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जम्मू-कश्मीर : शिक्षा संस्थानों में रोटेशन पर बुलाए जाएंगे छात्र, श्रीनगर फिर ऑरेंज श्रेणी में
Wed, 31 Mar 2021 02:32 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 31 Mar 2021 02:32 AM IST
सार
- एक से अधिक संक्रमित मिला तो 48 घंटे बंद होगा परिसर
- कोरोना रोकथाम के लिए नई गाइडलाइन एक से 30 अप्रैल तक रहेगी लागू
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कोरोना वायरस
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
प्रदेशभर में स्कूल-कॉलेजों समेत तमाम शिक्षा संस्थानों में विद्यार्थियों को रोटेशन में बुलाया जाएगा। विद्यार्थी व्यक्तिगत हाजिरी के बजाय ऑनलाइन पढ़ना चाहते हैं तो उसकी व्यवस्था करनी होगी।
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वहीं, किसी कार्यस्थल पर एक से अधिक कोरोना संक्रमित मिलने पर संबंधित भवन अथवा परिसर 48 घंटे के लिए बंद किया जाएगा। इस दौरान स्टाफ घर से काम करेगा। कोरोना महामारी रोकथाम के लिए प्रदेश में नई गाइडलाइन जारी की गई है। यह गाइडलाइन एक से 30 अप्रैल तक लागू रहेंगी।
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लखनपुर कॉरिडोर और जवाहर टनल क्षेत्र के आसपास का इलाका रेड जोन में रखा गया है। श्रीनगर जिले को महीनों बाद फिर से ऑरेंज श्रेणी में लाया गया है। अन्य 19 जिले ग्रीन श्रेणी में रहेंगे, लेकिन एहतियात के तौर पर कोरोना गाइडलाइन का सख्ती से पालन करना होगा। किसी भी कार्यस्थल पर एक से अधिक कोरोना संक्रमित मिलने पर संबंधित इमारत व स्थल 48 घंटे के लिए बंद किया जाएगा।
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इस दौरान घर से काम लिया जा सकेगा। एक ही संक्रमित मिलने पर सैनिटाइजेशन की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाएगी। संक्रमण बढ़ने के चलते शिक्षा संस्थानों में विद्यार्थियों की हाजिरी के लिए क्रमवार व्यवस्था की जाएगी। जितना संभव हो, ऑनलाइन व दूरस्थ माध्यम से पढ़ाई करवाई जाएगी। विद्यार्थी ऑनलाइन पढ़ने की इच्छा जताते हैं तो उनके लिए व्यवस्था करनी होगी।
प्रदेश में रेल, सड़क और हवाई जहाज से प्रवेश करने वालों पर किसी प्रकार की पाबंदी नहीं होगी, लेकिन रैपिड एंटीजन टेस्ट कराना अनिवार्य रहेगा। वैष्णो देवी दर्शन के लिए आने वाले यात्रियों की अधिकतम दैनिक संख्या 25 हजार ही रहेगी।
उद्योगों के लिए हिदायतें
दस या अधिक लोगों के एक जगह पर एकत्रित होने, बैठक करने की स्थिति से बचना होगा। सभी वर्करों का चिकित्सा बीमा अनिवार्य रूप से करवाना होगा। उद्योग परिसर में एक ही स्थान से प्रवेश सुनिश्चित करवाते हुए कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना होगा।
लॉकडाउन नहीं, पर पाबंदियां लगा सकेंगे मजिस्ट्रेट
जिला मजिस्ट्रेट कंटेनमेंट जोन के बाद लॉकडाउन नहीं लगा सकेंगे। इसके लिए केवल प्रदेश कार्यकारी समिति ही अधिकृत रहेगी। हालांकि एहतियातन पाबंदियां लगाई जा सकती हैं। मजिस्ट्रेट ज्यादा लोगों के एकत्रित होने, छोटे कंटेनमेंट जोन बनाने, प्रदेश, समागम, जुलूस की अनुमति न देने का फैसला ले सकते हैं।
टेस्ट, ट्रैक, ट्रीट की रणनीति पर होगा काम
संक्रमण को रोकने के लिए प्रशासन टेस्ट, ट्रैक और ट्रीट की तिहरी रणनीति पर काम करेगा। इसके लिए सबसे पहले संक्रमित की पहचान करने के लिए ज्यादा से ज्यादा टेस्टिंग पर जोर रहेगा। टेस्टिंग की ओवर ऑल दर को 70 फीसदी तक ले जाने का लक्ष्य लेकर काम किया जाएगा। संक्रमित मिलने पर उसके संपर्क का दायरा पता करना और मरीज को उपचार देना प्राथमिकता होगी।