फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   jammu kashmir,political

नेकां की नींव विश्वासघात पर आधारित : अंबरदार

विज्ञापन
jammu kashmir,political
जम्मू। भाजपा नेता एवं पूर्व एमएलसी सुरेंद्र अंबरदार ने 90 के दशक के पूर्व में नेकां अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला के कामकाज की भूमिका के लिए सार्वजनिक बहस करवाने को कहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि नेकां की नींव झूठ और विश्वासघात पर आधारित है। कश्मीर से पंडितों को निकालने की साजिश में नेकां भी शामिल थी। पंडितों के नरसंहार के लिए नेकां सरकार भी जिम्मेदार थी।
विज्ञापन

पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से रूबरू होते हुए अंबरदार ने कहा कि कश्मीरी पंडितों की शक्तिशाली आवाज टिक्का लाल टपलू की निर्मम हत्या पर डॉ. फारूक का रवैया असंतोषजनक था। यहां तक की उनकी सरकार ने पंडित प्रेम नाथ भट्ट परिवार को दाह संस्कार के लिए सुरक्षा प्रदान करने में असमर्थता जताई थी। कश्मीर में जब आतंक चरम पर था तो डॉ. फारूक लंदन चले गए। उनका लोगों या कार्यकर्ताओं से कोई लेना देना नहीं था। वह तभी उपलब्ध होते थे जब उन्हें सत्ता संभालने का कोई मौका महसूस होता था। वह अनुच्छेद 370 के सबसे बड़े राजशाहीवादी थे। उनकी सरकार ने कश्मीरी विस्थापितों के लिए पीएम के पैकेज के तहत 3000 कर्मचारियों को वित्तीय पैकेज प्रदान करने की जिम्मेदारी साझा करने का वादा पूरा क्यों नहीं किया। उन्होंने 1987 से 1990 तक पंडितों की हत्याओं की जांच के लिए एक आयोग गठित करने की मांग की। मुख्यमंत्री के रूप में डा. फारूक अब्दुल्ला के कार्यकाल के तहत सामूहिक पलायन के पीछे कारणोंका पता लगाया जाए। उनके नेतृत्व में शारदा विश्वविद्यालय के प्रस्ताव को रोकने की कोशिश की गई। एक भी मंदिर का पुनर्निर्माण नहीं कराया गया। इस दौरान डॉ. प्रदीप महोत्रा, विजय रैना मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed