{"_id":"686437923f78eefc4d0586cb","slug":"jammu-kashmir-news-srinagar-news-c-264-1-sr11003-102860-2025-07-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: ट्रांसपोर्टरों की चेतावनी, दस दिन में समस्या का हल नहीं हुआ तो राज्यव्यापी आंदोलन करेंगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: ट्रांसपोर्टरों की चेतावनी, दस दिन में समस्या का हल नहीं हुआ तो राज्यव्यापी आंदोलन करेंगे
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्रीनगर। ऑल जेएंडके ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन (एजेकेटीडब्ल्यूए) से संबद्ध सभी संघों और कंपनियों ने मंगलवार को परिवहन से संबंधित लंबित मांगों को लेकर परिमपोरा जनरल बस स्टैंड पर सम्मेलन किया। ट्रांसपोर्टरों ने सरकार को ज्वलंत मुद्दों को सुलझाने के लिए दस दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर तय समय में निस्तारण नहीं हुआ तो एसोसिएशन राज्यव्यापी विरोध (चक्का-जाम) करेगी। इस दौरान विरोध स्वरूप टायर भी जलाकर नारेबाजी की गई।
इस दौरान जम्मू और कश्मीर दोनों संभागों के ट्रांसपोर्टरों ने अपनी आजीविका को प्रभावित करने वाले अनसुलझे मुद्दों पर निराशा व्यक्त की। सभी ने चेयरमैन एस करण सिंह वजीर से इन मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर प्रदेश सरकार के समक्ष उठाने का आह्वान किया।
एसोसिएशन ने कहा है कि इस आंदोलन के कारण आम जनता को होने वाली किसी भी असुविधा के लिए सरकार जिम्मेदार होगी। इस दौरान ट्रांसपोर्टरों ने विरोध स्वरूप टायर जलाकर नारेबाजी की- हमारी मांगे पूरी करो, चाहे जो मजबूरी हो।
विज्ञापन
ट्रांसपोर्टरों द्वारा गिनाई गई मांगों में ई-बसों की बढ़ती संख्या पर रोक लगाना, मौजूदा समय संचालित ई-बसों का संचालन निश्चित मार्ग पर ही करने और अवैध ई-रिक्शा तथा ई-ऑटो के संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध शामिल है। ट्रांसपोर्टरों ने कहा कि ये ई-वाहन संपर्क मार्गों की बजाय प्रमुख सार्वजनिक मार्गों पर चल रहे हैं। आरटीए द्वारा जम्मू में 84 और कश्मीर में 76 मार्गों की पहचान किए जाने के बावजूद ये वाहन अवैध रूप से चल रहे हैं।
विज्ञापन
इस दौरान जम्मू और कश्मीर दोनों संभागों के ट्रांसपोर्टरों ने अपनी आजीविका को प्रभावित करने वाले अनसुलझे मुद्दों पर निराशा व्यक्त की। सभी ने चेयरमैन एस करण सिंह वजीर से इन मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर प्रदेश सरकार के समक्ष उठाने का आह्वान किया।
विज्ञापन
एसोसिएशन ने कहा है कि इस आंदोलन के कारण आम जनता को होने वाली किसी भी असुविधा के लिए सरकार जिम्मेदार होगी। इस दौरान ट्रांसपोर्टरों ने विरोध स्वरूप टायर जलाकर नारेबाजी की- हमारी मांगे पूरी करो, चाहे जो मजबूरी हो।
विज्ञापन
ट्रांसपोर्टरों द्वारा गिनाई गई मांगों में ई-बसों की बढ़ती संख्या पर रोक लगाना, मौजूदा समय संचालित ई-बसों का संचालन निश्चित मार्ग पर ही करने और अवैध ई-रिक्शा तथा ई-ऑटो के संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध शामिल है। ट्रांसपोर्टरों ने कहा कि ये ई-वाहन संपर्क मार्गों की बजाय प्रमुख सार्वजनिक मार्गों पर चल रहे हैं। आरटीए द्वारा जम्मू में 84 और कश्मीर में 76 मार्गों की पहचान किए जाने के बावजूद ये वाहन अवैध रूप से चल रहे हैं।