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Jammu News: पुरमंडल में फायर ब्रिगेड की स्थायी तैनाती की जाए
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पुरमंडल। पुरमंडल क्षेत्र ऐतिहासिक स्थल होने के साथ-साथ पहाड़ी और घने जंगलों से घिरा हुआ इलाका है। हर वर्ष गर्मियों के मौसम में यहां आग लगने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। आग पर समय रहते काबू पाने के लिए अग्निशमन दल और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां करीब 25 किलोमीटर या उससे भी अधिक दूरी से बुलानी पड़ती हैं। इससे मौके पर पहुंचने में काफी देर हो जाती है और तब तक आग विकराल रूप धारण कर लेती है।
हाल ही में थाना दिवस के उपलक्ष्य पर आयोजित पुलिस–पब्लिक मीटिंग में भी स्थानीय निवासी गोविंद राम शर्मा, हेम राज, रशीद मोहम्मद, अनिल शर्मा आदि ने पुरमंडल में स्थायी रूप से फायर ब्रिगेड की गाड़ी उपलब्ध करवाने की मांग को दोबारा जोरदार तरीके से उठाया। लोगों का कहना है कि पिछली गर्मियों में किसानों की फसलें और आसपास के जंगलों में लगी आग ने भीषण रूप ले लिया था। यदि समय रहते आग पर काबू पा लिया जाता तो जंगलों का लाखों रुपये मूल्य का हरा-भरा वन क्षेत्र राख होने से बच सकता था।
ऐतिहासिक धरोहर और जंगलों का क्षेत्र
स्थानीय लोगों ने बताया कि पुरमंडल एक ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व का स्थल है, जिसे उत्तर भारत का छोटा काशी भी कहा जाता है। यहां वर्ष भर श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है। पहाड़ी क्षेत्र और घना जंगल होने के कारण गर्मियों में तापमान बढ़ते ही सूखी घास और झाड़ियों में आग लगने की आशंका बढ़ जाती है।
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ग्रामीणों का कहना है कि जंगलों में लगी आग न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि वन्य जीवों के लिए भी खतरा बन जाती है। कई बार आग खेतों तक पहुंचकर किसानों की खड़ी फसलों को भी नुकसान पहुंचा देती है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ती है।
फायर ब्रिगेड की स्थायी व्यवस्था की मांग
लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पुरमंडल जैसे संवेदनशील और ऐतिहासिक क्षेत्र में स्थायी रूप से फायर ब्रिगेड की गाड़ी और कर्मचारियों की तैनाती की जाए, ताकि आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई हो सके। उनका कहना है कि यदि स्थानीय स्तर पर अग्निशमन की व्यवस्था होगी तो आग की घटनाओं पर प्रारंभिक चरण में ही नियंत्रण पाया जा सकेगा और बड़े नुकसान से बचाव संभव होगा।
ग्रामीणों ने यह भी चेतावनी दी कि यदि समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले समय में बड़ी जन-धन हानि से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने प्रशासन से जल्द ठोस कदम उठाने की अपील की है, ताकि पुरमंडल की ऐतिहासिक धरोहर, जंगल और किसानों की आजीविका सुरक्षित रह सके।
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हाल ही में थाना दिवस के उपलक्ष्य पर आयोजित पुलिस–पब्लिक मीटिंग में भी स्थानीय निवासी गोविंद राम शर्मा, हेम राज, रशीद मोहम्मद, अनिल शर्मा आदि ने पुरमंडल में स्थायी रूप से फायर ब्रिगेड की गाड़ी उपलब्ध करवाने की मांग को दोबारा जोरदार तरीके से उठाया। लोगों का कहना है कि पिछली गर्मियों में किसानों की फसलें और आसपास के जंगलों में लगी आग ने भीषण रूप ले लिया था। यदि समय रहते आग पर काबू पा लिया जाता तो जंगलों का लाखों रुपये मूल्य का हरा-भरा वन क्षेत्र राख होने से बच सकता था।
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ऐतिहासिक धरोहर और जंगलों का क्षेत्र
स्थानीय लोगों ने बताया कि पुरमंडल एक ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व का स्थल है, जिसे उत्तर भारत का छोटा काशी भी कहा जाता है। यहां वर्ष भर श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है। पहाड़ी क्षेत्र और घना जंगल होने के कारण गर्मियों में तापमान बढ़ते ही सूखी घास और झाड़ियों में आग लगने की आशंका बढ़ जाती है।
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ग्रामीणों का कहना है कि जंगलों में लगी आग न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि वन्य जीवों के लिए भी खतरा बन जाती है। कई बार आग खेतों तक पहुंचकर किसानों की खड़ी फसलों को भी नुकसान पहुंचा देती है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ती है।
फायर ब्रिगेड की स्थायी व्यवस्था की मांग
लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पुरमंडल जैसे संवेदनशील और ऐतिहासिक क्षेत्र में स्थायी रूप से फायर ब्रिगेड की गाड़ी और कर्मचारियों की तैनाती की जाए, ताकि आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई हो सके। उनका कहना है कि यदि स्थानीय स्तर पर अग्निशमन की व्यवस्था होगी तो आग की घटनाओं पर प्रारंभिक चरण में ही नियंत्रण पाया जा सकेगा और बड़े नुकसान से बचाव संभव होगा।
ग्रामीणों ने यह भी चेतावनी दी कि यदि समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले समय में बड़ी जन-धन हानि से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने प्रशासन से जल्द ठोस कदम उठाने की अपील की है, ताकि पुरमंडल की ऐतिहासिक धरोहर, जंगल और किसानों की आजीविका सुरक्षित रह सके।