DG Lohia Murder: पहले ढाबे पर काम करता था आरोपी यासीर लोहार, बैग में हमेशा ही रखता था धारदार हथियार
सूत्रों का कहना है कि यासिर डीजी लोहिया का हेल्पर बनने से पहले एक सीनियर अफसर के घर पर बतौर हेल्पर काम करता था। इसके बाद वह 4 दिन एक अन्य आईपीएस अफसर के घर पर भी रहा।
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डीजी जेल हेमंत कुमार लोहिया की हत्या मामले में तीन दिन बाद भी अधिकारिक तौर पर खुलासा नहीं हुआ है। वहीं, बताया जाता है कि आरोपी यासिर लोहार के पास टोका (हथियार) कई महीनों से था, जिसे वह बैग में रखता था।
दरअसल, यासिर डीजी जेल के पास आने से पहले वह एक ढाबे पर काम करता था। यहां उसके पास काम करने के लिए एक टोका था, जिसे वह साथ ही रखता था। वारदात के दिन भी टोका उसके बैग में था।
सूत्रों का कहना है कि यासिर डीजीपी लोहिया का हेल्पर बनने से पहले एक सीनियर अफसर के घर पर बतौर हेल्पर काम करता था। इसके बाद वह 4 दिन एक अन्य आईपीएस अफसर के घर पर भी रहा।
यहां से उसे निकाल दिया गया। इसके बाद यासिर हेमंत लोहिया के दोस्त राजीव खजुरिया के घर ही रहता था। सूत्रों का कहना है कि यासिर नौकरी न मिलने से काफी आहत था। अब उसे किस-किस ने नौकरी का आश्वासन दिया था, यह जांच का विषय है।
मजिस्ट्रेट के सामने यासिर के बयान दर्ज, पुलिस अधिकारी अब भी चुप
डीजी जेल हेमंत कुमार लोहिया की हत्या मामले में गिरफ्तार आरोपी यासिर को पुलिस ने वीरवार को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया। यहां उसके 164 के तहत बयान दर्ज किए गए। संभव है कि पुलिस की ओर से एक दो दिन के भीतर मामले को लेकर आधिकारिक तौर पर जानकारी साझा की जाए। हालांकि अभी तक पुलिस अधिकारी चुप हैं।
डीजी जेल हेमंत कुमार लोहिया की हत्या मामले में वारदात के बाद डीजीपी दिलबाग सिंह और एडीजीपी मुकेश सिंह को ओर से आरोपी यासिर के गिरफ्तार होने तक जानकारी साझा की जा रही थी। लेकिन आरोपी के गिरफ्तार होने के बाद यासिर ने क्या बताया, इस पर पुलिस महकमा चुप है।