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Jammu News: श्रीनगर में जुलाई के महीने में तापमान ने 70 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ा
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श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में पिछले करीब 70 वर्षों का गर्मी का रिकॉर्ड शनिवार को टूट गया। घाटी में असामान्य रूप से उच्च तापमान दर्ज किया गया। मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के अनुसार श्रीनगर में अधिकतम तापमान 37.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो अब तक का तीसरा सबसे अधिक तापमान है। यह तीव्र गर्मी शहर के लिए रिकॉर्ड किए गए जुलाई के सबसे गर्म दिनों में से एक है।
मौसम विभाग के अनुसार वर्तमान तापमान पिछले उच्चतम तापमानों से थोड़ा कम है। इससे पूर्व 5 जुलाई 1953 को अधिकतम तापमान 37.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जबकि 10 जुलाई 1946 को दर्ज किया गया अब तक का सबसे अधिक तापमान 38.3 डिग्री सेल्सियस था। अत्यधिक गर्मी ने इस क्षेत्र में बढ़ते तापमान को लेकर चिंता पैदा कर दी हैं, जो आमतौर पर अपने मध्यम गर्मियों के मौसम के लिए जाना जाता है।
जम्मू और कश्मीर के अन्य हिस्सों में भी रिकॉर्ड तोड़ तापमान देखा गया। लोकप्रिय पहाड़ी गंतव्य कोकरनाग में 34.0 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जो स्टेशन के इतिहास में जुलाई महीने का दूसरा सबसे अधिक तापमान है। 34.1 डिग्री सेल्सियस का पिछला रिकॉर्ड पिछले साल ही 28 जुलाई, 2024 को दर्ज किया गया था। अपने ठंडे मौसम और सुंदर परिदृश्यों के लिए मशहूर पहलगाम में तापमान 31.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो स्टेशन पर अब तक का सबसे अधिक तापमान है। इससे पहले का रिकॉर्ड 31.5 डिग्री सेल्सियस था, जो 21 जुलाई, 2024 को दर्ज किया गया था।
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गौरतलब है कि इस गर्मी के चलते आम लोग काफी परेशान हैं। उनके अनुसार उन्होंने ऐसा बदलाव कभी नहीं देखा है। एक स्थानीय दुकानदार मुनीर अहमद ने कहा कि कश्मीर में गर्मी हुआ करती थी लेकिन कुछ दिनों के लिए, लेकिन वो गर्मी ऐसी नहीं जैसा कि इस बार हमने महसूस की। इस साल गर्मी ने दशकों के रिकॉर्ड तोड़ दिए। घरों में लोग अब एसी लगवा रहे हैं क्योंकि पंखे की हवा भी अब गर्म महसूस होती है। दोपहर में बाहर नहीं निकला जा रहा है। शनिवार को तो धूप इतनी तेज़ थी कि चिलचिलाती धूप में बाहर निकलना मुश्किल हो गया। अब तो यही दुआ करते हैं कि बारिश पड़े और तापमान में थोड़ी राहत मिले।
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मौसम विभाग के अनुसार वर्तमान तापमान पिछले उच्चतम तापमानों से थोड़ा कम है। इससे पूर्व 5 जुलाई 1953 को अधिकतम तापमान 37.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जबकि 10 जुलाई 1946 को दर्ज किया गया अब तक का सबसे अधिक तापमान 38.3 डिग्री सेल्सियस था। अत्यधिक गर्मी ने इस क्षेत्र में बढ़ते तापमान को लेकर चिंता पैदा कर दी हैं, जो आमतौर पर अपने मध्यम गर्मियों के मौसम के लिए जाना जाता है।
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जम्मू और कश्मीर के अन्य हिस्सों में भी रिकॉर्ड तोड़ तापमान देखा गया। लोकप्रिय पहाड़ी गंतव्य कोकरनाग में 34.0 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जो स्टेशन के इतिहास में जुलाई महीने का दूसरा सबसे अधिक तापमान है। 34.1 डिग्री सेल्सियस का पिछला रिकॉर्ड पिछले साल ही 28 जुलाई, 2024 को दर्ज किया गया था। अपने ठंडे मौसम और सुंदर परिदृश्यों के लिए मशहूर पहलगाम में तापमान 31.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो स्टेशन पर अब तक का सबसे अधिक तापमान है। इससे पहले का रिकॉर्ड 31.5 डिग्री सेल्सियस था, जो 21 जुलाई, 2024 को दर्ज किया गया था।
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गौरतलब है कि इस गर्मी के चलते आम लोग काफी परेशान हैं। उनके अनुसार उन्होंने ऐसा बदलाव कभी नहीं देखा है। एक स्थानीय दुकानदार मुनीर अहमद ने कहा कि कश्मीर में गर्मी हुआ करती थी लेकिन कुछ दिनों के लिए, लेकिन वो गर्मी ऐसी नहीं जैसा कि इस बार हमने महसूस की। इस साल गर्मी ने दशकों के रिकॉर्ड तोड़ दिए। घरों में लोग अब एसी लगवा रहे हैं क्योंकि पंखे की हवा भी अब गर्म महसूस होती है। दोपहर में बाहर नहीं निकला जा रहा है। शनिवार को तो धूप इतनी तेज़ थी कि चिलचिलाती धूप में बाहर निकलना मुश्किल हो गया। अब तो यही दुआ करते हैं कि बारिश पड़े और तापमान में थोड़ी राहत मिले।