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जम्मू-कश्मीर: सियासी नेताओं के दल बदल का सिलसिला लंबा चलने के आसार, राजनीतिक परिदृश्य के अनुसार बदल रहे पार्टी

Fri, 22 Oct 2021 12:02 PM IST
करिश्मा चिब न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: करिश्मा चिब Updated Fri, 22 Oct 2021 12:02 PM IST
सार

जम्मू-कश्मीर में नए राजनीतिक परिदृश्य के अनुसार नेता पार्टियों में हो रहे शामिल। अगले साल विधानसभा चुनाव को तय मानकर सियासी गतिविधियों में आई तेजी।

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Jammu-Kashmir: The process of defection of political leaders is likely to go on for a long time, the party is changing according to the political scenario
विधानसभा चुनाव - फोटो : iStock

विस्तार

जम्मू-कश्मीर में अगले साल विधानसभा चुनाव को तय मानकर राजनीतिक दलों ने सियासी गतिविधियों में तेजी लाई है। कश्मीर में टारगेट किलिंग के बाद ज्यादातर राजनीतिक गतिविधियां जम्मू संभाग पर केंद्रित हैं। नेकां हो या भाजपा या कांग्रेस इन पार्टियों के नेताओं ने अपनी सियासी जमीन जम्मू संभाग में मजबूत करने के लिए जमीनी स्तर पर होमवर्क तेज कर दिया है।

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अनुच्छेद 370 व 35-ए के खात्मे के बाद जम्मू-कश्मीर में बदले सियासी परिदृश्य और नेताओं की विचारधारा से लेकर एजेंडे में आए बदलाव के अनुसार पार्टियों के नेता अपने हित और लाभ को देखते हुए दल बदल रहे हैं। यह सिलसिला विधानसभा चुनाव तक जारी रहने के आसार हैं। अनुच्छेद 370 की समाप्ति के बाद प्रदेश में अपनी पार्टी का गठन हुआ। इसमें पीडीपी, नेकां व कांग्रेस के कई नेता शामिल हुए। नेकां के संभागीय अध्यक्ष जम्मू देवेंद्र राणा व पूर्व मंत्री सुरजीत सलाथिया भाजपा में शामिल हो चुके हैं।
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यह भी पढ़ें- जम्मू-कश्मीर: एनआईए ने आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश के मामले में कई स्थानों पर की छापेमारी
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उनके समर्थक नेता व कार्यकर्ता भी आने वाले दिनों में भाजपा या अन्य पार्टियों का दामन थाम सकते हैं। इकजुट जम्मू का गठन भी हो चुका है। आम आदमी पार्टी जैसे दल भी प्रदेश में अपनी गतिविधियां बढ़ाने में लगे हुए हैं। केंद्र ने परिसीमन आयोग को 31 मार्च, 2022 से पहले अपनी रिपोर्ट देने को कहा है।

- विधानसभा चुनाव से हटकर होंगे इस बार जम्मू-कश्मीर में चुनाव
- विधानसभा चुनाव की घोषणा से पहले ही बड़े नेताओं के दल बदल की सिलसिला तेज
- कई नई पार्टियां भी चुनावी मैदान फतेह करने की तैयारी में जुटीं

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