जम्मू कश्मीर: इंजीनियर रशीद के शपथ लेने की इजाजत पर क्या बोले उमर-महबूबा और बुखारी? पढ़ें इन नेताओं के बयान
इंजीनियर रशीद को शपथ मिलने की इजाजत पर पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती और अपनी पार्टी के अध्यक्ष अल्ताफ बुखारी ने इसका स्वागत किया है। वहीं, उमर अब्दुल्ला ने कहा कि उन्हें शपथ लेने की इजाजत तो मिली पर रिहाई नहीं पाई है।
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इंजीनियर रशीद को सांसद के रूप में शपथ लेने के लिए एनआईए से मिली सहमति पर जम्मू कश्मीर के नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती और अपनी पार्टी के अध्यक्ष अल्ताफ बुखारी ने इसका स्वागत किया है। वहीं, उमर अब्दुल्ला ने कहा कि उन्हें शपथ लेने की इजाजत तो मिली पर रिहाई नहीं पाई है। ऐसे में बारामुला को उनका प्रतिनिधि नहीं मिल पाएगा।
सांसद के रूप में शपथ लेने की अनुमति मिलने से राहत मिली- महबूबा
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने सोमवार को कहा कि उन्हें यह जानकर राहत मिली है कि बारामुला से लोकसभा चुनाव जीतने वाले शेख अब्दुल रशीद (इंजीनियर रशीद) को संसद सदस्य के रूप में शपथ लेने की अनुमति एनएआई से मिल गई है। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि जेलों में बंद अन्य कश्मीरी लोगों को भी रिहा किया जाए।
उन्होंने कहा, 'यह दुखदाई है कि इंजीनियर रशीद 2019 से निराधार आरोपों में सलाखों के पीछे हैं। यह जानकर राहत मिली कि उन्हें संसद सदस्य के रूप में शपथ लेने की अनुमति दी गई है, लेकिन उनका कारावास अपने आप में न्याय का घोर मजाक है। भारत सरकार को उन्हें और जेलों में बंद अनगिनत अन्य कश्मीरी लोगों को तुरंत रिहा करना चाहिए।'
निर्वाचित सांसदों को मीडिया से बातचीत करने से रोकना चिंताजनक- अल्ताफ बुखारी
अपनी पार्टी के प्रमुख अल्ताफ बुखारी ने कहा कि बारामुला लोकसभा सीट से निर्वाचित सांसद इंजीनियर रशीद के शपथ ग्रहण के लिए एनआईए द्वारा अनुमति दिए जाने से संबंधित घटनाक्रम का स्वागत है। यह लंबे समय से अपेक्षित था, जो अंततः पूरा हुआ, जिससे उत्तरी कश्मीर में लाखों की संख्या में मतदाताओं को खुशी और संतुष्टि मिली। हालांकि, निर्वाचित सांसदों को मीडिया से बातचीत करने से रोकना चिंताजनक है और लोकतंत्र के लिए स्वस्थ संकेत नहीं है।
इंजीनियर रशीद को शपथ की इजाजत पर बोले उमर
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि इंजीनियर रशीद को एनआईए की तरफ से शपथ लेने के लिए सहमति मिल गई है। लेकिन वह अभी रिहा नहीं हो रहे हैं। ऐसे में वह शपथ तो ले लेंगे लेकिन बारामुला के लोगों को उनका प्रतिनिधि नहीं मिल पाएगा। रशीद जनता के बीच जाकर काम नहीं कर पाएंगे।
सोमवार को देश में तीन नए आपराधिक कानून- भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) लागू किए गए हैं। नए कानूनों ने क्रमशः ब्रिटिश काल की भारतीय दंड संहिता, दंड प्रक्रिया संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम की जगह ली है।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने इंजीनियर रशीद को सांसद पद के लिए शपथ लेने पर सहमति दे दी है। अब दो जुलाई को दिल्ली की अदालत इस पर अपना फैसला सुनाएगी। उन्हें अनुमति कुछ शर्तों के साथ दी गई है, जिनमें से मीडिया से बातचीत न करना भी शामिल है। सूत्रों के अनुसार, पांच जुलाई को इंजीनियर रशीद शपथ ले सकते हैं। हालांकि यह भी तय नहीं हुआ है।
आतंकी फंडिंग मामले में जेल में बंद है रशीद
इंजीनियर रशीद के नाम से मशहूर शेख अब्दुल रशीद आतंकी फंडिंग मामले में 2019 से तिहाड़ जेल में बंद है। जेल में रहकर ही उन्होंने उत्तरी कश्मीर की बारामुला सीट से चुनाव लड़ा था और इस सीट पर भारी मतों से जीत दर्ज की थी। इंजीनियर रशीद ने उमर अब्दुल्ला और सज्जाद लोन को हराया था। यहां पढ़ें पूरी खबर...