{"_id":"66d120f6c8dd60625304cb56","slug":"jammu-kashmir-news-srinagar-news-c-10-jmu1040-430544-2024-08-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"जम्मू-कश्मीर में पीडीपी बनेगी किंगमेकर: इल्तिजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जम्मू-कश्मीर में पीडीपी बनेगी किंगमेकर: इल्तिजा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्रीनगर। इल्तिजा मुफ्ती ने वीरवार को कहा कि पीडीपी जम्मू-कश्मीर में किंगमेकर बनकर उभरेगी क्योंकि आगामी विधानसभा चुनाव में किसी भी पार्टी को अपने दम पर बहुमत नहीं मिलेगा। इल्तिजा ने प्रचार अभियान के दौरान कहा, मुझे पूरा विश्वास है कि हम जिस भी स्थिति में हों, पीडीपी किंगमेकर होगी। एक बात स्पष्ट है कि किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिलेगा।
मुफ्ती परिवार की तीसरी पीढ़ी इल्तिजा पीडीपी के गढ़ श्रीगुफवारा-बिजबिहाड़ा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रही हैं। इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व उनकी मां महबूबा मुफ्ती और उनके दादा मुफ्ती मोहम्मद सईद कर चुके हैं।
इल्तिजा ने कहा कि उनकी पार्टी चुनाव लड़ेगी ताकि भाजपा के लिए जमीन न छोड़े, न कि सत्ता या संख्या के खेल के लिए। उन्होंने जम्मू-कश्मीर की वर्तमान स्थिति को नगर पालिका से थोड़ा अधिक बताया। कहा, जम्मू-कश्मीर का अपना झंडा, अपना संविधान और अवशिष्ट शक्तियां थीं। अब सीएम मेयर की तरह होगा। ऐसे में जो विधायक सच बोलेगा, वह शक्तिहीन होगा। अरविंद केजरीवाल को देखिए, वह आप समझ सकते हैं, एक मुस्लिम बहुल केंद्र शासित प्रदेश का मुख्यमंत्री कितना शक्तिहीन होगा।
विज्ञापन
इल्तिजा ने राजनीति में तब कदम रखा जब 2019 में अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद उनकी मां हिरासत में थीं और यह उनका पहला चुनावी मैदान होगा। उन्होंने कहा, अभी मेरी प्राथमिकता मेरा अभियान है। मैं लोगों को यह विश्वास दिलाना चाहता हूं कि मैं उनके लिए सही प्रतिनिधि क्यों हूं। मेरे लिए सीएम बनना बिल्कुल भी महत्वपूर्ण नहीं है। मैं बहुत छोटी हूं, यह बहुत हास्यास्पद लगता है।
नेकां-कांग्रेस गठबंधन पर इल्तिजा ने कहा, एकता समय की जरूरत है और यह महत्वपूर्ण है कि हम सभी एक साथ आगे बढ़ें लेकिन राजनीति में यह हमेशा संभव नहीं है। अगर दो पार्टियां एक साथ आती हैं, तो यह उनके लिए अच्छा है।
यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार गठन के लिए संख्या कम होने पर पीडीपी नेकां-कांग्रेस गठबंधन का समर्थन करेगी। उन्होंने कहा कि इस पर टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी। उन्होंने कहा, इसके अलावा वह विधायक के लिए चुनाव लड़ रही हैं। वह पार्टी अध्यक्ष नहीं हैं।बेहतर होगा कि आप यह बात महबूबा मुफ्ती से पूछें।
विज्ञापन
मुफ्ती परिवार की तीसरी पीढ़ी इल्तिजा पीडीपी के गढ़ श्रीगुफवारा-बिजबिहाड़ा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रही हैं। इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व उनकी मां महबूबा मुफ्ती और उनके दादा मुफ्ती मोहम्मद सईद कर चुके हैं।
विज्ञापन
इल्तिजा ने कहा कि उनकी पार्टी चुनाव लड़ेगी ताकि भाजपा के लिए जमीन न छोड़े, न कि सत्ता या संख्या के खेल के लिए। उन्होंने जम्मू-कश्मीर की वर्तमान स्थिति को नगर पालिका से थोड़ा अधिक बताया। कहा, जम्मू-कश्मीर का अपना झंडा, अपना संविधान और अवशिष्ट शक्तियां थीं। अब सीएम मेयर की तरह होगा। ऐसे में जो विधायक सच बोलेगा, वह शक्तिहीन होगा। अरविंद केजरीवाल को देखिए, वह आप समझ सकते हैं, एक मुस्लिम बहुल केंद्र शासित प्रदेश का मुख्यमंत्री कितना शक्तिहीन होगा।
विज्ञापन
इल्तिजा ने राजनीति में तब कदम रखा जब 2019 में अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद उनकी मां हिरासत में थीं और यह उनका पहला चुनावी मैदान होगा। उन्होंने कहा, अभी मेरी प्राथमिकता मेरा अभियान है। मैं लोगों को यह विश्वास दिलाना चाहता हूं कि मैं उनके लिए सही प्रतिनिधि क्यों हूं। मेरे लिए सीएम बनना बिल्कुल भी महत्वपूर्ण नहीं है। मैं बहुत छोटी हूं, यह बहुत हास्यास्पद लगता है।
नेकां-कांग्रेस गठबंधन पर इल्तिजा ने कहा, एकता समय की जरूरत है और यह महत्वपूर्ण है कि हम सभी एक साथ आगे बढ़ें लेकिन राजनीति में यह हमेशा संभव नहीं है। अगर दो पार्टियां एक साथ आती हैं, तो यह उनके लिए अच्छा है।
यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार गठन के लिए संख्या कम होने पर पीडीपी नेकां-कांग्रेस गठबंधन का समर्थन करेगी। उन्होंने कहा कि इस पर टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी। उन्होंने कहा, इसके अलावा वह विधायक के लिए चुनाव लड़ रही हैं। वह पार्टी अध्यक्ष नहीं हैं।बेहतर होगा कि आप यह बात महबूबा मुफ्ती से पूछें।