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जम्मू-कश्मीर: पीडीपी ने सत्यपाल मलिक को भेजा कानूनी नोटिस, महबूबा पर लगाए थे कानून के दुरुपयोग के आरोप

Fri, 22 Oct 2021 03:28 PM IST
करिश्मा चिब न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: करिश्मा चिब Updated Fri, 22 Oct 2021 03:28 PM IST
सार

महबूबा मुफ्ती ने मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक द्वारा उन्हें रोशनी एक्ट का लाभार्थी बताने पर कानूनी नोटिस भेजा है।

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jammu-kashmir: PDP issues legal notice to Satya Pal Malik for accusing Mehbooba Mufti of defamation
महबूबा मुफ्ती और सत्यपाल मलिक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

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जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक द्वारा उन्हें रोशनी एक्ट का लाभार्थी बताने पर कानूनी नोटिस भेजा है। इसमें मलिक से 10 करोड़ रुपये का हर्जाना मांगा है। मुफ्ती ने मलिक के बयान को झूठ से प्रेरित बताते हुए 30 दिनों के भीतर जुर्माने की रकम अदा करने के लिए कहा है।

अधिवक्ता अनिल सेठी के माध्यम से भेजे गए कानूनी नोटिस में कहा गया है कि अविभाजित जम्मू-कश्मीर के तत्कालीन राज्यपाल मलिक ने महबूबा को रोशनी अधिनियम का लाभार्थी कहकर उनकी छवि और प्रतिष्ठा को धूमिल किया है। वे 30 दिनों के भीतर हर्जाने की रकम का भुगतान करें, ऐसा न करने पर कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

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नोटिस के कहा गया है कि मीडिया में एक वीडियो प्रसारित किया गया है, जहां आपको (मलिक को) एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए दिखाया गया है। तत्कालीन जम्मू-कश्मीर राज्य में राज्यपाल के रूप में अपने दिनों को याद करते हुए, उक्त वीडियो क्लिप में आपने आरोप लगाया है कि मेरे मुवक्किल (महबूबा मुफ्ती) ने जम्मू-कश्मीर राज्य भूमि (अधिभोगियों को स्वामित्व का अधिकार) अधिनियम, 2001 के तहत राज्य की भूमि का लाभ उठाया है।

इस अधिनियम को रोशनी अधिनियम के रूप में जाना जाता है। यह आरोप झूठा और गलत है। आपने मेरे मुवक्किल को बदनाम किया, निंदनीय और गंभीर आरोप लगा कर उनकी राजनीतिक क्षेत्र में साफ-सुथरी छवि को इरादतन खराब करने की कोशिश की। जबकि सच यह है कि महबूबा मुफ्ती ने कभी भी रोशनी अधिनियम का कभी कोई लाभ नहीं लिया और न ही कोई ऐसी जमीन हासिल की जिसे आवंटन के बाद अब रद्द कर दिया गया हो। आपके द्वारा लगाए गए आरोप राजनीतिक मिलीभगत के संकेत दे रहे हैं।

 

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