्थिति कारण
- एसआई 1200 8 जुलाई को रद्द, CBI जांच पेपर लीक
- एफएए 972 28 अगस्त को रद्द, CBI जांच पेपर लीक
- जेई सिविल 209 28 अगस्त को रद्द, CBI जांच पेपर लीक
DG Lohia Murder: पहले ढाबे पर काम करता था आरोपी यासीर लोहार, बैग में हमेशा ही रखता था धारदार हथियार
11 करोड़ से अधिक आवेदन शुल्क वसूला
जम्मू-कश्मीर सेवा चयन बोर्ड (जेकेएसएसबी) ने पिछले एक साल में करवाई तीन बड़ी भर्ती परीक्षाओं के नाम पर बेरोजगार युवाओं से आवेदन शुल्क के रूप में 11 करोड़ से अधिक वसूले हैं। इसमें पुलिस सब-इंस्पेक्टर (एसआई), फाइनांस अकाउंट असिस्टेंट और जेई सिविल की भर्ती परीक्षाएं शामिल हैं। जेके एसआई में 1200 पदों के लिए 1.13 लाख युवाओं ने आवेदन किया था। आवेदन शुल्क के नाम पर चार 4 करोड़ रुपये वसूले गए थे। वहीं जेई सिविल में 162 पदों के लिए 40 हजार से अधिक युवाओं से 2.80 करोड़ रुपये और फाइनेंस अकाउंट असिस्टेंट के 972 पदों के लिए 1.36 लाख युुवाओं से 4.76 करोड़ रुपये वसूले गए थे।
रोजगार मेले हो रहे आयोजित, कितनों को मिली नौकरी
जम्मू-कश्मीर रोजगार विभाग पिछले कुछ समय से रोजगार मेले आयोजित कर रहा है, लेकिन इन मेलों से प्रति वर्ष दस हजार युवाओं को ही निजी क्षेत्र में रोजगार मिल पा रहा है। जम्मू-कश्मीर रोजगार विभाग के निदेशक नीसार वानी ने कहा कि निजी क्षेत्र में रोजगार देने के लिए विभाग हर जिलें और संभागीय स्तर पर रोजगार मेले आयोजित कर रहा है।
JK SI Recruitment Scam: कांस्टेबल रमन उम्मीदवारों के साथ पेपर लेने गया था करनाल, लिए थे 33 लाख, जमानत खारिज
61 हजार युवाओं ने रोजगार के लिए किया आवेदन
जम्मू-कश्मीर रोजगार विभाग ने जम्मू-कश्मीर कॅरिअर पोर्टल (जेकेईसीपी) का राष्ट्रीय कॅरिअर सेवा (एनसीएस) पोर्टल के साथ एकीकरण हुआ। इस पोर्टल पर अब तक 61 हजार युवाओं ने नौकरी के लिए आवेदन किया है। इस पोर्टल को शुरू हुए एक महीने का समय हुआ है। इतने कम समय में इतनी बड़ी संख्या में बेरोजगार युवाओं का आवेदन करने से प्रदेश में बढ़ती बेरोजगरी दर का अंदाजा भी लगाया जा सकता है।