फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Jammu-Kashmir: Pakistan Bat terror not reduced on border, input of attack again in dense fog

जम्मू-कश्मीर: बॉर्डर पर कम नहीं हुआ बैट का आतंक, घने कोहरे में फिर हमले के इनपुट

Wed, 18 Dec 2019 12:08 AM IST
Pranjal Dixit न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: Pranjal Dixit Updated Wed, 18 Dec 2019 12:08 AM IST
विज्ञापन
Jammu-Kashmir: Pakistan Bat terror not reduced on border, input of attack again in dense fog
एलओसी - फोटो : फाइल, अमर उजाला
पाकिस्तान की बैट टीम की सक्रियता एलओसी पर कम नहीं हुई है। दो बार सर्जिकल स्ट्राइक होने और एयर स्ट्राइक होने के बाद भी बैट टीम लगातार सक्रिय है। वर्ष 2013 में बैट टीम ने पुंछ के मेंढर में एलओसी पर भारतीय जवान हेमराज का सिर काट लिया था। इसके बाद से लगातार बैट राजोरी और पुंछ जिलों की एलओसी पर सक्रिय है।
विज्ञापन


सूत्रों का कहना है कि सर्दी का मौसम आते ही बैट टीम अधिक सक्रिय हो जाती है। घने कोहरे की आढ़ में बैट टीम हमला करती है। ऐसे ही कई हमलों की प्लानिंग बैट टीम कर रही है। बैट टीम वर्ष 2013 की घटना को दोहराने की नापाक साजिश रच रही है। 
विज्ञापन


पुंछ जिले में बैट के हमले करने की अधिक संभावना है। क्योंकि दो बार बैट इस तरह की घटना को अंजाम दे चुकी है। हालांकि इंटरनेशनल बार्डर पर भी इसकी संभावना को देखकर सतर्कता बढ़ाई गई है। क्योंकि पाकिस्तान की टीम ने सांबा में भी बीएसएफ के एक जवान के साथ इसी तरह की क्रूरता की थी। 
विज्ञापन
विज्ञापन


सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में पुंछ जिले की एलओसी के बलनोई नाले पर फिर से बैट हमला हो सकता है। उस पार बैठी बैट टीम के सदस्य इस वारदात को अंजाम देने की घात लगाकर बैठे हुए हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed