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Jammu News: उद्योगपतियों ने समग्र लॉजिस्टिक्स पॉलिसी बनाने की मांग की
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बाड़ी ब्राह्मणा। बाड़ी ब्राह्मणा इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (बीबीआईए) के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को राज्य के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के कमिश्नर सचिव विक्रमजीत सिंह से मुलाकात कर उद्योगों के विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत व रचनात्मक चर्चा की। एसोसिएशन के अध्यक्ष तरुण सिंघला की अगुवाई में हुई वार्ता में प्रतिनिधिमंडल ने प्रस्तावित औद्योगिक नीति में मौजूदा इकाइयों की चुनौतियों का समुचित समाधान करने पर जोर दिया।
कमिश्नर सचिव ने आश्वासन दिया कि औद्योगिक नीति का मसौदा उद्योगपतियों व हितधारकों के सुझावों के लिए साझा किया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल ने जम्मू-कश्मीर के भौगोलिक नुकसान, ऊंचे परिवहन खर्च, सीमित स्थानीय बाजार और अतिरिक्त किराया बोझ को ध्यान में रखकर समग्र लॉजिस्टिक्स पॉलिसी बनाने की मांग की। साथ ही नए सेंट्रल सेक्टर स्कीम के तहत लंबित ऐसी इकाइयों जिनका वाणिज्यिक उत्पादन शुरू हो चुका है, उनके तत्काल समाधान पर भी चर्चा हुई। कमिश्नर सचिव ने वास्तविक स्थिति से सरकार को अवगत बताया और कहा कि सच्ची लंबित इकाइयों को उचित रूप से स्थान दिया जाएगा।
बैठक में एसजीएसटी, सीजीएसटी और आईजीएसटी की प्रतिपूर्ति, गतिविधि बदलने व विविधीकरण के लिए अनुमति, निर्धारित अवधि के लिए प्रोत्साहनों की निरंतरता, टर्नओवर प्रोत्साहन में वृद्धि तथा समयानुकूल रूप से निर्गम सुनिश्चित करने जैसे विषय भी उठाए गए। विक्रमजीत सिंह ने प्रतिनिधिमंडल की सभी चिंताएं ध्यान से सुनी और मौजूदा उद्योगों के लिए सकारात्मक तथा सहायक रुख दर्शाया। उन्होंने शीघ्र समय-सीमा में प्रगति की समीक्षा के लिए औद्योगिक प्रतिनिधियों और अन्य हितधारकों के साथ नियमित बातचीत व गहन सत्र आयोजित करने का वादा किया।
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तरुण सिंघला ने कमिश्नर सचिव के सकारात्मक और उद्योग अनुकूल रुख की सराहना की तथा कहा कि सरकार और उद्योग के बीच नियमित संवाद से जम्मू-कश्मीर में औद्योगिक तंत्र मजबूत होगा और मौजूदा उद्योगों को आवश्यक सहारा मिलेगा।
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कमिश्नर सचिव ने आश्वासन दिया कि औद्योगिक नीति का मसौदा उद्योगपतियों व हितधारकों के सुझावों के लिए साझा किया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल ने जम्मू-कश्मीर के भौगोलिक नुकसान, ऊंचे परिवहन खर्च, सीमित स्थानीय बाजार और अतिरिक्त किराया बोझ को ध्यान में रखकर समग्र लॉजिस्टिक्स पॉलिसी बनाने की मांग की। साथ ही नए सेंट्रल सेक्टर स्कीम के तहत लंबित ऐसी इकाइयों जिनका वाणिज्यिक उत्पादन शुरू हो चुका है, उनके तत्काल समाधान पर भी चर्चा हुई। कमिश्नर सचिव ने वास्तविक स्थिति से सरकार को अवगत बताया और कहा कि सच्ची लंबित इकाइयों को उचित रूप से स्थान दिया जाएगा।
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बैठक में एसजीएसटी, सीजीएसटी और आईजीएसटी की प्रतिपूर्ति, गतिविधि बदलने व विविधीकरण के लिए अनुमति, निर्धारित अवधि के लिए प्रोत्साहनों की निरंतरता, टर्नओवर प्रोत्साहन में वृद्धि तथा समयानुकूल रूप से निर्गम सुनिश्चित करने जैसे विषय भी उठाए गए। विक्रमजीत सिंह ने प्रतिनिधिमंडल की सभी चिंताएं ध्यान से सुनी और मौजूदा उद्योगों के लिए सकारात्मक तथा सहायक रुख दर्शाया। उन्होंने शीघ्र समय-सीमा में प्रगति की समीक्षा के लिए औद्योगिक प्रतिनिधियों और अन्य हितधारकों के साथ नियमित बातचीत व गहन सत्र आयोजित करने का वादा किया।
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तरुण सिंघला ने कमिश्नर सचिव के सकारात्मक और उद्योग अनुकूल रुख की सराहना की तथा कहा कि सरकार और उद्योग के बीच नियमित संवाद से जम्मू-कश्मीर में औद्योगिक तंत्र मजबूत होगा और मौजूदा उद्योगों को आवश्यक सहारा मिलेगा।