Jammu Kashmir: 'जम्मू-कश्मीर में शांति से पाकिस्तान के पेट में दर्द होता है', एलजी ने बताया घुसपैठ का कारण
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जम्मू-कश्मीर में शांति को लेकर पाकिस्तान की घुसपैठ, स्थानीय आतंकवाद रिक्रूटमेंट पर नियंत्रण और भर्तियों में स्थानीय भाषा के महत्व पर विचार व्यक्त किए।
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उपराज्यपाल मनोज सिन्हा का कहना है कि जम्मू-कश्मीर में लंबे समय तक शांति रहती है तो हमारे पड़ोसी देश के पेट में दर्द होने लगता है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की वजह से यहां घुसपैठ बढ़ती है। लेकिन, पुलिस-प्रशासन और सेना में तालमेल अच्छा है। इंटेलीजेंस एजेंसियां समन्वय से काम कर रही हैं। आतंकियों का लोकल रिक्रूटमेंट इस समय न्यूनतम स्तर पर है।
‘अमर उजाला’ से एक खास बातचीत में एलजी ने आतंकवाद व शांति-व्यवस्था पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से सलाह से जुड़े सवाल पर कहा कि, वह कोई सुझाव देना चाहते हैं तो मैं उचित सुझावों का स्वागत करूंगा। रोहिंग्याओं से जुड़े मुद्दे पर मुख्यमंत्री व मंत्रियों के बयान से एलजी क्षुब्ध नजर आए। उन्होंने कहा कि सांविधानिक पदों पर बैठे लोगों को संसद में तय लाइन से इतर बात नहीं करनी चाहिए। सिन्हा ने यह भी बताया कि भर्तियों के लिए निकाले गए पदों में स्थानीय भाषा की उपेक्षा का संज्ञान लिया है और भाषा से जुड़े रिक्त पदों के विज्ञापन निकालने की राह बना दी है।
बिजनेस रूल पर बोले
मंत्रिमंडल की एक सब कमेटी बनी है जो बिजनेस रूल बना रही है। इसमें कोई विवाद नहीं है। रूल आने पर देखेंगे।आज कश्मीर में लोग नाइट लाइफ का आनंद ले रहे। एलजी कहते हैं कि आज बदलाव साफ-साफ दिख रहा है। कश्मीर में भी लोग नाइट लाइफ का आनंद ले रहे हैं। लाल चौक, पोलो व्यू मार्केट, झेलम रिवर फ्रंट पर चहल पहल रहती है। संगीत के कार्यक्रम हो रहे हैं। प्रमुख बात कि आम आदमी अपनी मर्जी से जम्मू-कश्मीर में जाने लगा है।
आरक्षण से जुड़ी सियासत पर एलजी ने कहा कि आरक्षण को लेकर कैबिनेट की एक सब कमेटी बनी है। वह क्या सिफारिश देती है, ये देखना होगा। संविधान में जो व्यवस्था है, उससे इतर कहीं कुछ करने की अनुमति नहीं है।
पूर्ण राज्य के दर्जे व अनुच्छेद-370 परउप राज्यपाल सिन्हा ने पूर्ण राज्य के दर्जे पर बड़ी स्पष्टता से बात की। कहा, कैबिनेट का जो प्रस्ताव था, वो बहुत साधारण था। उसमें कैबिनेट ने मुख्यमंत्री को अधिकृत किया था कि वे पूर्ण राज्य के दर्जा बहाली को लेकर प्रधानमंत्री, गृहमंत्री व भारत सरकार के प्रतिनिधियों से बात करेंगे। पूर्ण राज्य के दर्जे को लेकर गृहमंत्री कह चुके हैं।
प्रधानमंत्री भी श्रीनगर की सभा में कह चुके हैं। ये प्रस्ताव मेरे सामने आया तो मैंने उसे संस्तुत कर दिया। मुझे लगता है कि जिस मुद्दे पर (अनुच्छेद-370 को लेकर) देश की संसद मुहर लगा चुकी है, उस पर मैं कुछ नहीं कहूंगा।