{"_id":"617e3da3ed026e7bde3b1f5b","slug":"jammu-kashmir-senior-assistant-s-bail-application-rejected-crime-branch-arrested-in-alleged-fake-recruitment-scam","type":"story","status":"publish","title_hn":"जम्मू-कश्मीर: वरिष्ठ सहायक की बेल अर्जी नामंजूर, क्राइम ब्रांच ने कथित फर्जी भर्ती घोटाले में किया है गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जम्मू-कश्मीर: वरिष्ठ सहायक की बेल अर्जी नामंजूर, क्राइम ब्रांच ने कथित फर्जी भर्ती घोटाले में किया है गिरफ्तार
Sun, 31 Oct 2021 12:24 PM IST
करिश्मा चिब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: करिश्मा चिब
Updated Sun, 31 Oct 2021 12:24 PM IST
सार
इसमें प्रत्याशियों को नौकरी दिलाने का झूठा वायदा किया। जांच के दौरान सामने आया कि कुछ लाभार्थियों ने मोहम्मद याकूब भट के नाम पर बनाए गए खाते में धन जमा करवाया है।
विज्ञापन
एंटी करप्शन ब्यूरो
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
विशेष न्यायाधीश एंटी करप्शन श्रीनगर ने वरिष्ठ सहायक मोहम्मद याकूब भट की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। एडवोकेट जनरल ऑफिसर में वरिष्ठ सहायक को क्राइम ब्रांच ने कथित फर्जी भर्ती घोटाले में गिरफ्तार किया है। महाधिवक्ता कार्यालय जेएंडके के प्रशासनिक अधिकारी से पत्र मिलने के बाद प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसमें आरोप लगाया गया है कि 2021 में 76 एजी और 79 एजी को 13 जुलाई 2021 को फर्जी आदेश जारी किए गए।
विज्ञापन
सोशल मीडिया पर 33 व्यक्तियों को जूनियर असिस्टेंट और अन्य 33 व्यक्तियों को ऑर्डरली के रूप में दिखाया गया है, हालांकि महाधिवक्ता द्वारा ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। अपराध शाखा कश्मीर में जांच शुरू की गई, जिसमें पाया कि कुछ दलालों ने मोहम्मद याकूब भट वरिष्ठ सहायक के साथ साजिश रची है। इसमें प्रत्याशियों को नौकरी दिलाने का झूठा वायदा किया। जांच के दौरान सामने आया कि कुछ लाभार्थियों ने मोहम्मद याकूब भट के नाम पर बनाए गए खाते में धन जमा करवाया है।
विज्ञापन
विशेष न्यायाधीश एंटी करप्शन श्रीनगर सीएल बावोरिया ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद पाया कि पुलिस रिपोर्ट से पता चलता है कि 2021 के 76जी और79 एजी के दो फर्जी भर्ती आदेश कथित रूप से महाधिवक्ता कार्यालय द्वारा जारी किए गए थे। कनिष्ठ सहायक एवं अर्दली के रूप में 66 उम्मीदवारों की सीधी भर्ती कोटे के संबंध में सोशल मीडिया पर अपलोड किया गया है।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें- अनुच्छेद-370: बदले जम्मू-कश्मीर की ओर रुख कर रहे निवेशक, उद्योगों के लिए बना रास्ता
इन अभ्यर्थियों ने इन पदों पर भर्ती होने के लिए अभियुक्तों के खाता में राशि जमा करवाई। अभियुक्तों के व्हाट्सएप नंबर 9697000121 पर अपने प्रमाण पत्र भेजे। याचिकाकर्ता, अभियुक्त ने वरिष्ठ सहायक प्रशासनिक अनुभाग के महाधिवक्ता कार्यालय श्रीनगर के रूप में अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग किया है अन्य अधिकारियों के साथ मिलकर आपराधिक साजिश रची है। कोर्ट ने बेल को नामंजूर कर दिया है।