फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   jammu kashmir news

Jammu News: जिले में करोड़ों के विकास कार्य बीच में ही अटके

विज्ञापन
jammu kashmir news
 सुभाष स्टेडियम में चार साल से जारी पवेलियन का निर्माण कार्य। - फोटो : udhampur news
उधमपुर। लंबे अंतराल के बाद प्रदेश में गठित हुई सरकार का आज भले ही एक साल पूरा हो गया लेकिन उधमपुर जिला मुख्यालय में लंबे समय से चल रहे करोड़ों के विकास कार्य आज भी अधूरे ही हैं। इसमें पार्किंग, खेल, व्यापार और यातायात से जुड़ी ऐसी मुख्य परियोजनाएं हैं जिनका आम आदमी से हर रोज हर पल सरोकार रहता है लेकिन यह परियोजनाएं कभी फंड की कमी से तो कभी राजनीतिक अनदेखी का शिकार हो रही हैं और आम आदमी सिर्फ आस लगाए बैठा है।
विज्ञापन

लगभग दस साल के लंबे इंतजार के बाद जम्मू-कश्मीर में चुनाव हुए थे। लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जनता ने अपने नुमांइदों को चुना। लोगों को काफी उम्मीद थी कि सरकार के आने से विकास कार्यों में भी गति आएगी और लंबे समय से धीमी गति से चल रही परियोजनाओं को भी प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा। लेकिन उधमपुर जिला मुख्यालय में चल रहे विकास कार्यों के हालात कुछ और ही बयां कर रहे हैं।
विज्ञापन

जिला प्रशासन के प्रयासों से शहर के बीचोंबीच मीट मार्केट के साथ तीन मंजिला मल्टी स्टोरी पार्किंग, टाउन हाल परिसर में पार्किंग, वेंडर मार्केट, नगर परिषद कार्यालय सहित मल्टीप्लेक्स और सुभाष स्टेडियम में खेल प्रेमियों के लिए अन्य सुविधाओं के साथ पवेलियन के निर्माण कार्य शुरू किए गए जो सरकार बनने के एक साल बाद भी पूरे नहीं हो पाए हैं जबकि घोरडी-बरमीन इलाके की लगभग 1 लाख से अधिक आबादी को जिला मुख्यालय से जोड़ने वाले सलमेह पुल की सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बावजूद पिछले तीन सालों से निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं हो पाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

15 सालों से स्टेडियम में पवेलियन का इंतजार
14 नवंबर 2010 को खेल परिषद ने सुभाष स्टेडियम में 5.23 करोड़ की लागत से पवेलियन की तीन मंजिला इमारत का निर्माण शुरू कराया है। इसमें 300 से अधिक लोग बैठ सकेंगे और खिलाड़ियों के लिए भी कई सुविधाएं होंगी। हालांकि, पवेलियन के अधूरे पड़े ढांचे को लेकर अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। प्रधानमंत्री विकास पैकेज के तहत वर्ष 2022 में केंद्र सरकार ने सुभाष स्टेडियम में पवेलियन के निर्माण कार्य को मंजूरी दी थी। जिसका निर्माण पिछले तीन वर्षों में भी पूरा नहीं हो पाया है।
मल्टीपर्पस इमारत की निर्धारित समय सीमा भी हुई पार
टाउन हाल परिसर में मई 2021 में शहर में दो मल्टीपर्पस इमारत बनाने को मंजूरी दी गई थी। यह करीब 17 करोड़ रुपये की लागत से नगर परिषद के पुराने कार्यालय स्थल पर बनाई जा रही है। 26 अक्तूबर 2023 को इसका काम शुरू किया गया था और 31 मार्च 2025 को इस काम को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन अभी तक इसका काम पूरा नहीं हो पाया है।
मल्टीस्टोरी पार्किंग का 50 प्रतिशत भी नहीं हुआ पूरा
वहीं पुरानी थोक सब्जी मंडी मीट मार्केट में लगभग चार कनाल जमीन पर बनाए जाने वाली दूसरी मल्टीस्टोरी पार्किंग का काम जमीनी विवाद के चलते ढाई साल की देरी के बाद शुरू हुआ था। विवाद के सुलझने पर फरवरी 2024 में इसका काम शुरू हुआ। वर्ष 2025 अपने अंतिम पड़ाव पर है लेकिन पार्किंग का निर्माण आधा भी पूरा नहीं हो पाया है। यह तीनों परियोजनाएं कभी फंड के अभाव में लटकी रहीं तो कभी धीमी रफ्तार के कारण। हालांकि मौजूदा समय में तीनों परियोजनाओं पर काम चल रहा है लेकिन सभी अपनी निर्धारित समय सीमा पार कर चुके हैं।
केंद्र शासित प्रदेश के नाम पर गुमराह करती रही सरकार
सलमेह पुल को यूटी प्रशासन की ओर से मंजूरी दी गई थी लेकिन उसके बाद पुल को लेकर राजनीति की जानें लगी। हालांकि लगभग 25 करोड़ की लागत से तैयार होने वाले पुल की टैंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और जल्द टेंडर जारी कर निर्माण कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। लेकिन पिछले एक साल से मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला सरकार हर क्षेत्र में विफल रही हैं। पावर न होने के नाम पर सिर्फ लोगों को गुमराह किया गया। विधानसभा क्षेत्रों के विकास के लिए पहले जिला विकास बोर्ड का गठन हुआ करता था और प्रत्येक जिले में बैठकें हुआ करती थी उसे भी खत्म कर दिया गया।
- बलवंत सिंह मनकोटिया, विधायक चिनैनी।
नई परियोजनाएं तो दूर पुरानी भी नहीें होने दी पूरी

सरकार के नुमांइदे हो या विधायक नए काम तो दूर पुरानी परियोजनाओं को भी पूरी तरह से अमलीजामा पहनाने में विफल रहीं है। पक्ष विपक्ष सिर्फ एक दूसरे पर आरोप जड़ने में जुटे हुए हैं। सरकार अपने हाथ में पावर न होने का हवाला देकर लोगों को गुमराह कर रही है जबकि प्रदेश स्तरीय योजनाओं पर भी कोई काम नहीं किया जा रहा। जिसकी वजह से सरकार के बनने से लोगों की जगी उम्मीदों पर पिछले एक साल में पूरी तरह से पानी फिर गया है। सिर्फ लाल रिबन काटने के नाम पर राजनीति का खेल खेला जा रहा है।


- पवन खजूरिया, वरिष्ठ स्वतंत्र नेता
परियोजनाओं के लिए संघर्ष कर जुटाए फंड

किसी भी विकास कार्य को जारी रखने के लिए फंड की जरूरत होती है। उधमपुर में चल रही कई परियोजनाओं में फंड के अभाव के कारण ठेकेदारों को काम तक बंद करना पड़ा लेकिन पार्किंग परियोजना और थीम पार्क के लिए 20 करोड़ से भी अधिक फंड मुहैया कराकर निर्माण फिर से शुरू कराया गया। जबकि पानी के लिए 124 करोड़ और सड़कों के जीर्णोद्धार के लिए भी संघर्ष करके करोड़ों रुपये मुहैया कराए गए। अफसोस इस बात है कि सरकार गठित होने पर जनता को जो उम्मीदें होती हैं मौजूदा सरकार उन उम्मीदों पर सफल नहीं हो पाई है।
- पवन गुप्ता, विधायक उधमपुर वेस्ट



विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article