जम्मू-कश्मीर: शहरों में 2000 तो गांवों में 1500 आबादी पर होगा राशन डिपो, सर्वे के बाद मिलेंगे लाइसेंस
जम्मू कश्मीर में अब आबादी के हिसाब से डिपो खुलेंगे। इससे लोगों को राशन के लिए लंबा सफर तय नहीं करना पड़ेगा। वहीं, अब कम दूरी वाले डिपो एक ही डिपो में मर्ज होंगे।
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जम्मू-कश्मीर में खाद्य, आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग शहरी इलाकों में दो हजार तो ग्रामीण इलाकों में 1500 आबादी पर एक डिपो की सुविधा देगा। इसके लिए जम्मू संभाग में सर्वे करने का काम शुरू हो गया है।
सर्वे पूरा होने के बाद आबादी के हिसाब से डिपो आवंटित किए जाएंगे। ऐसा इसलिए होने जा रहा है, क्योंकि मौजूदा समय में कुछ डिपो ग्रामीण इलाकों में तीन से चार हजार आबादी पर एक है। इस कारण लोगों को राशन लेने के लिए दूर जाना पड़ रहा है।
ऐसे इलाकों में अब आबादी के हिसाब से डिपो खुलेंगे। इससे लोगों को राशन के लिए लंबा सफर तय नहीं करना पड़ेगा। वहीं, अब कम दूरी वाले डिपो एक ही डिपो में मर्ज होंगे। विभाग ने सर्वे का काम शुरू कर दिया है। सर्वे तीन माह तक चलेगा।
इसके बाद सर्वे रिपोर्ट विभाग के पास जमा होगी और आबादी के हिसाब से डिपो खोले जाएंगे। अब डिपो लेने के लिए शर्तों को भी पूरा करना होगा। शर्तें पूरी होने के बाद ही डिपो मिल सकेगा। हर डिपो में 250 से 300 राशन कार्ड होल्डरों को शामिल किया जाएगा।
पहली से दस तारीख तक डिपो होल्डर राशन गोदामों से लाएंगे। 11 से 30 तारीख तक राशन लोगों को वितरित किया जाएगा। राशन देने के बाद रसीद भी डिपो होल्डर को देनी अनिवार्य होगी। साथ ही कितने उपभोक्ताओं ने राशन लिया और कितनों ने नहीं, इस बारे भी जानकारी विभाग को देनी होगी। ऐसे उपभोक्ता जिनको राशन नहीं मिला है, उन्हें अगले माह राशन मिलेगा।
दसवीं पास को आवंटित होंगे राशन डिपो
नई व्यवस्था के हिसाब से आवंटित होने वाले राशन डिपो दसवीं पास लोगों को ही मिल पाएंगे। ऐसा इसलिए, क्योंकि कम पढ़े लिखे लोग भी डिपो चला रहे हैं। इससे राशन देते समय दुर्व्यवहार करने और राशन पूरा न देने की शिकायतें विभाग को मिल रही थीं।
अब दसवीं पास व्यक्ति को डिपो आवंटित होगा। साथ ही लोगों को राशन विभाग द्वारा तय व्यवस्था के हिसाब से देना होगा। गड़बड़ी या फिर दुर्व्यवहार करने पर डिपो दूसरे व्यक्ति को दिया जाएगा।
व्यवस्था में किया गया है बदलाव
ग्रामीण इलाकों में 1500 और शहरों में 2000 आबादी पर एक राशन डिपो होगा। व्यवस्था में बदलाव किया गया है। इसके लिए सर्वे किया जा रहा है। सर्वे के बाद डिपो आवंटित होंगे। कम दूरी वाले डिपो को मर्ज किया जाएगा। ज्यादा दूरी वाले डिपो को आबादी के हिसाब से खोला जाएगा। - सोनम वर्मा, सहायक निदेशक, खाद्य, आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग