{"_id":"698ce7097126d46cf40fea2a","slug":"jammu-kashmir-news-samba-news-c-398-1-pmd1001-508-2026-02-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: सरकारी राशन के लिए 14 किमी करना पड़ रहा पैदल सफर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: सरकारी राशन के लिए 14 किमी करना पड़ रहा पैदल सफर
Thu, 12 Feb 2026 02:01 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Thu, 12 Feb 2026 02:01 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वितरण व्यवस्था पर सवाल, राशन डिपो की सुविधा उपलब्ध करवाने की मांग
पुरमंडल ब्लॉक के गांवों में डिपो नहीं, बुजुर्गों-महिलाओं और बच्चों को भारी परेशानी
पुरमंडल। पुरमंडल ब्लॉक के कई गांवों में सरकारी राशन वितरण व्यवस्था बदहाल बनी हुई है। ग्रामीणों को आरोप है कि उन्हें सरकारी राशन प्राप्त करने के लिए 14 किलोमीटर तक पैदल सफर करना पड़ता है। इस लंबी दूरी के कारण राशन लाना ग्रामीणों के लिए एक बड़ी समस्या बन गया है। खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और स्कूली बच्चों को इसका सबसे अधिक खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि राशन लेने के लिए सुबह घर से निकलना पड़ता है और पूरा दिन इसी में निकल जाता है। कई बार लंबी कतारों और समय की कमी के कारण खाली हाथ लौटना पड़ता है। मुफ्त मिलने वाला सरकारी राशन भी उन्हें अतिरिक्त खर्च, मेहनत और समय लगाने के बाद ही मिल पाता है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार कई गांवों में राशन डिपो नहीं होने के कारण उन्हें दूर स्थित डिपो पर निर्भर रहना पड़ता है। रास्ते कठिन होने और परिवहन सुविधा न होने से महिलाओं और बुजुर्गों के लिए राशन ढोना बेहद मुश्किल हो जाता है। कई परिवारों को बच्चों को स्कूल से छुट्टी दिलाकर राशन लाने भेजना पड़ता है, जिससे उनकी पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने कहा कि पुरमंडल क्षेत्र के पचौली दियोंन फड़याली, करतीन तालेड, राजुल, पाड़ल डेगेड खोड़ी खड़ कथार गांवों में राशन डिपो खोला जाना चाहिए। मगर वर्षों बीतने के बावजूद इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लोगों ने मांग की है कि या तो गांव स्तर पर ही राशन डिपो खोले जाएं या फिर महीने में कम से कम एक दिन गांव में राशन वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
ग्रामीणों ने खाद्य आपूर्ति विभाग और जिला प्रशासन से समस्या का समाधान करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते इस गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं दिया तो उन्हें मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।
विज्ञापन
पुरमंडल ब्लॉक के गांवों में डिपो नहीं, बुजुर्गों-महिलाओं और बच्चों को भारी परेशानी
पुरमंडल। पुरमंडल ब्लॉक के कई गांवों में सरकारी राशन वितरण व्यवस्था बदहाल बनी हुई है। ग्रामीणों को आरोप है कि उन्हें सरकारी राशन प्राप्त करने के लिए 14 किलोमीटर तक पैदल सफर करना पड़ता है। इस लंबी दूरी के कारण राशन लाना ग्रामीणों के लिए एक बड़ी समस्या बन गया है। खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और स्कूली बच्चों को इसका सबसे अधिक खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि राशन लेने के लिए सुबह घर से निकलना पड़ता है और पूरा दिन इसी में निकल जाता है। कई बार लंबी कतारों और समय की कमी के कारण खाली हाथ लौटना पड़ता है। मुफ्त मिलने वाला सरकारी राशन भी उन्हें अतिरिक्त खर्च, मेहनत और समय लगाने के बाद ही मिल पाता है।
विज्ञापन
स्थानीय निवासियों के अनुसार कई गांवों में राशन डिपो नहीं होने के कारण उन्हें दूर स्थित डिपो पर निर्भर रहना पड़ता है। रास्ते कठिन होने और परिवहन सुविधा न होने से महिलाओं और बुजुर्गों के लिए राशन ढोना बेहद मुश्किल हो जाता है। कई परिवारों को बच्चों को स्कूल से छुट्टी दिलाकर राशन लाने भेजना पड़ता है, जिससे उनकी पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने कहा कि पुरमंडल क्षेत्र के पचौली दियोंन फड़याली, करतीन तालेड, राजुल, पाड़ल डेगेड खोड़ी खड़ कथार गांवों में राशन डिपो खोला जाना चाहिए। मगर वर्षों बीतने के बावजूद इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लोगों ने मांग की है कि या तो गांव स्तर पर ही राशन डिपो खोले जाएं या फिर महीने में कम से कम एक दिन गांव में राशन वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
ग्रामीणों ने खाद्य आपूर्ति विभाग और जिला प्रशासन से समस्या का समाधान करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते इस गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं दिया तो उन्हें मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।