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Jammu News: विदेशी दूतावासों के वरिष्ठ राजनयिकों को कश्मीर बुलाया, जानेंगे चुनाव प्रक्रिया
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श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में शांतिपूर्ण चल रहे चुनाव और पहले चरण के मतदान में 61 प्रतिशत से अधिक मतदान से विदेश मंत्रालय उत्साहित है। मंत्रालय ने मुख्य रूप से अमेरिकी, यूरोपीय और दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के संगठन (एसियान) के दूतावासों के वरिष्ठ राजनयिकों के एक समूह को चुनाव प्रक्रिया की प्रत्यक्ष जानकारी के लिए कश्मीर बुलाया है। राजनीतिक माहिर इस कदम को एक अच्छा प्रयास मान रहे हैं। उनका मानना है कि यह जी20 के बाद एक और पहल है कि जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कश्मीर के हवाले से भारत के पक्ष को और मजबूत किया जाए।
कश्मीर में राजनीतिक विशेषज्ञ इनायत अहमद ने कहा, देखा जाए तो यह पिछले अभ्यासों से हटकर है, क्योंकि जो पहले की सरकारें थीं वो किसी भी विदेशी या अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षक का जम्मू-कश्मीर आने को ''''थर्ड पार्टी इंटरफेरेंस'''' के रूप में देखते थे। बदलते हालातों में यहां जैसे पिछले साल जी20 का इवेंट हुआ, उसमें कई देशों ने अपने प्रतिनिधि भेजे। यह उसी सिलसिले में एक और पहल है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कश्मीर के हवाले से भारत के पक्ष को और मजबूत किया जाए।
सूत्रों के अनुसार विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली में कार्यरत चुनिंदा दूतावासों के लगभग 20 राजनयिकों को निमंत्रण दिया है। इनमें अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, सिंगापुर, फिलीपींस और मलेशिया शामिल हैं। अब तक 16 राजनयिकों ने निमंत्रण स्वीकार कर लिया है। उनके 25 सितंबर को दो दिवसीय दौरे पर कश्मीर पहुंचने की उम्मीद है।
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इनायत ने कहा, अगर इसमें देखा जाए तो इसमें ज़्यादातर वही देश हैं जिनके भारत के साथ मैत्रिक संबंध हैं। अमेरिका, फ्रांस, मलेशिया आदि जैसे मुल्कों से इन्होंने दूत बुलाए हैं, जो 25 सितंबर को आ रहे हैं और देखेंगे कि यहां किस तरह से निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से चुनाव प्रक्रिया करवाई जाती है। इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहले जो सवाल उठते थे कि यहां के चुनाव पहले से तय होते हैं या निष्पक्ष नहीं होते, उस पर अंकुश लगा सकेगा।
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कश्मीर में राजनीतिक विशेषज्ञ इनायत अहमद ने कहा, देखा जाए तो यह पिछले अभ्यासों से हटकर है, क्योंकि जो पहले की सरकारें थीं वो किसी भी विदेशी या अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षक का जम्मू-कश्मीर आने को ''''थर्ड पार्टी इंटरफेरेंस'''' के रूप में देखते थे। बदलते हालातों में यहां जैसे पिछले साल जी20 का इवेंट हुआ, उसमें कई देशों ने अपने प्रतिनिधि भेजे। यह उसी सिलसिले में एक और पहल है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कश्मीर के हवाले से भारत के पक्ष को और मजबूत किया जाए।
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सूत्रों के अनुसार विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली में कार्यरत चुनिंदा दूतावासों के लगभग 20 राजनयिकों को निमंत्रण दिया है। इनमें अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, सिंगापुर, फिलीपींस और मलेशिया शामिल हैं। अब तक 16 राजनयिकों ने निमंत्रण स्वीकार कर लिया है। उनके 25 सितंबर को दो दिवसीय दौरे पर कश्मीर पहुंचने की उम्मीद है।
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इनायत ने कहा, अगर इसमें देखा जाए तो इसमें ज़्यादातर वही देश हैं जिनके भारत के साथ मैत्रिक संबंध हैं। अमेरिका, फ्रांस, मलेशिया आदि जैसे मुल्कों से इन्होंने दूत बुलाए हैं, जो 25 सितंबर को आ रहे हैं और देखेंगे कि यहां किस तरह से निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से चुनाव प्रक्रिया करवाई जाती है। इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहले जो सवाल उठते थे कि यहां के चुनाव पहले से तय होते हैं या निष्पक्ष नहीं होते, उस पर अंकुश लगा सकेगा।