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Jammu News: मुगल रोड पर मोबाइल कनेक्टिविटी नहीं, यात्री हो रहे परेशान
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शोपियां। दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले को पीर पंजाल क्षेत्र के राजोरी और पुंछ जिलों से जोड़ने वाला 84 किलोमीटर लंबा मुगल रोड मोबाइल कनेक्टिविटी से वंचित है। यही नहीं यहां शौचालय, ऑटो सर्विस, फ्यूल स्टेशन और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं सहित महत्वपूर्ण सुविधाओं का भी अभाव है। इससे लोग काफी परेशान हैं।
शोपियां के एक प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता मिठा गट्टू ने कहा, सुविधाओं के अभाव में टायर पंचर होने पर भी वाहन कई घंटों तक फंसा रहता है। उन्होंने कहा कि मुगल रोड परियोजना की शुरुआत 1979 में हुई थी। इसे पूरा होने में दशकों लग गए। आखिरकार 2012 में वाहनों के लिए डबल लेन वाली सड़क खोल दी गई। हालांकि, सड़क के किनारे की सुविधाओं को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया गया है। इससे यात्रियों को असुविधा होती है। गट्टू ने कहा, रात में सड़क पर यात्रा करना जोखिम भरा है। दुर्घटना या किसी अन्य आपात स्थिति स्थिति में यात्री मदद के लिए फोन भी नहीं कर पाते हैं। हमने कई बार अधिकारियों के समक्ष इस मुद्दे को उठाया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
2013 में विधान परिषद की विभागीय संबंधित स्थायी समिति (डीआरएससी) ने पर्यटन विभाग और अन्य विकास प्राधिकरणों को मुगल रोड के किनारे सुविधाएं प्रदान करने का निर्देश दिया था, लेकिन कुछ नहीं हुआ।
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शोपियां के एक प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता मिठा गट्टू ने कहा, सुविधाओं के अभाव में टायर पंचर होने पर भी वाहन कई घंटों तक फंसा रहता है। उन्होंने कहा कि मुगल रोड परियोजना की शुरुआत 1979 में हुई थी। इसे पूरा होने में दशकों लग गए। आखिरकार 2012 में वाहनों के लिए डबल लेन वाली सड़क खोल दी गई। हालांकि, सड़क के किनारे की सुविधाओं को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया गया है। इससे यात्रियों को असुविधा होती है। गट्टू ने कहा, रात में सड़क पर यात्रा करना जोखिम भरा है। दुर्घटना या किसी अन्य आपात स्थिति स्थिति में यात्री मदद के लिए फोन भी नहीं कर पाते हैं। हमने कई बार अधिकारियों के समक्ष इस मुद्दे को उठाया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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2013 में विधान परिषद की विभागीय संबंधित स्थायी समिति (डीआरएससी) ने पर्यटन विभाग और अन्य विकास प्राधिकरणों को मुगल रोड के किनारे सुविधाएं प्रदान करने का निर्देश दिया था, लेकिन कुछ नहीं हुआ।
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