जम्मू-कश्मीर ट्रांसपोर्ट सब्सिडी स्कीमः 15 साल पुरानी बसें बदलें, पांच लाख सब्सिडी लें
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश में 15 साल पुरानी बसों को बदलकर नए वाहन खरीदने पर ट्रांसपोर्टरों को सरकार पांच लाख रुपये तक की सब्सिडी देगी। बुधवार को प्रदेश सरकार ने जम्मू-कश्मीर ट्रांसपोर्ट सब्सिडी स्कीम को मंजूरी दे दी। परिवहन विभाग के प्रधान सचिव डॉ. असगर हसन सामून ने इसका आदेश भी जारी कर दिया है। स्कीम के लिए सरकार ने 25 करोड़ की राशि पहले से ही मंजूर की है।
योजना का मकसद बीएस-4 मॉडल समेत प्रदूषण नियंत्रण के मानकों का पालन, ट्रैफिक और सड़कों पर जगह की कमी जैसे मुद्दों पर कुछ राहत देना है। परिवहन विभाग ने फिलहाल बसों के लिए योजना लांच की है। बाद में मेटाडोर और मिनी बसों को भी इसके दायरे में लाया जाएगा। सब्सिडी योजना मुख्य रूप से उन लोगों के लिए है, जिन्हें वाहन खरीदने के लिए धन की जरूरत है। इसमें जम्मू एंड कश्मीर बैंक को भी ऋण दाता संस्था के रूप में शामिल किया गया है।
बसें खरीदने के लिए तीन महीने का समय मिलेगा
लाभार्थी को सुनिश्चित करना होगा कि बस से जुड़ी सरकारी फीस जमा हो, जिसमें टोकन टैक्स, पैसेंजर टैक्स, फिटनेस टेस्ट, परमिट फीस और बैंक देनदारी इत्यादि की औपचारिकताएं पूरी हों। इसके अलावा बीमा प्रमाण पत्र समेत परमिट का भी समय से नवीनीकृत हो। लाभार्थी को बस खरीदने के लिए तीन माह का समय दिया जाएगा। बस खरीद पर पांच लाख रुपये ऋणदाता बैंक को सीधा ट्रांसफर किया जाएगा।
कमेटी के चेयरमैन होंगे परिवहन विभाग के प्रधान सचिव
योजना में कुछ शर्तें रखी गई हैं। इनमें एक शर्त यह भी है कि चिह्नित रूटों पर सब्सिडी लाभार्थी ट्रांसपोर्टर को कम से कम पांच साल तक बस चलानी होगी। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) हर छह माह में इसकी अनुपालना रिपोर्ट देंगे।
कमेटी के चेयरमैन होंगे परिवहन विभाग के प्रधान सचिव
सरकार ने कमेटी का गठन किया है। परिवहन विभाग के प्रधान सचिव चेयरमैन होंगे, जबकि परिवहन आयुक्त सदस्य, आरटीओ जम्मू और आरटीओ कश्मीर सदस्य सचिव होंगे। कमेटी के माध्यम से भी लाभार्थियों की सूची फाइनल की जाएगी। सब कमेटी में परिवहन आयुक्त चेयरमैन, एमडी मोटर गैरेज सदस्य जबकि आरटीओ श्रीनगर और जम्मू सदस्य सचिव होंगे।