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Jammu News: इमारत के अभाव में खुले आसमान के तले पढ़ाई करने को मजबूर छात्र
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कुलगाम। जिले के यारीपोरा बेल्ट के बेबराडा इलाके के सरकारी प्राइमरी स्कूल में छात्र उचित भवन के अभाव में खुले आसमान के नीचे पढ़ने को मजबूर हैं। जानकारी के अनुसार स्कूल में 27 छात्र और 2 शिक्षक हैं। 1984 में स्थापित यह स्कूल शुरू में किराए की इमारत में संचालित होता था। इसके मालिकों ने संरचना को असुरक्षित माना और तोड़ दिया। पिछले दो वर्षों से स्कूल एक घर के आंगन में चल रहा है, जिससे छात्रों को कक्षा या शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं के बिना रहना पड़ रहा है।
एक स्थानीय निवासी ने बताया कि दो साल पहले उपराज्यपाल कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद तहसीलदार को नई इमारत के लिए भूमि की पहचान करने के निर्देश हुए। इस मुद्दे को सुलझाने के लिए दो बार दौरा किया गया, लेकिन कुछ स्थानीय लोगों के विरोध के कारण प्रगति रुक गई और शिकायत को बिना समाधान के बंद कर दिया गया।
गुलाम रसूल वानी ने कहा, सरकार छात्रों के बारे में सोचे। समस्या का समाधान करे। अभिभावक सयार अहमद ने कहा, ठंड में हमारे बच्चे बाहर पढ़ रहे हैं। उनके पास शौचालय भी नहीं है। स्कूल के एक छात्र अर्शिद अहमद शेख ने कहा कि स्कूल के लिए इमारत दी जाए।
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जल्द मुद्दा हल करेंगे
यारीपोरा के जेडईओ मंजूर अहमद ने बताया कि उन्होंने पहले ही उच्च अधिकारियों के साथ इस मुद्दे को उठाया है। भूमि चिह्नित की गई है लेकिन यह स्कूल भवन के निर्माण के लिए अपर्याप्त है। उन्होंने कहा कि स्थानीय निवासी सहयोग नहीं कर रहे हैं और उन्होंने उनसे विभाग का समर्थन करने का आग्रह किया। जेडईओ ने कहा, हमने स्कूल को दूसरे स्कूल में विलय करने पर भी विचार किया लेकिन निकटतम स्कूल की दूरी बहुत अधिक है। उम्मीद है कि यह मुद्दा जल्द ही हल हो जाएगा।
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एक स्थानीय निवासी ने बताया कि दो साल पहले उपराज्यपाल कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद तहसीलदार को नई इमारत के लिए भूमि की पहचान करने के निर्देश हुए। इस मुद्दे को सुलझाने के लिए दो बार दौरा किया गया, लेकिन कुछ स्थानीय लोगों के विरोध के कारण प्रगति रुक गई और शिकायत को बिना समाधान के बंद कर दिया गया।
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गुलाम रसूल वानी ने कहा, सरकार छात्रों के बारे में सोचे। समस्या का समाधान करे। अभिभावक सयार अहमद ने कहा, ठंड में हमारे बच्चे बाहर पढ़ रहे हैं। उनके पास शौचालय भी नहीं है। स्कूल के एक छात्र अर्शिद अहमद शेख ने कहा कि स्कूल के लिए इमारत दी जाए।
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जल्द मुद्दा हल करेंगे
यारीपोरा के जेडईओ मंजूर अहमद ने बताया कि उन्होंने पहले ही उच्च अधिकारियों के साथ इस मुद्दे को उठाया है। भूमि चिह्नित की गई है लेकिन यह स्कूल भवन के निर्माण के लिए अपर्याप्त है। उन्होंने कहा कि स्थानीय निवासी सहयोग नहीं कर रहे हैं और उन्होंने उनसे विभाग का समर्थन करने का आग्रह किया। जेडईओ ने कहा, हमने स्कूल को दूसरे स्कूल में विलय करने पर भी विचार किया लेकिन निकटतम स्कूल की दूरी बहुत अधिक है। उम्मीद है कि यह मुद्दा जल्द ही हल हो जाएगा।